3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

भजन संहिता 56

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

एक आदमी था। उसका नाम दाऊद था। दाऊद डरा हुआ था। बहुत डरा हुआ था।

कुछ लोग उसके पीछे पड़े थे। वे दिन भर उसे सताते थे। वे उसे चोट पहुँचाना चाहते थे। दाऊद अकेला था। वे बहुत सारे थे।

दाऊद का दिल ज़ोर से धड़कता था। उसकी आँखों में आँसू आते थे। रात को वह सो नहीं पाता था।

पर दाऊद एक काम जानता था। वह परमेश्वर से बात कर सकता था।

उसने कहा, "हे परमेश्वर, मुझ पर दया कर।" बहुत धीरे से उसने यह कहा। और फिर ज़ोर से भी।

इसका मतलब क्या है?

दाऊद ने सोचा, "जब मुझे डर लगेगा, तब मैं क्या करूँगा?" उसने खुद ही जवाब दिया। "मैं परमेश्वर पर भरोसा रखूँगा।"

देखो, डर आया। पर डर अकेला नहीं रहा। भरोसा भी आया। दोनों साथ-साथ।

दाऊद ने सोचा, परमेश्वर मुझे देखते हैं। जब मैं इधर-उधर भागता हूँ, थक जाता हूँ, डरता हूँ, परमेश्वर वह सब देखते हैं।

उसने कहा, "तू मेरे आँसुओं को अपनी कुप्पी में रख ले।" एक छोटी सी बोतल। उसमें आँसू। परमेश्वर हर एक आँसू को याद रखते हैं। कोई आँसू खोता नहीं है।

समान सूत्र

दाऊद अकेला ऐसा नहीं था जो डरा हुआ था। यीशु मसीह भी एक रात बहुत उदास थे। वे भी रोए थे।

पर यीशु ने भी परमेश्वर की ओर देखा। और परमेश्वर ने उनकी सुनी।

परमेश्वर हर बच्चे के आँसू जानते हैं। आपके भी। मेरे भी। वे कभी भूलते नहीं।

तुम्हारे लिए

क्या तुम कभी डर जाते हो? अंधेरे से? या अकेलेपन से?

दाऊद जैसा करो। धीरे से कहो, "हे परमेश्वर, मुझ पर दया कर।"

और फिर याद रखो, परमेश्वर तुम्हें देखते हैं। आपका हर आँसू वे जानते हैं।

दाऊद ने कहा, "मैं न डरूँगा।" क्योंकि परमेश्वर उसके साथ थे। परमेश्वर तुम्हारे साथ भी हैं।

बातचीत के लिए:

तुम्हें कब डर लगता है?

जब तुम रोते हो, तो परमेश्वर क्या करते हैं?

साथ में प्रार्थना

हे परमेश्वर, कभी-कभी मुझे डर लगता है। पर आप मेरे साथ हैं। मेरे आँसू आप जानते हैं। धन्यवाद कि मैं न डरूँ। आमीन।

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भजन संहिता 56 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

भजन संहिता 56 किस विषय में है?
एक आदमी था। उसका नाम दाऊद था। दाऊद डरा हुआ था। बहुत डरा हुआ था।
भजन संहिता 56 क्या कहता है?
उसने कहा, "हे परमेश्वर, मुझ पर दया कर।" बहुत धीरे से उसने यह कहा। और फिर ज़ोर से भी।
भजन संहिता 56 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
दाऊद ने सोचा, परमेश्वर मुझे देखते हैं। जब मैं इधर-उधर भागता हूँ, थक जाता हूँ, डरता हूँ, परमेश्वर वह सब देखते हैं।
नन्हे बच्चे भजन संहिता 56 से क्या सीख सकते हैं?
पर यीशु ने भी परमेश्वर की ओर देखा। और परमेश्वर ने उनकी सुनी।
भजन संहिता 56 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
और फिर याद रखो, परमेश्वर तुम्हें देखते हैं। आपका हर आँसू वे जानते हैं।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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