3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

प्रकाशितवाक्य 22

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

बाइबल क्या कहती है?

यूहन्ना ने एक सपना देखा। बहुत सुंदर सपना।

उसने एक नदी देखी। पानी बिल्कुल साफ़, जैसे काँच।

यह नदी परमेश्वर के सिंहासन से बहती थी।

वह शहर के बीचों-बीच से होकर बहती थी।

नदी के इस पार एक पेड़ था। नदी के उस पार भी एक पेड़ था।

यह जीवन का पेड़ था।

उस पेड़ पर फल लगे थे। बहुत सारे फल, बारह तरह के।

हर महीने नए फल आते थे। हर महीने, फिर से।

उस पेड़ के पत्तों से लोग ठीक हो जाते थे।

वहाँ कोई रात नहीं थी। कभी अंधेरा नहीं होता था।

सूरज की भी ज़रूरत नहीं थी।

क्योंकि परमेश्वर खुद उजियाला देते थे। बहुत गर्म, बहुत सुंदर उजियाला।

इसका क्या मतलब है?

यूहन्ना यह सब देखकर बहुत खुश हुआ।

वह इतना खुश हुआ कि झुककर गिर पड़ा। स्वर्गदूत के पाँवों पर।

पर स्वर्गदूत ने जल्दी से कहा, “ऐसा मत करो।”

“मैं भी तुम्हारे जैसा एक दास हूँ।”

“परमेश्वर की आराधना करो, मेरी नहीं।”

फिर एक आवाज़ आई। यीशु की आवाज़।

“देखो,” यीशु ने कहा, “मैं जल्दी आऊँगा।”

यह सुनकर यूहन्ना का दिल गर्म हो गया।

एक जैसी बात

यीशु ने कहा, “मैं पहला हूँ, मैं आख़िरी हूँ।”

वे शुरू में थे। वे आख़िर में भी होंगे।

जब यीशु आएँगे, तब कोई श्राप नहीं रहेगा।

कोई आँसू नहीं होंगे। कोई अंधेरा नहीं होगा।

सब लोग उनका मुँह देखेंगे। पास से, बहुत पास से।

उनका नाम हमारे माथे पर लिखा होगा। जैसे प्यार का निशान।

तुम्हारे लिए

यीशु कहते हैं, “जो प्यासा हो, वह आए।”

“जो चाहे, वह जीवन का जल मुफ़्त ले।”

तुम भी आ सकते हो। बिल्कुल मुफ़्त, कुछ देना नहीं।

सोचो, जब बहुत गर्मी हो और तुम बहुत प्यासे हो।

तब तुम्हें ठंडा पानी कितना अच्छा लगता है।

यीशु के पास आना भी वैसा ही है।

बस उनके पास जाओ। वे तुम्हें पानी देंगे।

बात करें

अगर तुम बहुत प्यासे होते, तो तुम क्या करते?

तुम्हें कौन सी जगह सबसे सुंदर और शांत लगती है?

चलो प्रार्थना करें

प्रभु यीशु,

आप जल्दी आने वाले हैं।

हम आपका इंतज़ार करते हैं।

हमें अपना जीवन का जल दीजिए।

आमीन।

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प्रकाशितवाक्य 22 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

प्रकाशितवाक्य 22 किस विषय में है?
क्योंकि परमेश्वर खुद उजियाला देते थे। बहुत गर्म, बहुत सुंदर उजियाला।
प्रकाशितवाक्य 22 क्या कहता है?
वह इतना खुश हुआ कि झुककर गिर पड़ा। स्वर्गदूत के पाँवों पर।
प्रकाशितवाक्य 22 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
उनका नाम हमारे माथे पर लिखा होगा। जैसे प्यार का निशान।

थोड़े बड़े बच्चों के लिए कुछ ढूँढ रहे हैं?

हमारे पास प्राथमिक आयु (7-12) और किशोरों (12 और उससे ऊपर) के लिए भी विशेष संस्करण हैं।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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