श्रेष्ठगीत 7
नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
व्याख्या
सुबह हो रही थी। बहुत जल्दी सुबह।
आसमान अभी हल्का हल्का गुलाबी था। घास पर ओस की छोटी छोटी बूँदें थीं। ठंडी, गीली बूँदें। कहीं दूर एक पक्षी गा रहा था।
एक आदमी था। और एक स्त्री थी। वे दोनों एक दूसरे से बहुत प्रेम करते थे।
आदमी ने स्त्री को देखा। और देखा। और मुस्कुराया।
फिर उसने कहा, "तू कितनी सुन्दर है!"
और वह बोलता ही रहा। "तेरे बाल सुन्दर हैं। तेरी आँखें सुन्दर हैं। तू खजूर के पेड़ जैसी लम्बी और शानदार है। तेरी साँस से सेबों की मीठी सुगन्ध आती है।"
स्त्री सुनती रही। और सुनती रही। उसका मन खुशी से भर गया।
फिर उसने धीरे से कहा, "मैं अपने प्रेमी की हूँ।"
और तब उसने कहा, "आ! चल, हम बाहर चलें। खेतों में। गाँवों में। चल, हम अंगूर की बारी देखने चलें।"
इसका क्या अर्थ है?
तो वे दोनों बाहर चल दिए। साथ साथ।
वे अंगूर की बेलों के पास गए। उन्होंने झुककर देखा। क्या बेल पर नई कलियाँ आई हैं? हाँ! छोटी छोटी हरी कलियाँ।
और अनार के पेड़? क्या उस पर फूल खिले हैं? हाँ! लाल लाल फूल।
चारों तरफ मीठी सुगन्ध थी। फलों की सुगन्ध। स्त्री ने कहा, "देख, मैंने तेरे लिए सबसे अच्छे फल रख छोड़े हैं। नए भी और पुराने भी। सब तेरे लिए।"
यह गीत बाइबल में लिखा है। परमेश्वर ने इसे लिखवाया। क्योंकि परमेश्वर खुश होते हैं, जब लोग एक दूसरे से प्रेम करते हैं। और जब वे एक दूसरे से सुन्दर बातें कहते हैं। सुन्दर बातें मीठे फल जैसी होती हैं। वे मन को गरम और खुश कर देती हैं।
जोड़ने वाला धागा
और जानते हो? परमेश्वर भी तुम्हें देखते हैं।
प्रभु यीशु तुमसे बहुत प्रेम करते हैं। बहुत बहुत। वे तुम्हें देखकर कहते हैं, "तुम मेरे लिए बहुत कीमती हो।"
वे कभी नहीं भूलते। वे कभी थकते नहीं। हर सुबह, नई ओस के साथ, उनका प्रेम वहीं होता है।
तुम्हारे लिए
आज तुम भी किसी को एक सुन्दर बात कह सकते हो।
माँ से। पापा से। अपने भाई या बहन से।
कहो, "मुझे तुम बहुत अच्छे लगते हो।" देखो, उनका चेहरा कैसे मुस्कुराता है।
और फिर बाहर जाओ। एक फूल देखो। उसे सूँघो। और कहो, "धन्यवाद, परमेश्वर।"
बातचीत करो
तुम्हें सबसे अच्छा फल कौन सा लगता है? उसकी सुगन्ध कैसी है?
आज तुम किसको एक सुन्दर बात कहना चाहते हो?
मिलकर प्रार्थना
प्रिय परमेश्वर,
धन्यवाद, फूलों के लिए। धन्यवाद, मीठे फलों के लिए।
धन्यवाद, कि आप मुझसे प्रेम करते हैं।
मुझे भी सुन्दर बातें कहना सिखाइए।
आमीन।
श्रेष्ठगीत 7 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
श्रेष्ठगीत 7 किस विषय में है?
श्रेष्ठगीत 7 क्या कहता है?
श्रेष्ठगीत 7 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
नन्हे बच्चे श्रेष्ठगीत 7 से क्या सीख सकते हैं?
श्रेष्ठगीत 7 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
नये और पुराने भी, जो, हे मेरे प्रेमी, मैंने तेरे लिये रख छोड़े हैं।" प्रेम का सबसे कोमल रूप यही है, किसी के लिए कुछ बचाकर रखना। न सिर्फ आज की ताज़ा खुशी, बल्कि बरसों से सँभाली हुई बातें भी। सोचो, तुम्हारे जीवन में परमेश्वर के लिए क्या रखा है? या जो बचता है, वही उसे मिलता है?
हे मेरे प्रेमी, आ, हम खेतों में निकल चलें और गाँवों में रात बिताएँ।" प्रेमिका बुलाती है, पर किसी ऊँची जगह नहीं, बस खुले खेतों और छोटे गाँवों में। प्यार को महँगी जगहें नहीं, साथ बिताया गया बिना जल्दबाजी का समय चाहिए। सोचो, जिनसे तुम प्रेम करते हो, क्या तुमने उन्हें आख़िरी बार कब कहा था, चलो, कहीं चलें?
तेरा पेट गेहूँ का ढेर है जिसके चारों ओर सोसन फूल हों।" प्रेमी अपनी प्रिया की सुंदरता को खेत और फसल की भाषा में कहता है, ऐसी सुंदरता जो सिर्फ देखने की नहीं, जीवन देने वाली है। ध्यान दे, उसकी बात कितनी खास और ठोस है, कोई ठंडी तारीफ नहीं। तू जिनसे प्रेम करता है, क्या तूने कभी उन्हें इतने साफ शब्दों में बताया कि वे तेरे लिए क्या हैं? बहुत से दिल इसी एक वाक्य के इंतज़ार में सूख जाते हैं।
तेरी दोनों छातियाँ मृग के जुड़वे बच्चों के समान हैं।" दूल्हा अपनी दुल्हन की सुंदरता के लिए हिरण के नन्हे बच्चों की उपमा चुनता है, कुछ कोमल, नाज़ुक, जिसे थामने के लिए हाथ नरम होने चाहिए। परमेश्वर ने अपने वचन में ऐसी बातों के लिए जगह रखी, क्योंकि प्रेम केवल महसूस करने की चीज़ नहीं, कहने की भी चीज़ है। जिससे तू प्रेम करता है, क्या उसने आखिरी बार कब तेरे मुँह से सुना कि वह तेरी नज़रों में सुंदर है?
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