श्रेष्ठगीत 5
किशोर (13 वर्ष और उससे बड़े) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
The Explanation
गीत में एक सपने जैसा दृश्य है। प्रेमिका सोई हुई है, पर उसका मन जाग रहा है। रात के किसी पहर में उसका प्रेमी द्वार खटखटाता है। वह बुलाता है, उसकी आवाज़ में प्रेम है, उसके बाल ओस से भीगे हैं, वह बाहर काफी देर से खड़ा रहा है। पर वह महिला सुस्ती दिखाती है। वह कहती है, मैं कपड़े उतार चुकी हूँ, पाँव धो चुकी हूँ, अब उठकर क्यों मैला करूँ? यह एक छोटी सी झिझक है, पर उसकी कीमत बड़ी निकलती है।
जब तक वह आलस छोड़कर उठती है, द्वार खोलती है, तब तक प्रेमी जा चुका होता है। वह उसे ढूँढ़ती है, पुकारती है, पर कोई उत्तर नहीं मिलता। और इस खोज में उसे चोट लगती है, नगर के पहरेदार उसे मारते हैं, उसकी चद्दर छीन लेते हैं। प्रेम ने उसे असुरक्षित जगहों तक पहुँचा दिया है।
फिर वह यरूशलेम की स्त्रियों से विनती करती है, अगर तुम्हें मेरा प्रेमी मिले तो कह देना मैं प्रेम में रोगी हूँ। वे पूछती हैं, तेरा प्रेमी औरों से कैसे अलग है? और उसका उत्तर एक लंबी, विस्तृत प्रशंसा बन जाता है, सिर से पाँव तक, उसकी आँखें, होंठ, हाथ, पूरा व्यक्तित्व। वह कहती है, यही मेरा प्रेमी और यही मेरा मित्र है।
What Does This Mean?
यह अध्याय प्रेम की दो सच्चाइयाँ एक साथ दिखाता है, जो शायद तुमने भी महसूस की हों। पहली, प्रेम में चूक जाना आसान है। एक पल की सुस्ती, एक पल की आत्म-केंद्रितता, एक सोच कि "अभी असुविधा नहीं चाहिए", और वह पल निकल जाता है जो वापस नहीं आता। दूसरी, सच्चा प्रेम तलाश करने से नहीं डरता, भले उसकी कीमत चोट हो।
यह पाठ रोमांटिक कविता से कहीं ज़्यादा गहरा है। यह बताता है कि प्रेम आरामदायक चीज़ नहीं है। यह माँगता है, जगाता है, कभी असुविधाजनक समय पर दस्तक देता है। और जब हम उसे टाल देते हैं, तो नुकसान होता है। यह अनुभव तुम्हारी ज़िंदगी से बहुत दूर नहीं है, किसी रिश्ते में, किसी दोस्ती में, या परमेश्वर के साथ अपने रिश्ते में भी तुमने शायद यही महसूस किया हो। वह पुकारता है, और हम कहते हैं "थोड़ी देर बाद", और फिर वह पल चला जाता है।
The Common Thread
बाइबल की पूरी कहानी में परमेश्वर वह है जो द्वार खटखटाता है। यीशु मसीह स्वयं कहते हैं, "देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूँ, यदि कोई मेरा शब्द सुनकर द्वार खोले, तो मैं उसके पास अंदर आऊँगा" (प्रकाशितवाक्य 3:20)। यह वही तस्वीर है जो इस अध्याय में भी दिखती है, पर यहाँ उत्तर देर से आता है।
यह हमारे और परमेश्वर के रिश्ते की सच्ची तस्वीर है। वे बुलाते हैं, और हम अक्सर देर कर देते हैं, सुविधा चुनते हैं, आराम चुनते हैं। और जब हम आख़िरकार जवाब देने उठते हैं, तब तक लगता है कि वे चले गए हैं। पर बाइबल की बड़ी कहानी यह भी कहती है कि परमेश्वर उस खोज में साथ देते हैं जो हम शुरू करते हैं, भले वह खोज हमें चोट पहुँचाए। प्रेमिका घायल होती है, फिर भी वह ढूँढ़ना नहीं छोड़ती। उसका प्रेम इतना गहरा है कि वह दूसरों को भी उसकी प्रशंसा सुनाने लगती है। यही विश्वास की यात्रा है, नुकसान सहकर भी, शंका के बीच भी, उस प्रेमी की तलाश करते रहना जिसे हम पूरी तरह समझ नहीं पाते, पर जिसे छोड़ नहीं सकते।
For You
तुम्हारी ज़िंदगी में भी ऐसे पल आते होंगे जब परमेश्वर किसी तरह दस्तक देते हैं, किसी बातचीत से, किसी प्रार्थना की इच्छा से, किसी अपराधबोध या किसी गहरी चाहत से, और तुम सोचते हो "अभी नहीं, बाद में।" यह सुस्ती निर्दोष लगती है, पर यह अध्याय दिखाता है कि देर करने की कीमत होती है। शायद तुमने इसे किसी रिश्ते में भी महसूस किया हो, किसी के साथ ईमानदार होने से बचना, किसी पुकार को अनसुना करना, और फिर पछताना।
यह पाठ तुम्हें शर्मिंदा करने के लिए नहीं है, बल्कि जगाने के लिए है। सवाल यह नहीं कि तुमने कभी ग़लती की या नहीं, बल्कि यह कि जब तुम्हें अपनी चूक दिखे, तब क्या तुम उठकर ढूँढ़ने निकलोगे, भले उसमें असुविधा हो, भले उसमें चोट लगने का ख़तरा हो? और जब तुम परमेश्वर के बारे में बात करते हो, तुम्हारी ज़बान पर क्या शब्द होंगे? सतही, उबाऊ शब्द, या वह गहरी, विस्तृत प्रशंसा जो इस स्त्री के मुँह से निकलती है, क्योंकि वह सच में जानती है कि वह किससे प्रेम करती है।
Talk About It
क्या तुम्हारी ज़िंदगी में कोई ऐसा पल आया है जब तुमने परमेश्वर की पुकार को "बाद में" कहकर टाल दिया? उसके बाद क्या हुआ?
प्रेमिका को चोट लगती है फिर भी वह ढूँढ़ना नहीं छोड़ती। क्या तुम्हारा विश्वास इतना गहरा है कि वह मुश्किलों के बावजूद बना रहे?
Praying Together
प्रभु, हम मानते हैं कि आप अक्सर हमारे जीवन के द्वार खटखटाते हैं, और हम सुविधा चुनकर आपको टाल देते हैं। हमें वह साहस दीजिए जो उठकर द्वार खोले, भले उसकी कीमत चुकानी पड़े। हमारे दिल में वह गहरी चाहत जगाइए जो आपको ढूँढ़ने से न थके। आमीन।
श्रेष्ठगीत 5 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
श्रेष्ठगीत 5 किस विषय में है?
श्रेष्ठगीत 5 क्या कहता है?
श्रेष्ठगीत 5 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
किशोर श्रेष्ठगीत 5 से क्या सीख सकते हैं?
श्रेष्ठगीत 5 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
वह उसे ढूँढ़ती फिरी, रात में पहरुओं ने उसे मारा, और फिर भी उसके मुँह से यही निकला, "उसका रूप लबानोन और देवदारों के समान उत्तम है।" घाव अभी ताज़े थे, पर प्रशंसा कम नहीं हुई। जब मसीह दूर लगे, तब तेरे होठों पर क्या आता है? शिकायत, या उसकी सुंदरता का बखान? सच्चा प्रेम अंधेरे में भी उसे उत्तम कहता है।
वह उठी तो देर हो चुकी थी, पर किवाड़ की मूठ पर गन्धरस लगा था। उसका प्रेमी आया था, उसने दरवाज़े को छुआ था, और अपनी महक छोड़ गया था।
कभी तुम्हें भी लगता होगा कि तुमने परमेश्वर की दस्तक सुनकर भी उठने में देर कर दी। पर ध्यान से देखो, उसके आने के निशान अब भी तुम्हारे हाथों पर हैं। वह चुपचाप आया था, और तुम्हें प्यार करता रहा, तब भी जब तुम उठ न सके।
वह बिस्तर में थी, आराम में थी, और दरवाज़ा खोलने में देर कर रही थी। तब "मेरे प्रेमी ने छेद से अपना हाथ बढ़ाया, और मेरा मन उसके लिये उमड़ उठा।" उसने ज़बरदस्ती दरवाज़ा नहीं तोड़ा, बस हाथ बढ़ाया। परमेश्वर भी ऐसे ही करता है। पर जब वह उठी, तो वह जा चुका था। आज तेरे मन पर वह हाथ कहाँ लगा है? देर मत कर।
जब दूसरी स्त्रियों ने पूछा कि तेरा प्रेमी औरों से बढ़कर क्यों है, तब वह अभी-अभी रात में भटककर, पहरुओं से पिटकर लौटी थी। और उसी हालत में उसके मुँह से निकला, "मेरा प्रेमी गोरा और लाल सा है, वह दस हज़ार में उत्तम है।" घाव खाकर भी वह उसकी बड़ाई कर सकी। तेरी चोट तेरी गवाही को चुप करा देती है, या और गहरा कर देती है?
छोटे बच्चों के लिए कुछ ढूँढ रहे हैं?
हमारे पास छोटे बच्चों (3 से 5 वर्ष) और प्राथमिक आयु (6 से 12 वर्ष) के लिए अलग संस्करण भी हैं।
बच्चों की बाइबल टूल में खोलें