उत्पत्ति 15:15
पाठ
अब्राम गहरी नींद में पड़ा है, चारों ओर घना अंधकार और एक अनजाना भय छाया हुआ है, और परमेश्वर उसे चार सौ वर्ष की दासता का भविष्य सुना रहे हैं। उसी लंबे, कठोर भविष्यवाणी-वाक्य के बीच अचानक आवाज़ रुकती है और अब्राम की ओर मुड़ती है: "तू तो अपने पितरों में कुशल के साथ मिल जाएगा; तुझे पूरे बुढ़ापे में मिट्टी दी जाएगी।" यानी, तेरे वंश को मिस्र की ईंटें ढोनी पड़ेंगी, पर तू स्वयं शांति से मरेगा, पके हुए बुढ़ापे में, और तुझे ठीक से दफनाया जाएगा। एक वचन जो न चमत्कार का वादा करता है, न बच निकलने का, केवल एक शांत अंत का।
मर्म
ध्यान दीजिए परमेश्वर ने क्या नहीं कहा। उन्होंने यह नहीं कहा कि अब्राम कनान को अपने हाथों में लेगा, या अपने वंश को तारों जैसा फैलता देखेगा। उन्होंने कहा: तू शांति से मरेगा। वाचा का दायरा अब्राम की उम्र से कहीं बड़ा है, और परमेश्वर इसे छिपाते नहीं। यहाँ इब्रानी शब्द है शालोम, कुशल, जो केवल "कोई तकलीफ़ नहीं" नहीं, बल्कि "सब कुछ अपनी जगह पर" है। अब्राम उस पूर्णता में प्रवेश करेगा जिसे वह अपनी आँखों से देख नहीं पाएगा। यह विश्वास की सबसे कठोर और सबसे मुक्त करने वाली बात है: परमेश्वर का काम हमारी जीवन-रेखा पर नहीं टिका। हम बीज बोते हैं और कब्र में उतर जाते हैं, और वे फसल काटते हैं। कुशल का अर्थ यही है कि हमें सब कुछ पूरा होते देखना ज़रूरी नहीं, क्योंकि पूरा करने वाले वे हैं।
मुख्य सूत्र
अब्राम की कब्र उस कहानी का अंत नहीं है, वह उसका पहला पत्थर है। वाचा जो यहाँ बाँधी जाती है, पीढ़ियों के ऊपर से चलती है: मिस्र की दासता, निर्गमन, कनान, दाऊद, निर्वासन, और अंत में एक और वंशज जो उसी भूमि में क्रूस पर चढ़ाया जाएगा। और यही अंतर भी है। अब्राम से कहा गया, तू पूरे बुढ़ापे में मिट्टी में जाएगा; यीशु मसीह युवावस्था में, हिंसा के साथ, बिना किसी "कुशल" के मरे। जो मृत्यु अब्राम को वरदान की तरह दी गई, वह मसीह से छीन ली गई। और इसी अदला-बदली में से वह शांति निकलती है जिसकी ओर यह वचन इशारा भर करता है। अब्राम शालोम में मिट्टी हुआ; मसीह अशांति में मरे, ताकि हमारी मिट्टी भी बीज बन जाए।
दर्पण
आप शायद ऐसे काम में लगे हैं जो आपके जीते जी पूरा नहीं होगा। एक बच्चा जिसे आप रोज़ प्रार्थना में उठाते हैं और जो अभी भी दूर खड़ा है। एक मण्डली जिसे आप सालों से सँभाल रहे हैं और जो अब भी छोटी है। एक रिश्ता जिसमें आपने बीस साल से क्षमा बोई है और फसल का कोई चिह्न नहीं। हमारे भीतर एक ज़िद है कि हम परिणाम देखकर ही मरना चाहते हैं, जैसे अधूरा छोड़ा हुआ काम हमारी हार हो। यह वचन उस ज़िद को धीरे से तोड़ता है: परमेश्वर की समय-सारणी आपकी मृत्यु-तिथि पर नहीं रुकती। आज एक काम कीजिए: एक कागज़ पर वह एक चीज़ लिखिए जो शायद आपके जीवनकाल में पूरी नहीं होगी, और उसके नीचे लिखिए, "यह आपके हाथ में है," फिर उसे ज़ोर से पढ़कर प्रार्थना कर दीजिए।
अंतर्पाठ
उत्पत्ति 25 में यह वचन शब्दशः पूरा होता है: अब्राहम भले बुढ़ापे में, तृप्त होकर मरता है और इसहाक तथा इश्माएल उसे मकपेला की गुफ़ा में दफनाते हैं, उसी गुफ़ा में जो कनान की सारी भूमि में से उसके पास एकमात्र टुकड़ा थी। जिस देश का वादा यहाँ अध्याय 15 के अंत में किया गया है, उसमें उसे केवल एक कब्र मिली। दूसरी ओर इब्रानियों 11 उन सब विश्वासियों की बात करता है जो वादा पाए बिना, दूर से उसे देखकर मरे, और उन्हें शर्मिंदा नहीं बल्कि परदेशी कहा गया है। यही दो आवाज़ें मिलकर बताती हैं कि अधूरी मृत्यु अविश्वास का प्रमाण नहीं, बल्कि विश्वास की सामान्य शक्ल है।
विवरण
"पितरों में मिल जाएगा" वाक्यांश पर ठहरिए। अब्राम के पितर ऊर और हारान में दफ़न थे, सैकड़ों मील दूर, और वह उनके पास नहीं मिलाया जाएगा; उसकी हड्डियाँ कनान में रहेंगी। तो यह केवल पारिवारिक कब्रिस्तान की बात नहीं हो सकती। इब्रानी भाषा में यह मुहावरा दफ़नाने से अलग, एक अलग क्रिया है, और यहाँ दोनों बातें अलग-अलग कही गई हैं: पहले मिलाया जाना, फिर मिट्टी दिया जाना। बाइबल के इस शुरुआती हिस्से में मृत्यु के पार का कोई विस्तृत चित्र नहीं है, पर यह मुहावरा एक दरार छोड़ता है जिसमें से रोशनी आती है। मरना अब्राम के लिए मिट जाना नहीं, किसी के पास पहुँचना है।
प्रश्न
फिर भी एक काँटा बचा रहता है। परमेश्वर अब्राम को शांति का वादा देते हैं और उसी साँस में उसके वंशजों के लिए चार सौ वर्ष की दासता तय करते हैं। पिता चैन से सोएगा, पोते-परपोते ईंटों के नीचे कराहेंगे। क्या यह न्याय है? पाठ इसका उत्तर नहीं देता, वह केवल साथ-साथ दोनों बातें रख देता है, और अगला वचन एक और परेशान करने वाली बात जोड़ता है: देरी इसलिए है क्योंकि एमोरियों का अधर्म अभी पूरा नहीं हुआ। यानी परमेश्वर का धैर्य, जो किसी और को समय देता है, अब्राम के वंश के लिए दुःख बन जाता है। यहाँ कोई साफ़-सुथरा समाधान नहीं। केवल यह कि जो परमेश्वर अंधकार में आग बनकर टुकड़ों के बीच से गुज़रे, वे उस दासता से बाहर भी निकालेंगे।
चिंतन
आपके जीवन का कौन-सा काम आपके बाद किसी और के हाथों में पूरा होगा, और क्या आप उसे अधूरा छोड़ने के लिए सचमुच तैयार हैं?
यदि "कुशल के साथ मिल जाना" आपकी मृत्यु के बारे में कहा जाता, तो आज की ज़िंदगी में क्या बदलना पड़ेगा?
Genesis में और गहराई से जानें
चुनी हुई पुस्तकें जो इस बाइबल पुस्तक को और गहराई से समझाती हैं।
A beloved compact classic that opens up Genesis with warmth and precision.
Walks through creation, fall and flood and shows why these chapters still matter.
Abraham to Joseph: the promises of God traced through one family.
Genesis: Beginning and Blessing
Warm expository chapters that preach Genesis into everyday life.
Faith.network earns a small commission on Kobo purchases made through these links, at no extra cost to you. It helps keep the studies free.
Genesis 15:15 के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इस बाइबल अंश के बारे में सामान्य प्रश्नों के त्वरित उत्तर।
उत्पत्ति 15:15 का क्या अर्थ है?
उत्पत्ति 15:15 किस विषय में है?
उत्पत्ति 15:15 का ऐतिहासिक संदर्भ क्या है?
उत्पत्ति 15:15 हमें परमेश्वर के स्वभाव के बारे में क्या सिखाता है?
उत्पत्ति 15:15 आज भी कैसे प्रासंगिक है?
Genesis 15 पर समुदाय क्या साझा करता है
इस अंश पर पाठकों और संपादकीय टीम से अंतर्दृष्टि, प्रार्थनाएँ और धन्यवाद।
पिता, आपने अब्राम से वादा किया तो एक एक नाम गिनाया, कुछ भी अधूरा नहीं छोड़ा। मेरी ज़िंदगी के छोटे छोटे कोने भी आपकी नज़र में हैं। जहाँ मुझे सब धुंधला लगता है, वहाँ आप पहले से जानते हैं। मुझे इंतज़ार करना सिखाइए, भरोसे के साथ।
इस अंश को किसी और स्तर पर देखें
शुरुआती, धर्मशास्त्री, या कोई अलग लंबाई? सेटिंग्स बदलें और अपना संस्करण बनाएँ।
अध्ययन टूल में खोलें