बाइबल व्याख्या

न्यायियों 13:5

बाइबल
यह वचन Masiha Ministry द्वारा समर्पित है

पाठ

स्वर्गदूत उस बाँझ स्त्री से कहता है: तू गर्भवती होगी, तेरे बेटा होगा, और उस बेटे के सिर पर कभी छुरा न फिरे। कारण साफ है, यह बच्चा माँ के गर्भ से ही परमेश्वर का नाज़ीर है, अर्थात् अलग किया हुआ, समर्पित। और उसका काम भी पहले से तय है: "इस्राएलियों को पलिश्तियों के हाथ से छुड़ाने में वही हाथ लगाएगा।" ध्यान दें, यह वचन बच्चे के जन्म से पहले ही उसका नाम, उसकी जीवनशैली और उसका मिशन तीनों निर्धारित कर देता है। माँ-बाप से कुछ पूछा नहीं गया; उन्हें बताया गया।

मर्म

इस एक पद में परमेश्वर के अनुग्रह का सबसे चुभने वाला रूप दिखता है। पहला पद कहता है कि इस्राएल ने "फिर यहोवा की दृष्टि में बुरा किया" और चालीस वर्ष दासत्व भोगा। न्यायियों की किताब में आमतौर पर लोग दुहाई देते हैं, तब परमेश्वर छुड़ानेवाला भेजते हैं। यहाँ वह दुहाई गायब है। कोई पश्चाताप नहीं, कोई पुकार नहीं, फिर भी परमेश्वर एक बाँझ कोख के पास आकर उद्धार की योजना शुरू करते हैं। यही वाचा की वफ़ादारी है: परमेश्वर अपने लोगों से इसलिए बँधे नहीं हैं कि वे अच्छे हैं, बल्कि इसलिए कि वे अपने वचन के पक्के हैं। और वे उद्धार वहाँ से शुरू करते हैं जहाँ मनुष्य के पास देने को कुछ नहीं, एक निःसंतान स्त्री की सूनी गोद। पवित्रता भी यहाँ मनुष्य का निर्णय नहीं, परमेश्वर का बुलावा है, जन्म से पहले ही रखा गया।

सूत्र

यह पद उस लय का हिस्सा है जो पूरे बाइबल में बार-बार बजती है: परमेश्वर बंद कोख से उद्धार शुरू करते हैं। सारा, हन्ना, और सदियों बाद इलीशिबा, सब वहीं खड़ी हैं जहाँ मानवीय संभावना समाप्त होती है। लूका 1 में स्वर्गदूत यूहन्ना के विषय में लगभग वही शब्द दोहराता है, दाखमधु से परहेज़ और माँ के गर्भ से ही अलग किया जाना; और उसके बाद मरियम को वही सुनाई देता है, "तू गर्भवती होगी"। शिमशोन इस श्रृंखला की एक कड़ी है, अंतिम कड़ी नहीं। जन्म से पहले नामित, समर्पित, और भेजा गया छुड़ानेवाला, यह ढाँचा मसीह की ओर इशारा करता है, जो नाज़री कहलाया और जिसका समर्पण बालों की लंबाई में नहीं, आज्ञाकारिता की गहराई में दिखा।

दर्पण

यह वचन उन जगहों पर हाथ रखता है जहाँ हम सबसे ज़्यादा नियंत्रण चाहते हैं। अपनी संतान पर, अपने शरीर पर, अपने भविष्य पर। मानोह और उसकी पत्नी से यह नहीं पूछा गया कि क्या वे नाज़ीर बेटा चाहते हैं; उन्हें बताया गया। और आपसे भी नहीं पूछा गया कि आपका बच्चा किस स्वभाव का होगा, आपका शरीर कब थकेगा, आपकी नौकरी कितने साल चलेगी। दूसरी ओर यह वचन उस खालीपन को भी छूता है जिसे आप किसी को नहीं बताते: निःसंतानता, अकेलापन, वह प्रार्थना जिसका जवाब बीस साल से नहीं आया। परमेश्वर ठीक उसी जगह से काम शुरू करते हैं।

आज यह करें: एक काग़ज़ पर उस व्यक्ति का नाम लिखें जिसका भविष्य आप सबसे ज़्यादा संभालना चाहते हैं, उसके नीचे लिखें "यह आपका है, मेरा नहीं", और वह वाक्य ज़ोर से प्रार्थना में कहें।

एक बारीकी

"छुड़ाने में वही हाथ लगाएगा।" इस वाक्य में जो क्रिया है, उसका इब्रानी मूल हाख़ेल है, जिसका अर्थ है "आरंभ करना"। स्वर्गदूत यह नहीं कहता कि शिमशोन इस्राएल को छुड़ा देगा; वह कहता है कि वह छुड़ाने की शुरुआत करेगा। यह चौंकाने वाला है। जन्म से पहले चुना हुआ, आत्मा से भरा, अद्भुत बल पाया हुआ यह व्यक्ति काम अधूरा छोड़ेगा, और परमेश्वर यह पहले से जानते हैं। इसीलिए शिमशोन की कहानी मंदिर के मलबे में और उसकी मौत में ख़त्म होती है, अधूरे उद्धार के रूप में। यह अधूरापन गलती नहीं, संकेत है। यह उस एक की प्रतीक्षा जगाता है जो क्रूस पर कहेगा, "पूरा हुआ"।

अंतर्पाठ

लूका 1 में यूहन्ना के जन्म की घोषणा इस पद की जुड़वाँ बहन है: वही बाँझपन, वही स्वर्गदूत, वही मदिरा से परहेज़, वही जन्म से पहले का समर्पण। फ़र्क़ यह है कि यूहन्ना अपने बारे में जानता था कि वह छुड़ानेवाला नहीं, बल्कि उसकी ओर इशारा करनेवाला है; शिमशोन यह कभी ठीक से नहीं समझ पाया। दूसरा गूँजता स्वर मत्ती 2:23 है, जहाँ यीशु के नासरत में बसने को "नाज़री कहलाएगा" से जोड़ा जाता है। शब्दों का यह खेल आकस्मिक नहीं: इस्राएल का सच्चा अलग किया हुआ जन वही है, जो बाल नहीं कटवाने के नियम से नहीं, बल्कि पिता की इच्छा के प्रति पूरी सौंपने से पवित्र ठहरा।

मुख्य पात्र

इस पद का असली मुख्य पात्र बोलनेवाला परमेश्वर है। ध्यान दें उनकी क्रियाएँ: वे आते हैं, बिना बुलाए; वे बोलते हैं, बिना शर्त; वे नियुक्त करते हैं, बिना अनुमति माँगे। न्यायियों के इस अंधेरे अध्याय में इस्राएल परमेश्वर को भूल चुका है, और परमेश्वर इस्राएल को नहीं भूले। यह परमेश्वर का स्वभाव खोलता है: वे अपने लोगों की योग्यता के आधार पर नहीं, अपनी वाचा के आधार पर काम करते हैं। और वे जोखिम उठाते हैं, एक अस्थिर, कामुक, आत्मकेंद्रित व्यक्ति को अपने उद्धार का औज़ार बनाकर। जो परमेश्वर टूटे औज़ार से काम करना जानते हैं, वही आपके साथ भी काम करेंगे।

चिंतन

आपके जीवन में कौन सा काम "अधूरा आरंभ" जैसा लगता है, और क्या आप उसे परमेश्वर के हाथ में अधूरा छोड़ने को तैयार हैं?

जब कोई पुकार नहीं रहा था तब परमेश्वर ने काम शुरू किया; इससे आपकी प्रार्थना के बारे में क्या बदलता है?

Judges में और गहराई से जानें

चुनी हुई पुस्तकें जो इस बाइबल पुस्तक को और गहराई से समझाती हैं।

Judges For You

Timothy Keller

Keller shows how this dark book shines light on grace for flawed people.

Judges: Such a Great Salvation

Dale Ralph Davis

Brings the judges to life without taming the rough edges of the text.

The Message of Judges

Michael Wilcock

Steady guidance through the darkest chapters of Israel's story.

Judges and Ruth: An Introduction and Commentary

Arthur Cundall

A trusted Tyndale commentary: compact, careful and clear on every passage.

Judges, Ruth

K. Lawson Younger

Explains what it meant then, and bridges it honestly to life now.

Faith.network earns a small commission on Kobo purchases made through these links, at no extra cost to you. It helps keep the studies free.

यह व्याख्या साझा करें

सुसमाचार फैलाने में मदद करें। यह व्याख्या किसी ऐसे व्यक्ति को भेजें जिसे इससे प्रोत्साहन मिल सके।

WhatsApp Email Facebook X / Twitter

Judges 13:5 के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस बाइबल अंश के बारे में सामान्य प्रश्नों के त्वरित उत्तर।

न्यायियों 13:5 का क्या अर्थ है?
स्वर्गदूत उस बाँझ स्त्री से कहता है: तू गर्भवती होगी, तेरे बेटा होगा, और उस बेटे के सिर पर कभी छुरा न फिरे। कारण साफ है, यह बच्चा माँ के गर्भ से ही परमेश्वर का नाज़ीर है, अर्थात् अलग किया हुआ, समर्पित। और उसका काम भी पहले से तय है: "इस्राएलियों को पलिश्तियों के हाथ से छुड़ाने में वही हाथ लगाएगा।" ध्यान दें, यह वचन बच्चे के जन्म से पहले ही उसका नाम, उसकी जीवनशैली और उसका मिशन तीनों निर्धारित कर देता है। माँ-बाप से कुछ पूछा नहीं गया; उन्हें बताया गया।
न्यायियों 13:5 किस विषय में है?
यह पद उस लय का हिस्सा है जो पूरे बाइबल में बार-बार बजती है: परमेश्वर बंद कोख से उद्धार शुरू करते हैं। सारा, हन्ना, और सदियों बाद इलीशिबा, सब वहीं खड़ी हैं जहाँ मानवीय संभावना समाप्त होती है। लूका 1 में स्वर्गदूत यूहन्ना के विषय में लगभग वही शब्द दोहराता है, दाखमधु से परहेज़ और माँ के गर्भ से ही अलग किया जाना; और उसके बाद मरियम को वही सुनाई देता है, "तू गर्भवती होगी"। शिमशोन इस श्रृंखला की एक कड़ी है, अंतिम कड़ी नहीं। जन्म से पहले नामित, समर्पित, और भेजा गया छुड़ानेवाला, यह ढाँचा मसीह की ओर इशारा करता है, जो नाज़री कहलाया और जिसका समर्पण बालों की लंबाई में नहीं, आज्ञाकारिता की गहराई में दिखा।
न्यायियों 13:5 का ऐतिहासिक संदर्भ क्या है?
आज यह करें: एक काग़ज़ पर उस व्यक्ति का नाम लिखें जिसका भविष्य आप सबसे ज़्यादा संभालना चाहते हैं, उसके नीचे लिखें "यह आपका है, मेरा नहीं", और वह वाक्य ज़ोर से प्रार्थना में कहें।
न्यायियों 13:5 हमें परमेश्वर के स्वभाव के बारे में क्या सिखाता है?
लूका 1 में यूहन्ना के जन्म की घोषणा इस पद की जुड़वाँ बहन है: वही बाँझपन, वही स्वर्गदूत, वही मदिरा से परहेज़, वही जन्म से पहले का समर्पण। फ़र्क़ यह है कि यूहन्ना अपने बारे में जानता था कि वह छुड़ानेवाला नहीं, बल्कि उसकी ओर इशारा करनेवाला है; शिमशोन यह कभी ठीक से नहीं समझ पाया। दूसरा गूँजता स्वर मत्ती 2:23 है, जहाँ यीशु के नासरत में बसने को "नाज़री कहलाएगा" से जोड़ा जाता है। शब्दों का यह खेल आकस्मिक नहीं: इस्राएल का सच्चा अलग किया हुआ जन वही है, जो बाल नहीं कटवाने के नियम से नहीं, बल्कि पिता की इच्छा के प्रति पूरी सौंपने से पवित्र ठहरा।
न्यायियों 13:5 आज भी कैसे प्रासंगिक है?
आपके जीवन में कौन सा काम "अधूरा आरंभ" जैसा लगता है, और क्या आप उसे परमेश्वर के हाथ में अधूरा छोड़ने को तैयार हैं?
हमारे साझेदारों के सहयोग से संभव

Judges 13 पर समुदाय क्या साझा करता है

इस अंश पर पाठकों और संपादकीय टीम से अंतर्दृष्टि, प्रार्थनाएँ और धन्यवाद।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 23

मानोह डर से काँप रहा था, "हम निश्चय मर जाएँगे।" पर उसकी पत्नी ने तर्क नहीं किया, उसने याद दिलाया: "यदि यहोवा हमें मार डालना चाहता, तो हमारे हाथ से होमबलि और अन्नबलि ग्रहण न करता।" परमेश्वर ने जो पहले किया, वही उसके इरादे का सबूत है। तेरे डर के समय भी यही सवाल पूछ: अब तक उसने तुझसे कैसा व्यवहार किया है?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 22

मानोह की पहली प्रतिक्रिया डर थी, खुशी नहीं: "हम निश्चय मर जाएँगे, क्योंकि हमने परमेश्वर को देखा है।" जिस क्षण परमेश्वर सबसे पास आया, उसी क्षण वह सबसे ज़्यादा डर गया। कभी कभी हमारे साथ भी यही होता है, उसकी पवित्रता हमें अपनी कमज़ोरी याद दिला देती है। पर ध्यान दे, वह आग में चढ़ गया, और मानोह जीवित रहा। जो तुझे मारने आता, वह तुझे बुलाने आया है।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 10

मनोह ने प्रार्थना की थी कि वह पुरुष फिर आए, पर परमेश्वर का दूत दोबारा भी उसी स्त्री के पास आया, खेत में, अकेले में। जिसका नाम तक दर्ज नहीं, वही दो बार देखी गई। और उसका पहला काम? "तब उस स्त्री ने फुर्ती से दौड़कर अपने पति को बताया।" वह दौड़ी। जो तुझे मिला है, क्या तू उसे अपने तक रोक रखता है?

धन्यवाद संपादकीय पर पद 20

आपका धन्यवाद कि जब वेदी पर से लौ आकाश की ओर उठी, तब आपने मानोह और उसकी पत्नी को अपनी महिमा दिखाई। धन्यवाद कि आप छिपे हुए परमेश्वर नहीं, बल्कि अपने आप को प्रकट करने वाले परमेश्वर हैं। हमारे मन भी आपके सामने मुँह के बल झुकना सीखें।

इस अंश को किसी और स्तर पर देखें

शुरुआती, धर्मशास्त्री, या कोई अलग लंबाई? सेटिंग्स बदलें और अपना संस्करण बनाएँ।

अध्ययन टूल में खोलें

अस्वीकरण: Faith.network बाइबल की व्याख्याएँ तैयार करने के लिए स्वचालित भाषा मॉडल का उपयोग करता है। हम धर्मशास्त्रीय दृष्टि से सही रहने का पूरा प्रयास करते हैं, फिर भी यह सॉफ़्टवेयर त्रुटि कर सकता है। इस साधन को अपने निजी बाइबल अध्ययन और कलीसिया के संगति जीवन का स्थान लेने वाला न समझें, बल्कि उनके सहायक के रूप में प्रयोग करें।

© 2026 Faith.Network. सर्वाधिकार सुरक्षित।

Faith.network एक सेवकाई है Faith.network · KvK 84972599 · connect@faith.network

कंपनी?