बाइबल व्याख्या

न्यायियों 9

बाइबल
यह अध्याय JL Group के सहयोग से संभव हुआ है

पाठ

ओप्रा के आँगन में एक पत्थर है, और उस एक ही पत्थर पर यरूब्बाल (गिदोन) के सत्तर बेटे एक-एक करके मारे जाते हैं; सबसे छोटा, योताम, छिपकर बच निकलता है। शेकेम के लोग उस हत्यारे भाई अबीमेलेक को बांज वृक्ष के नीचे राजा बनाते हैं, योताम गिरिज्जीम पहाड़ से वृक्षों की एक कहानी चिल्लाकर कहता है और भाग जाता है। तीन साल बाद परमेश्वर अबीमेलेक और शेकेम के बीच फूट डाल देते हैं, नगर जलकर नमक से ढँक दिया जाता है, और अबीमेलेक एक स्त्री के फेंके हुए चक्की के पाट से सिर फटवाकर मरता है।

मर्म

यह अध्याय परमेश्वर के बारे में एक असुविधाजनक बात कहता है: वे हर बार बिजली गिराकर न्याय नहीं करते, कभी-कभी वे केवल हाथ खींच लेते हैं और लोगों को अपनी ही महत्वाकांक्षा में सड़ने देते हैं। "तब परमेश्वर ने अबीमेलेक और शेकेम के मनुष्यों के बीच एक बुरी आत्मा भेज दी" यह वाक्य पाठक को चौंकाता है, परन्तु लेखक इसे छिपाता नहीं। जिस गठजोड़ को खून से बाँधा गया था, वह खून से ही टूटा। अध्याय का अंत दो बार "उनके सिर पर लौटा दिए" कहता है। यहाँ कोई उद्धारकर्ता न्यायी नहीं है, कोई प्रार्थना नहीं, कोई पश्चाताप नहीं; केवल परमेश्वर की धीमी, निश्चित तुलादंडी। अनुग्रह की अनुपस्थिति भी उपदेश है।

मुख्य सूत्र

इस्राएल को राजा चाहिए था, और यहाँ उसका पहला नमूना है: ऐसा आदमी जो अपने भाइयों की लाशों पर सिंहासन बनाता है। योताम की कहानी में जैतून, अंजीर और दाखलता, जो तेल, मिठास और दाखमधु देते हैं, राज करने से इनकार करते हैं; केवल झड़बेरी, काँटेदार और छायाहीन, तैयार है, और उसका एकमात्र उपहार आग है। बाइबल इस प्यास को बहुत बाद में उस राजा से तृप्त करती है जो न काँटे से आग लाता, बल्कि काँटों का मुकुट स्वयं पहनता है, और जो अपने भाइयों को मारकर नहीं, अपने आप को देकर राजा बनता है। गिदोन के घर का पत्थर और गुलगुता का क्रूस एक ही प्रश्न के दो उत्तर हैं: सत्ता किसके खून से खरीदी जाती है।

आईना

झड़बेरी की छाया में हम अक्सर खुशी से बैठ जाते हैं। शेकेम के लोगों का तर्क डरावना रूप से परिचित है: "अबीमेलेक तो हमारा भाई है।" वह भ्रष्ट है, पर हमारा है; वह निर्दयी है, पर हमारे पक्ष का है। यही तर्क हम कार्यस्थल पर उस बॉस के लिए गढ़ते हैं जिससे हमारा फायदा जुड़ा है, परिवार में उस रिश्तेदार के लिए जिसका रुतबा हमें ढाँपता है, कलीसिया में उस अगुवे के लिए जो हमारे गुट का है। हम सच्चाई को नहीं, सुरक्षा को चुनते हैं, और फिर हैरान होते हैं जब वही छाया आग बन जाती है। आज एक काम कीजिए: एक नाम कागज़ पर लिखिए जिसके गलत व्यवहार को आप केवल इसलिए सहते हैं क्योंकि उससे आपका लाभ जुड़ा है, और उस कागज़ को हाथ में रखकर परमेश्वर से कहिए कि आप क्या चुप्पी खरीद रहे हैं।

एक बारीकी

"उस पर नमक छिड़कवा दिया।" एक छोटा वाक्यांश, और सबसे ठंडा। नगर जीत लिया गया, लोग मारे गए, दीवारें ढा दी गईं; यह सब युद्ध में होता है। परन्तु नमक छिड़कना युद्ध नहीं, शाप है: यह घोषणा है कि यहाँ फिर कभी कुछ न उगे, कोई न बसे, कोई संतान यह न कहे कि मेरे पुरखे यहाँ के थे। अबीमेलेक अपने ही नाना की नगरी, अपनी माँ के लोगों की भूमि को बाँझ कर देता है। जो आदमी "मैं तुम्हारा हाड़ माँस हूँ" कहकर उठा था, वही अपने हाड़ माँस की मिट्टी में नमक बोता है। महत्वाकांक्षा अंत में अपनी ही जड़ काटती है।

मुख्य पात्र

अबीमेलेक के नाम का अर्थ ही है "मेरा पिता राजा है", और यही उसका घाव है। वह रखैल का बेटा था, सत्तर सगे भाइयों के बीच आधा-अपना, और उसकी पूरी कहानी उस अपमान की भरपाई है। वह मनाता नहीं, खरीदता है: मन्दिर से सत्तर टुकड़े रूपे, और "नीच और लुच्चे जन" जो उसके पीछे हो लिए। वह नेतृत्व नहीं करता, घात लगाता है; तीन बार वह रात में छिपकर बैठता है। और मरते समय उसकी चिंता घाव नहीं, इज़्ज़त है: "ऐसा न हो कि लोग मेरे विषय में कहने पाएँ, 'उसको एक स्त्री ने घात किया।'" जिसने सत्तर जानें ली थीं, वह अंत में भी अपनी छवि बचाने के लिए मरता है। असुरक्षा जब हथियार उठा लेती है, तो वह कभी संतुष्ट नहीं होती।

पृष्ठभूमि

न्यायियों का काल, लगभग बारहवीं सदी ईसा पूर्व, जब "इस्राएल में कोई राजा न था।" गिदोन ने मिद्यानियों से छुड़ाया था और राजा बनने से इनकार किया था, पर सत्तर बेटों का घराना और एक मूर्ति-जैसा एफोद पीछे छोड़ गया। शेकेम मिश्रित नगर था, जहाँ कनानी "शेकेम के पिता हमोर के लोग" और इस्राएली साथ रहते थे, और जहाँ बाल-बरीत, यानी "वाचा का बाल", का मन्दिर बैंक और राजनीतिक केंद्र दोनों था। इसी शेकेम में एक समय इस्राएल ने यहोवा के साथ वाचा बाँधी थी। यहाँ वाचा का पैसा हत्या का ठेका बनता है। गोत्रीय वफादारी सबसे बड़ी मुद्रा थी, और अबीमेलेक ने ठीक उसी मुद्रा से सिंहासन खरीदा।

चिंतन

किस व्यक्ति या व्यवस्था की "छाया" में आप आराम से बैठे हैं, यह जानते हुए कि उसकी जड़ में आग है?

योताम चिल्लाकर सच कहता है और फिर भाग जाता है, बेर में जाकर बस जाता है। आपके जीवन में सच बोलने के बाद का कौन-सा डर आपको लौटकर खड़े होने से रोकता है?

Judges में और गहराई से जानें

चुनी हुई पुस्तकें जो इस बाइबल पुस्तक को और गहराई से समझाती हैं।

Judges For You

Timothy Keller

Keller shows how this dark book shines light on grace for flawed people.

Judges: Such a Great Salvation

Dale Ralph Davis

Brings the judges to life without taming the rough edges of the text.

The Message of Judges

Michael Wilcock

Steady guidance through the darkest chapters of Israel's story.

Judges and Ruth: An Introduction and Commentary

Arthur Cundall

A trusted Tyndale commentary: compact, careful and clear on every passage.

Judges, Ruth

K. Lawson Younger

Explains what it meant then, and bridges it honestly to life now.

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Judges 9 के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस बाइबल अंश के बारे में सामान्य प्रश्नों के त्वरित उत्तर।

न्यायियों 9 का क्या अर्थ है?
ओप्रा के आँगन में एक पत्थर है, और उस एक ही पत्थर पर यरूब्बाल (गिदोन) के सत्तर बेटे एक-एक करके मारे जाते हैं; सबसे छोटा, योताम, छिपकर बच निकलता है। शेकेम के लोग उस हत्यारे भाई अबीमेलेक को बांज वृक्ष के नीचे राजा बनाते हैं, योताम गिरिज्जीम पहाड़ से वृक्षों की एक कहानी चिल्लाकर कहता है और भाग जाता है। तीन साल बाद परमेश्वर अबीमेलेक और शेकेम के बीच फूट डाल देते हैं, नगर जलकर नमक से ढँक दिया जाता है, और अबीमेलेक एक स्त्री के फेंके हुए चक्की के पाट से सिर फटवाकर मरता है।
न्यायियों 9 किस विषय में है?
इस्राएल को राजा चाहिए था, और यहाँ उसका पहला नमूना है: ऐसा आदमी जो अपने भाइयों की लाशों पर सिंहासन बनाता है। योताम की कहानी में जैतून, अंजीर और दाखलता, जो तेल, मिठास और दाखमधु देते हैं, राज करने से इनकार करते हैं; केवल झड़बेरी, काँटेदार और छायाहीन, तैयार है, और उसका एकमात्र उपहार आग है। बाइबल इस प्यास को बहुत बाद में उस राजा से तृप्त करती है जो न काँटे से आग लाता, बल्कि काँटों का मुकुट स्वयं पहनता है, और जो अपने भाइयों को मारकर नहीं, अपने आप को देकर राजा बनता है। गिदोन के घर का पत्थर और गुलगुता का क्रूस एक ही प्रश्न के दो उत्तर हैं: सत्ता किसके खून से खरीदी जाती है।
न्यायियों 9 का ऐतिहासिक संदर्भ क्या है?
"उस पर नमक छिड़कवा दिया।" एक छोटा वाक्यांश, और सबसे ठंडा। नगर जीत लिया गया, लोग मारे गए, दीवारें ढा दी गईं; यह सब युद्ध में होता है। परन्तु नमक छिड़कना युद्ध नहीं, शाप है: यह घोषणा है कि यहाँ फिर कभी कुछ न उगे, कोई न बसे, कोई संतान यह न कहे कि मेरे पुरखे यहाँ के थे। अबीमेलेक अपने ही नाना की नगरी, अपनी माँ के लोगों की भूमि को बाँझ कर देता है। जो आदमी "मैं तुम्हारा हाड़ माँस हूँ" कहकर उठा था, वही अपने हाड़ माँस की मिट्टी में नमक बोता है। महत्वाकांक्षा अंत में अपनी ही जड़ काटती है।
न्यायियों 9 हमें परमेश्वर के स्वभाव के बारे में क्या सिखाता है?
न्यायियों का काल, लगभग बारहवीं सदी ईसा पूर्व, जब "इस्राएल में कोई राजा न था।" गिदोन ने मिद्यानियों से छुड़ाया था और राजा बनने से इनकार किया था, पर सत्तर बेटों का घराना और एक मूर्ति-जैसा एफोद पीछे छोड़ गया। शेकेम मिश्रित नगर था, जहाँ कनानी "शेकेम के पिता हमोर के लोग" और इस्राएली साथ रहते थे, और जहाँ बाल-बरीत, यानी "वाचा का बाल", का मन्दिर बैंक और राजनीतिक केंद्र दोनों था। इसी शेकेम में एक समय इस्राएल ने यहोवा के साथ वाचा बाँधी थी। यहाँ वाचा का पैसा हत्या का ठेका बनता है। गोत्रीय वफादारी सबसे बड़ी मुद्रा थी, और अबीमेलेक ने ठीक उसी मुद्रा से सिंहासन खरीदा।
न्यायियों 9 आज भी कैसे प्रासंगिक है?
योताम चिल्लाकर सच कहता है और फिर भाग जाता है, बेर में जाकर बस जाता है। आपके जीवन में सच बोलने के बाद का कौन-सा डर आपको लौटकर खड़े होने से रोकता है?
हमारे साझेदारों के सहयोग से संभव

Judges 9 पर समुदाय क्या साझा करता है

इस अंश पर पाठकों और संपादकीय टीम से अंतर्दृष्टि, प्रार्थनाएँ और धन्यवाद।

प्रार्थना संपादकीय पर पद 51

पिता, जब डर चारों ओर से घेर लेता है, मैं भी किसी सुरक्षित जगह की तलाश में भागता हूँ। मुझे सिखा कि असली गढ़ तू ही है। तेरे भीतर आकर द्वार बंद कर लूँ और जान लूँ कि तू मुझे थामे हुए है। मेरे डर को अपनी शांति से बदल दे।

धन्यवाद संपादकीय पर पद 34

पिता, धन्यवाद कि जो घात रात के अँधेरे में लगाई जाती है, वह भी आपकी दृष्टि से छिपी नहीं। जब अबीमेलेक चार दलों में छिपकर बैठा था, तब भी आप जागते थे। आपका धन्यवाद कि हमारी रक्षा करनेवाला न ऊँघता है, न सोता है।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 44

शेकेम के लोगों ने ही अबीमेलेक को राजा बनाया था, और अब वही उनके नगर के फाटक पर खड़ा है, "अबीमेलेक उस दल समेत जो उसके संग था आगे बढ़कर नगर के फाटक में खड़ा हो गया।" जिसे उन्होंने सिर पर बिठाया, वही उनका निकलने का रास्ता रोक रहा है। जिस पाप को तू आज मन में जगह दे रहा है, सोच, कल वह तेरे दरवाज़े पर खड़ा होकर तुझे बाहर आने देगा या नहीं?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 39

गाल ने भीड़ के बीच बड़ी बड़ी बातें कही थीं, और जबूल ने उसे याद दिलाया। फिर लिखा है, "तब गाल शेकेम के निवासियों के आगे आगे निकलकर अबीमेलेक से लड़ा।" शब्द आसान थे, मैदान कठिन। जो बात हमने दूसरों को प्रभावित करने के लिए कही, वही एक दिन हमें परखने के लिए सामने खड़ी हो जाती है। तेरी कौन सी बात अभी परीक्षा की प्रतीक्षा कर रही है?

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