बाइबल व्याख्या

मत्ती 1:5

बाइबल
यह वचन Church of North India CNI द्वारा समर्पित है

पाठ

एक ही वाक्य में तीन पीढ़ियाँ बीत जाती हैं: "सलमोन और राहाब से बोअज उत्पन्न हुआ, और बोअज और रूत से ओबेद उत्पन्न हुआ, और ओबेद से यिशै उत्पन्न हुआ।" पढ़ने में यह सूची का एक साधारण कदम है, दो कड़ियाँ आगे और बस। पर मत्ती यहाँ कुछ ऐसा कर रहे हैं जो वंशावलियों में सामान्य नहीं था: वे दो स्त्रियों के नाम लिख देते हैं, और दोनों इस्राएल की नहीं हैं। राहाब यरीहो की थी, रूत मोआब की। इनके बीच से यिशै तक की रेखा खिंचती है, और अगले ही पद में वह रेखा राजा दाऊद पर पहुँचती है। यानी इस्राएल के सबसे बड़े राजा के परदादा की माँ एक मोआबी विधवा थी, और उसकी सास की जगह पर एक कनानी स्त्री खड़ी है।

मर्म

रूत 4 की वंशावली भी यही रास्ता चलती है, पर वहाँ राहाब का नाम नहीं है; पुराने नियम में कहीं नहीं लिखा कि राहाब सलमोन की पत्नी थी। मत्ती जानबूझकर उसे भीतर खींच लाते हैं, उस स्त्री को जिसे यहोशू की पुस्तक बार-बार "वेश्या" कहकर पुकारती है, और जिसने यरीहो के गिरने से पहले अपने घर की खिड़की पर लाल रस्सी बाँधी थी। और रूत? व्यवस्थाविवरण की व्यवस्था कहती है कि मोआबी दसवीं पीढ़ी तक प्रभु की सभा में न आए। यहाँ चौथी पीढ़ी में उसका परपोता सिंहासन पर बैठता है। परमेश्वर अपनी ही सीमा-रेखा को अपनी दया से लाँघते हैं, और मसीह की देह उन्हीं लोगों के खून से बनती है जिन्हें धर्मी लोग बाहर रखते।

सूत्र

इन दो नामों के पीछे एक ही परमेश्वर की एक ही आदत दिखाई देती है: वे बाहर से लोगों को भीतर लाते हैं, और फिर उन्हीं के द्वारा भीतर वालों को बचाते हैं। अब्राहम को बुलाया गया था इसलिए कि उसके द्वारा पृथ्वी के सारे कुल आशीष पाएँ, और यह पद उस वादे का पहला ठोस चुकारा है: कनान की एक स्त्री और मोआब की एक स्त्री आशीष पाती हैं, और साथ ही आशीष की वाहक भी बन जाती हैं। यही रेखा आगे बढ़कर उस बालक तक पहुँचती है जिसके विषय में स्वर्गदूत कहता है, "वह अपने पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना, क्योंकि वह अपने लोगों का उनके पापों से उद्धार करेगा।" जो "अपने लोग" हैं, वे शुरू से ही मिली-जुली भीड़ थे। मसीह की वंशावली पहले से ही उस कलीसिया का नक्शा है जो हर जाति से बुलाई जाएगी।

दर्पण

हम सब के पास एक ऐसी सूची होती है जिसमें कुछ नाम हम मिटा देना चाहेंगे। वह रिश्तेदार जिसका ज़िक्र परिवार में नहीं होता। वे पाँच साल जिनके बारे में आप गवाही देते समय चुप रह जाते हैं। वह विवाह जो टूटा, वह नौकरी जो शर्म में छूटी, वह कर्ज़ जो किसी को नहीं बताया। हम अपनी कहानी को सम्मानजनक बनाकर परमेश्वर के सामने रखना चाहते हैं, मानो वे केवल साफ़ सामग्री से काम करते हों। यह पद उस चालाकी को तोड़ता है। मत्ती के पास राहाब का नाम छोड़ देने का पूरा मौका था; उन्होंने उसे लिखा। परमेश्वर आपकी शर्मिंदगी को छिपाकर नहीं, उसे अपनाकर उससे कुछ बनाते हैं। आज ही, दस मिनट के भीतर: अपनी डायरी या फ़ोन में वह एक नाम या वह एक घटना लिखिए जिसे आप अपनी गवाही से बाहर रखते हैं, और उसके नीचे लिखिए, "यह भी उस रेखा का हिस्सा है जिससे परमेश्वर मुझ तक पहुँचे।"

बारीकी

पूरी वंशावली एक यंत्र की तरह चलती है: "उत्पन्न हुआ, उत्पन्न हुआ, उत्पन्न हुआ।" पिता से पुत्र, बस। पर इसी पद में वह लय दो बार टूटती है, क्योंकि व्याकरण में एक और नाम घुस आता है: "सलमोन और राहाब से", "बोअज और रूत से"। यह छोटी-सी रुकावट ही सन्देश है। यहूदी वंशावलियाँ आमतौर पर स्त्रियों को गिनती नहीं थीं, इसलिए हर बार जब कोई स्त्री का नाम आता है, पाठक ठिठकता है। और ध्यान दीजिए कि इनमें से कोई भी नाम आदर्श गृहिणी का नहीं है; हर बार कोई न कोई असहज कहानी उसके साथ चली आती है। मत्ती चाहते हैं कि आप ठिठकें, ताकि पद 16 पर आते-आते जब एक और असहज सी लगने वाली स्त्री का नाम आए, मरियम का, तो आप चौंकें नहीं।

श्रोता

मत्ती जिनके लिए लिख रहे थे, वे मुख्यतः यहूदी विश्वासी थे, जो अब अपने ही समाज के किनारे धकेले जा रहे थे और जिनकी सभाओं में गैर-यहूदी लोग बढ़ते जा रहे थे। उनके लिए सबसे जलता हुआ प्रश्न यही था: क्या ये लोग सचमुच भीतर हैं? और क्या हम, जो आराधनालय से निकाल दिए गए, अब भी अब्राहम की सन्तान हैं? इस पद ने उनके कान में सीधा उत्तर डाला। यदि दाऊद की देह में यरीहो और मोआब का खून बहता था, तो गैर-यहूदी विश्वासी कोई देर से आया हुआ समझौता नहीं, बल्कि परमेश्वर की मूल योजना का हिस्सा हैं। और जिन्हें ताना दिया जाता था कि उनका मसीहा संदिग्ध जन्म का था, वे यह सुनकर सिर उठा सकते थे: यह वंश हमेशा से ऐसा ही रहा है।

पृष्ठभूमि

राहाब का समय इस्राएल के कनान में प्रवेश का है, लगभग चौदहवीं-तेरहवीं शताब्दी ईसा पूर्व, जब यरीहो की दीवार गिरी और एक विदेशी स्त्री ने अपने प्राणों के जोखिम पर जासूसों को छिपाया था। रूत का समय न्यायियों का है, अकाल, विस्थापन और असुरक्षा का दौर, जब स्त्री के लिए विधवा होना अक्सर भूख का दूसरा नाम था। बोअज़ का बेतलेहेम एक छोटा कस्बा था जहाँ ज़मीन, खानदान और इज़्ज़त एक-दूसरे से बँधे थे, और वहाँ एक मोआबी स्त्री से विवाह करना समाज की भौंहें चढ़ाने वाला काम था। मत्ती इन सदियों को एक वाक्य में समेट देते हैं, पर वह वाक्य इन्हीं जोखिमों, इसी शर्म और इसी करुणा पर टिका है।

मनन

मत्ती ने राहाब का नाम लिखने का जोखिम उठाया; आप अपनी कहानी का कौन-सा हिस्सा अब तक संपादित करते आए हैं, और किसके सामने?

आपकी मंडली में आज कौन "मोआबी" है, यानी कौन तकनीकी रूप से भीतर है पर व्यवहार में किनारे पर रखा जाता है?

Matthew में और गहराई से जानें

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Matthew For Everyone, Part 1

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Short, fresh readings that make Matthew feel newly written.

The Message of Matthew

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The King and his kingdom, traced through the whole Gospel.

Matthew: An Introduction and Commentary

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A trusted Tyndale commentary: compact, careful and clear on every passage.

Matthew

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The Message of the Sermon on the Mount

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Matthew 1:5 के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस बाइबल अंश के बारे में सामान्य प्रश्नों के त्वरित उत्तर।

मत्ती 1:5 का क्या अर्थ है?
एक ही वाक्य में तीन पीढ़ियाँ बीत जाती हैं: "सलमोन और राहाब से बोअज उत्पन्न हुआ, और बोअज और रूत से ओबेद उत्पन्न हुआ, और ओबेद से यिशै उत्पन्न हुआ।" पढ़ने में यह सूची का एक साधारण कदम है, दो कड़ियाँ आगे और बस। पर मत्ती यहाँ कुछ ऐसा कर रहे हैं जो वंशावलियों में सामान्य नहीं था: वे दो स्त्रियों के नाम लिख देते हैं, और दोनों इस्राएल की नहीं हैं। राहाब यरीहो की थी, रूत मोआब की। इनके बीच से यिशै तक की रेखा खिंचती है, और अगले ही पद में वह रेखा राजा दाऊद पर पहुँचती है। यानी इस्राएल के सबसे बड़े राजा के परदादा की माँ एक मोआबी विधवा थी, और उसकी सास की जगह पर एक कनानी स्त्री खड़ी है।
मत्ती 1:5 किस विषय में है?
इन दो नामों के पीछे एक ही परमेश्वर की एक ही आदत दिखाई देती है: वे बाहर से लोगों को भीतर लाते हैं, और फिर उन्हीं के द्वारा भीतर वालों को बचाते हैं। अब्राहम को बुलाया गया था इसलिए कि उसके द्वारा पृथ्वी के सारे कुल आशीष पाएँ, और यह पद उस वादे का पहला ठोस चुकारा है: कनान की एक स्त्री और मोआब की एक स्त्री आशीष पाती हैं, और साथ ही आशीष की वाहक भी बन जाती हैं। यही रेखा आगे बढ़कर उस बालक तक पहुँचती है जिसके विषय में स्वर्गदूत कहता है, "वह अपने पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना, क्योंकि वह अपने लोगों का उनके पापों से उद्धार करेगा।" जो "अपने लोग" हैं, वे शुरू से ही मिली-जुली भीड़ थे। मसीह की वंशावली पहले से ही उस कलीसिया का नक्शा है जो हर जाति से बुलाई जाएगी।
मत्ती 1:5 का ऐतिहासिक संदर्भ क्या है?
पूरी वंशावली एक यंत्र की तरह चलती है: "उत्पन्न हुआ, उत्पन्न हुआ, उत्पन्न हुआ।" पिता से पुत्र, बस। पर इसी पद में वह लय दो बार टूटती है, क्योंकि व्याकरण में एक और नाम घुस आता है: "सलमोन और राहाब से", "बोअज और रूत से"। यह छोटी-सी रुकावट ही सन्देश है। यहूदी वंशावलियाँ आमतौर पर स्त्रियों को गिनती नहीं थीं, इसलिए हर बार जब कोई स्त्री का नाम आता है, पाठक ठिठकता है। और ध्यान दीजिए कि इनमें से कोई भी नाम आदर्श गृहिणी का नहीं है; हर बार कोई न कोई असहज कहानी उसके साथ चली आती है। मत्ती चाहते हैं कि आप ठिठकें, ताकि पद 16 पर आते-आते जब एक और असहज सी लगने वाली स्त्री का नाम आए, मरियम का, तो आप चौंकें नहीं।
मत्ती 1:5 हमें परमेश्वर के स्वभाव के बारे में क्या सिखाता है?
राहाब का समय इस्राएल के कनान में प्रवेश का है, लगभग चौदहवीं-तेरहवीं शताब्दी ईसा पूर्व, जब यरीहो की दीवार गिरी और एक विदेशी स्त्री ने अपने प्राणों के जोखिम पर जासूसों को छिपाया था। रूत का समय न्यायियों का है, अकाल, विस्थापन और असुरक्षा का दौर, जब स्त्री के लिए विधवा होना अक्सर भूख का दूसरा नाम था। बोअज़ का बेतलेहेम एक छोटा कस्बा था जहाँ ज़मीन, खानदान और इज़्ज़त एक-दूसरे से बँधे थे, और वहाँ एक मोआबी स्त्री से विवाह करना समाज की भौंहें चढ़ाने वाला काम था। मत्ती इन सदियों को एक वाक्य में समेट देते हैं, पर वह वाक्य इन्हीं जोखिमों, इसी शर्म और इसी करुणा पर टिका है।
मत्ती 1:5 आज भी कैसे प्रासंगिक है?
आपकी मंडली में आज कौन "मोआबी" है, यानी कौन तकनीकी रूप से भीतर है पर व्यवहार में किनारे पर रखा जाता है?
हमारे साझेदारों के सहयोग से संभव

Matthew 1 पर समुदाय क्या साझा करता है

इस अंश पर पाठकों और संपादकीय टीम से अंतर्दृष्टि, प्रार्थनाएँ और धन्यवाद।

प्रार्थना संपादकीय पर पद 8

पिता, नामों की उस लंबी सूची में भी आपकी वफ़ादारी छिपी है। अच्छे और बुरे राजा आए और गए, पर आपका वादा टूटा नहीं। मेरी कहानी भी आपके हाथ में है, भले ही वह साधारण लगे। मुझे भरोसा दीजिए कि आप हर पीढ़ी में काम करते रहते हैं।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 11

और बेबीलोन को बंधुआई में जाने के समय में योशिय्याह से यकुन्याह, और उसके भाई उत्पन्न हुए।" वंशावली में राजाओं के नाम गिने जा रहे थे, और बीच में बंधुआई का ज़िक्र आ गया। परमेश्वर ने अपने पुत्र की वंशावली से यह शर्मनाक अध्याय मिटाया नहीं। तेरे जीवन का वह टूटा हुआ हिस्सा भी वह छिपाता नहीं, उसी में से होकर मसीह को ले आता है।

प्रार्थना संपादकीय पर पद 7

पिता, नामों की इस लंबी सूची में मुझे तेरी धीरज दिखती है। अच्छे और बुरे राजा, टूटी और सुधरी पीढ़ियाँ, फिर भी तूने अपना वादा नहीं छोड़ा। मेरे परिवार की कहानी भी अधूरी है, पर तू उसमें काम कर रहा है। मुझे भी अपनी योजना का एक हिस्सा बना ले।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 13

जरुब्बाबेल से अबीहूद उत्पन्न हुआ, अबीहूद से इल्याकीम उत्पन्न हुआ, और इल्याकीम से अजोर उत्पन्न हुआ।"

इन नामों की कोई कहानी बाइबल में दर्ज नहीं है। न कोई चमत्कार, न कोई भजन, न कोई युद्ध। बस जीते रहे, बच्चे पाले, और चुपचाप मर गए। फिर भी परमेश्वर ने उन्हें मसीह की वंशावली में लिख दिया।

तेरा नाम भी शायद किसी अख़बार में न आए। पर जिसकी किताब में लिखा जाना असल में मायने रखता है, वह तुझे भूला नहीं है।

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