बाइबल व्याख्या

यशायाह 43:5

बाइबल
यह वचन Evangelical Church of India द्वारा समर्पित है

पाठ

"मत डर, क्योंकि मैं तेरे साथ हूँ" के साथ परमेश्वर एक ऐसा वचन जोड़ते हैं जो उस समय के सुननेवालों के लिए लगभग असम्भव लगता था: "मैं तेरे वंश को पूर्व से ले आऊँगा, और पश्चिम से भी इकट्ठा करूँगा।" डर का इलाज कोई भावना नहीं, बल्कि एक कार्य है, और वह कार्य है बिखरे हुए लोगों को चारों दिशाओं से वापस घर लाना। अगली आयत में यही आदेश उत्तर और दक्षिण तक फैल जाता है, मानो परमेश्वर पूरे नक्शे को अपने हाथ में पकड़कर हिला रहे हैं।

मूल बात

ध्यान दें कि परमेश्वर यह नहीं कहते, "मैं तुझे ले आऊँगा," बल्कि "तेरे वंश को।" इब्रानी शब्द है ज़ेरा, यानी बीज, सन्तान। जो लोग यह सुन रहे थे, उनमें से बहुतों को यह वापसी अपनी आँखों से देखने को नहीं मिलनी थी। वे बाबेल की मिट्टी में दफ़न होंगे। और फिर भी उन्हें कहा गया, "मत डर।" यहाँ परमेश्वर का उद्धार एक पीढ़ी की सुविधा से बड़ा है; वह वंश, वाचा और इतिहास के स्तर पर काम करता है। विश्वास का अर्थ यही ठहरता है: उस भविष्य पर भरोसा करना जिसका फल आपके पोते खाएँगे। यह आश्वासन सस्ता नहीं है, यह गहरा है, क्योंकि यह परमेश्वर की स्मरणशक्ति पर टिका है, हमारी उम्र पर नहीं।

मुख्य सूत्र

बिखरे हुओं को इकट्ठा करना पूरे बाइबल की एक टेक बन जाती है। यहेजकेल 36:24 में वही वचन दोहराया जाता है, क्योंकि निर्वासन के बाद भी इस्राएल पूरी तरह इकट्ठा नहीं हुआ; हज़ारों बाबेल, मिस्र और फिर रोमी साम्राज्य में फैले रहे। वचन खुला रह गया, और खुला वचन आगे की ओर इशारा करता है। यूहन्ना 11:52 कहता है कि यीशु की मृत्यु इसलिए भी थी कि "तितर-बितर परमेश्वर की सन्तानों" को एक किया जाए; मैं यह आयत इसलिए जोड़ता हूँ क्योंकि वहाँ वही चारों दिशाओं वाला काम क्रूस पर पूरा होता दिखता है। पूर्व और पश्चिम अब भौगोलिक नहीं, बल्कि जातीय सीमाएँ हैं, और मसीह में वे गिर जाती हैं।

दर्पण

यह आयत उस डर को छूती है जिसे हम मानने से बचते हैं: कि हमारे बाद हमारा परिवार टूटकर बिखर जाएगा। बेटा नौकरी के लिए दूसरे शहर, बेटी दूसरे देश, रिश्तेदार वर्षों से अजनबी, और कोई बच्चा जो कलीसिया से ही दूर चला गया है। हम सोचते हैं कि अगर हम ही न जोड़ें तो कुछ नहीं जुड़ेगा, और उस बोझ से थक जाते हैं। परमेश्वर यहाँ यह ज़िम्मेदारी अपने कंधे पर लेते हैं: इकट्ठा करना उनका काम है, चारों दिशाओं तक उनकी पहुँच है। इससे हमारी प्रार्थना बदल जाती है, चिन्ता से भरोसे की ओर। आज यह कीजिए: एक काग़ज़ पर उस व्यक्ति का नाम लिखिए जो आपके परिवार या मंडली से सबसे दूर चला गया है, और उसी नाम के साथ यह आयत ज़ोर से बोलकर प्रार्थना कीजिए, "मैं तेरे वंश को पूर्व से ले आऊँगा।"

शास्त्र की गूँज

भजन 107:2-3 इसी विषय का उत्सव है, और वह इस आयत के आगे का दृश्य दिखाता है: जिन्हें छुड़ाया गया, वे पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण से लौट आए और गवाही देने लगे। यशायाह में यह प्रतिज्ञा है, भजन में यह स्मृति है, और यही क्रम विश्वास सिखाता है। इसके विपरीत, इसी अध्याय की आयत 28 का स्वर कड़वा है, जहाँ परमेश्वर कहते हैं कि उन्होंने "इस्राएल को निन्दित होने दिया है।" बिखराव संयोग नहीं था, वह न्याय था। इसलिए इकट्ठा करना केवल भूगोल की बात नहीं, बल्कि क्षमा की बात है; आयत 25 में वही परमेश्वर कहते हैं कि वे अपराधों को मिटा देते हैं।

मुख्य पात्र

इस आयत में बोलनेवाला ही मुख्य पात्र है, और उनकी भाषा किसी सम्राट की भाषा है। आयत 6 में वे उत्तर से कहते हैं, "दे दे," और दक्षिण से, "रोक मत रख," जैसे कोई राजा अपने अधीन अधिकारियों को बन्दियों को छोड़ने का आदेश दे। बाबेल का असली सम्राट नबूकदनेस्सर नहीं, कोई और है। परन्तु इस अधिकार के साथ कोमलता भी है: वे कैदियों को "मेरे पुत्रों" और "मेरी पुत्रियों" कहते हैं। यह पिता की भाषा है, और आयत 4 में तो प्रेम की भाषा, "तू अनमोल और प्रतिष्ठित ठहरा है।" शक्ति और स्नेह एक ही मुँह से निकलते हैं, और यही इस परमेश्वर की पहचान है।

पृष्ठभूमि

कल्पना कीजिए बाबेल की नहरों के किनारे बसी एक बस्ती, ईंटों की धूल, विदेशी मन्दिरों के जुलूस, और अरामी बोलते बच्चे जिन्होंने यरूशलेम कभी नहीं देखा। यह छठी शताब्दी ईसा पूर्व है। मन्दिर जला दिया गया, राजवंश समाप्त, और उस युग के सोचने के तरीके में इसका एक ही अर्थ था: तुम्हारा देवता हार गया। बाबेल के देवता मरदूक की महिमा हर सड़क पर दिखती थी। और सिर्फ़ बाबेल नहीं; कुछ लोग मिस्र भाग गए थे, कुछ व्यापार के रास्तों पर पूर्व की ओर बिक गए थे। परिवार टुकड़ों में बँट चुके थे। ऐसे लोगों के बीच यह घोषणा हुई कि हारा हुआ माना गया परमेश्वर ही असल में साम्राज्यों को आदेश देता है। यह सुनने में या तो पागलपन था, या सब कुछ बदल देनेवाली आशा।

मनन के प्रश्न

अगर परमेश्वर की प्रतिज्ञा का फल आपके जीवनकाल में नहीं, बल्कि आपके बाद की पीढ़ी में दिखे, तो क्या वह आपके लिए अब भी आश्वासन बनी रहेगी?

आपके जीवन में वह "बिखराव" कहाँ है जिसे आप अपनी मेहनत से जोड़ने की कोशिश करते हुए थक गए हैं, और उसे परमेश्वर के हाथ में सौंपने का व्यावहारिक अर्थ इस सप्ताह क्या होगा?

पढ़ने योग्य मसीही पुस्तकें

आपकी भाषा में उपलब्ध, सावधानी से चुनी गई पुस्तकें।

स्वीकारोक्ति

स्वीकारोक्ति

संत अगस्तीन

अगस्तीन की व्यक्तिगत साक्षी परमेश्वर की अनुग्रह से बदलने वाली शक्ति को गहराई से प्रकट करती है।

उद्देश्य भरा जीवन

उद्देश्य भरा जीवन

रिक वॉरेन

चालीस दिनों की यह यात्रा आपको परमेश्वर के दिए जीवन-उद्देश्य को खोजने और जीने में सहायता करती है।

परमेश्वर की उपस्थिति का अभ्यास

परमेश्वर की उपस्थिति का अभ्यास

भाई लॉरेन्स

रसोई में सेवा करते हुए भी परमेश्वर के साथ निरंतर संगति करने की सरल कला यह पुस्तक सिखाती है।

जंगल का छिपने का स्थान

जंगल का छिपने का स्थान

कोरी टेन बूम

नाज़ी यातना-शिविर में भी क्षमा और विश्वास की यह सच्ची साक्षी परमेश्वर की विश्वासयोग्यता की गवाही देती है।

जीसस कॉलिंग

जीसस कॉलिंग

सारा यंग

प्रतिदिन के भक्ति-लेख यीशु की कोमल आवाज़ सुनने और उसकी शांति में विश्राम पाने में सहायता करते हैं।

एक Amazon Associate के रूप में, Faith.network योग्य खरीदारी से आय अर्जित करता है। इससे मंच निःशुल्क बना रहता है।

यह व्याख्या साझा करें

सुसमाचार फैलाने में मदद करें। यह व्याख्या किसी ऐसे व्यक्ति को भेजें जिसे इससे प्रोत्साहन मिल सके।

WhatsApp Email Facebook X / Twitter

Isaiah 43:5 के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस बाइबल अंश के बारे में सामान्य प्रश्नों के त्वरित उत्तर।

यशायाह 43:5 का क्या अर्थ है?
"मत डर, क्योंकि मैं तेरे साथ हूँ" के साथ परमेश्वर एक ऐसा वचन जोड़ते हैं जो उस समय के सुननेवालों के लिए लगभग असम्भव लगता था: "मैं तेरे वंश को पूर्व से ले आऊँगा, और पश्चिम से भी इकट्ठा करूँगा।" डर का इलाज कोई भावना नहीं, बल्कि एक कार्य है, और वह कार्य है बिखरे हुए लोगों को चारों दिशाओं से वापस घर लाना। अगली आयत में यही आदेश उत्तर और दक्षिण तक फैल जाता है, मानो परमेश्वर पूरे नक्शे को अपने हाथ में पकड़कर हिला रहे हैं।
यशायाह 43:5 किस विषय में है?
बिखरे हुओं को इकट्ठा करना पूरे बाइबल की एक टेक बन जाती है। यहेजकेल 36:24 में वही वचन दोहराया जाता है, क्योंकि निर्वासन के बाद भी इस्राएल पूरी तरह इकट्ठा नहीं हुआ; हज़ारों बाबेल, मिस्र और फिर रोमी साम्राज्य में फैले रहे। वचन खुला रह गया, और खुला वचन आगे की ओर इशारा करता है। यूहन्ना 11:52 कहता है कि यीशु की मृत्यु इसलिए भी थी कि "तितर-बितर परमेश्वर की सन्तानों" को एक किया जाए; मैं यह आयत इसलिए जोड़ता हूँ क्योंकि वहाँ वही चारों दिशाओं वाला काम क्रूस पर पूरा होता दिखता है। पूर्व और पश्चिम अब भौगोलिक नहीं, बल्कि जातीय सीमाएँ हैं, और मसीह में वे गिर जाती हैं।
यशायाह 43:5 का ऐतिहासिक संदर्भ क्या है?
भजन 107:2-3 इसी विषय का उत्सव है, और वह इस आयत के आगे का दृश्य दिखाता है: जिन्हें छुड़ाया गया, वे पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण से लौट आए और गवाही देने लगे। यशायाह में यह प्रतिज्ञा है, भजन में यह स्मृति है, और यही क्रम विश्वास सिखाता है। इसके विपरीत, इसी अध्याय की आयत 28 का स्वर कड़वा है, जहाँ परमेश्वर कहते हैं कि उन्होंने "इस्राएल को निन्दित होने दिया है।" बिखराव संयोग नहीं था, वह न्याय था। इसलिए इकट्ठा करना केवल भूगोल की बात नहीं, बल्कि क्षमा की बात है; आयत 25 में वही परमेश्वर कहते हैं कि वे अपराधों को मिटा देते हैं।
यशायाह 43:5 हमें परमेश्वर के स्वभाव के बारे में क्या सिखाता है?
कल्पना कीजिए बाबेल की नहरों के किनारे बसी एक बस्ती, ईंटों की धूल, विदेशी मन्दिरों के जुलूस, और अरामी बोलते बच्चे जिन्होंने यरूशलेम कभी नहीं देखा। यह छठी शताब्दी ईसा पूर्व है। मन्दिर जला दिया गया, राजवंश समाप्त, और उस युग के सोचने के तरीके में इसका एक ही अर्थ था: तुम्हारा देवता हार गया। बाबेल के देवता मरदूक की महिमा हर सड़क पर दिखती थी। और सिर्फ़ बाबेल नहीं; कुछ लोग मिस्र भाग गए थे, कुछ व्यापार के रास्तों पर पूर्व की ओर बिक गए थे। परिवार टुकड़ों में बँट चुके थे। ऐसे लोगों के बीच यह घोषणा हुई कि हारा हुआ माना गया परमेश्वर ही असल में साम्राज्यों को आदेश देता है। यह सुनने में या तो पागलपन था, या सब कुछ बदल देनेवाली आशा।
यशायाह 43:5 आज भी कैसे प्रासंगिक है?
आपके जीवन में वह "बिखराव" कहाँ है जिसे आप अपनी मेहनत से जोड़ने की कोशिश करते हुए थक गए हैं, और उसे परमेश्वर के हाथ में सौंपने का व्यावहारिक अर्थ इस सप्ताह क्या होगा?
हमारे साझेदारों के सहयोग से संभव

Isaiah 43 पर समुदाय क्या साझा करता है

इस अंश पर पाठकों और संपादकीय टीम से अंतर्दृष्टि, प्रार्थनाएँ और धन्यवाद।

धन्यवाद संपादकीय पर पद 19

पिता, धन्यवाद कि आप जंगल में मार्ग और निर्जल देश में नदियाँ बहाने वाले परमेश्वर हैं। जहाँ मुझे कोई रास्ता नहीं दिखता था, वहाँ आपने राह खोली। धन्यवाद कि आप आज भी नया काम कर रहे हैं, और वह प्रगट होने पर है। मेरी सूखी जगहों पर आपकी नदियाँ बहती हैं।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 5

मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूँ; मैं तेरे वंश को पूर्व से ले आऊँगा और पश्चिम से इकट्ठा करूँगा।"

गौर कर, पहले "मैं तेरे संग हूँ" कहा, फिर बिखरे हुओं को लाने का वादा किया। परमेश्वर हालात बदलने से पहले तेरे पास आ खड़ा होता है।

तेरा अपना कोई दूर छिटक गया है? जिस दिशा में वह गया है, वह दिशा भी परमेश्वर के हाथ में है।

इस अंश को किसी और स्तर पर देखें

शुरुआती, धर्मशास्त्री, या कोई अलग लंबाई? सेटिंग्स बदलें और अपना संस्करण बनाएँ।

अध्ययन टूल में खोलें

अस्वीकरण: Faith.network बाइबल की व्याख्याएँ तैयार करने के लिए स्वचालित भाषा मॉडल का उपयोग करता है। हम धर्मशास्त्रीय दृष्टि से सही रहने का पूरा प्रयास करते हैं, फिर भी यह सॉफ़्टवेयर त्रुटि कर सकता है। इस साधन को अपने निजी बाइबल अध्ययन और कलीसिया के संगति जीवन का स्थान लेने वाला न समझें, बल्कि उनके सहायक के रूप में प्रयोग करें।

© 2026 Faith.Network. सर्वाधिकार सुरक्षित।

Faith.network एक सेवकाई है Faith.network · KvK 84972599 · connect@faith.network

कंपनी?