6 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

2 इतिहास 23

प्राथमिक आयु (6 से 12 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

सात साल तक यहूदा में एक डरावनी रानी राज करती थी, जिसका नाम अतल्याह था। वह दाऊद के घराने की नहीं थी, बल्कि उसने राजा के परिवार को मार डालकर खुद गद्दी छीन ली थी। परन्तु एक छोटा लड़का बच गया था, उसका नाम योआश था, और वह गुप्त रूप से परमेश्वर के भवन में पल रहा था।

अब, सातवें वर्ष में, यहोयादा नाम के याजक ने हिम्मत दिखाई। उसने सेना के अधिकारियों से एक वाचा बाँधी, यानी एक पक्का वादा, कि वे योआश को सच्चा राजा बनाएँगे। उसने लेवियों और इस्राएल के मुखियाओं को इकट्ठा किया। सबने परमेश्वर के भवन में राजा के साथ वाचा बाँधी। यहोयादा ने लोगों को हथियार दिए, पुराने राजा दाऊद के बर्छे और ढालें, और उन्हें मन्दिर के चारों ओर खड़ा कर दिया ताकि योआश सुरक्षित रहे।

फिर राजकुमार को बाहर लाया गया। उसके सिर पर मुकुट रखा गया, और उसे साक्षीपत्र दिया गया, यह वह किताब थी जिसमें परमेश्वर का नियम लिखा था। उन्होंने उसका अभिषेक किया, यानी तेल डालकर उसे अलग किया, और लोग चिल्लाए, “राजा जीवित रहे!”

अतल्याह ने शोर सुना और मन्दिर में दौड़ी आई। जब उसने देखा कि क्या हो रहा है, उसने अपने कपड़े फाड़े और चिल्लाई, “राजद्रोह, राजद्रोह!” परन्तु यहोयादा ने आदेश दिया कि उसे मन्दिर के बाहर ले जाया जाए, क्योंकि परमेश्वर के घर में खून नहीं बहाया जाना चाहिए। उसे बाहर मार डाला गया।

उसके बाद लोगों ने बाल देवता का मन्दिर गिरा दिया और उसकी वेदियाँ तोड़ दीं, क्योंकि अतल्याह उनके बीच यह झूठा धर्म लाई थी। यहोयादा ने फिर से याजकों को मन्दिर की सेवा के लिए ठहराया, जैसे दाऊद ने पहले ठहराया था। योआश को राजगद्दी पर बैठाया गया, और सारा नगर आनन्दित और शान्त हो गया।

What Does This Mean?

यह अध्याय दिखाता है कि परमेश्वर अपने वादे को नहीं भूलते, भले ही सब कुछ अंधेरा दिखे। सात साल तक लग रहा था कि दाऊद का घराना मिट गया। परन्तु परमेश्वर ने एक बच्चे को बचाकर रखा था, और सही समय पर उसे फिर से गद्दी पर बिठाया।

यह भी ध्यान देने लायक है कि यहोयादा ने अकेले सब कुछ नहीं किया। उसने लोगों को साथ लिया, वाचा बाँधी, व्यवस्था का पालन किया। उसने यह भी सुनिश्चित किया कि मन्दिर में खून न बहे, भले ही अतल्याह ने बहुत बुरा किया था। यह दिखाता है कि पवित्र स्थान का सम्मान तब भी ज़रूरी है जब न्याय हो रहा हो।

The Common Thread

यह कहानी दाऊद के घराने के बारे में है, जिससे परमेश्वर ने वादा किया था कि उसका एक वंशज सदा राज करेगा। यहोयादा ने यही कहा, “यह राजकुमार राज्य करेगा जैसे कि यहोवा ने दाऊद के वंश के विषय कहा है।” सात साल तक ऐसा लग रहा था कि यह वादा टूट गया, परन्तु परमेश्वर ने उसे बचाए रखा।

यही वादा आगे चलकर यीशु मसीह तक पहुँचता है, जो दाऊद के घराने से जन्मे और जिनका राज्य कभी खत्म नहीं होगा। जैसे योआश को छिपाकर बचाया गया था, वैसे ही परमेश्वर का वादा हमेशा किसी न किसी तरह बचा रहता है, भले ही हमें वह रास्ता तुरंत न दिखे।

For You

कभी-कभी तुम्हें लगता होगा कि कुछ गलत चल रहा है और परमेश्वर कुछ नहीं कर रहे। सात साल एक बच्चे के लिए बहुत लंबा समय है। योआश को इंतज़ार करना पड़ा, छिपकर रहना पड़ा, बिना जाने कि कब सब ठीक होगा। परमेश्वर हमेशा तुरंत जवाब नहीं देते, परन्तु इसका मतलब यह नहीं कि वे भूल गए हैं।

यह भी सोचने लायक है कि यहोयादा ने हिम्मत के साथ सही काम किया, भले ही वह खतरनाक था। कभी-कभी सच बोलना या सही पक्ष लेना डर लगता है, पर परमेश्वर उन लोगों के साथ काम करते हैं जो हिम्मत रखते हैं।

Talk About It

तुम्हें क्या लगता है, योआश को उन सात सालों में छिपकर कैसा लगा होगा? क्या तुम कभी ऐसी स्थिति में रहे हो जहाँ तुम्हें लंबे समय तक इंतज़ार करना पड़ा?

यहोयादा ने मन्दिर में खून बहाने से मना किया, भले ही अतल्याह बहुत बुरी थी। तुम्हें क्यों लगता है कि यह उसके लिए ज़रूरी था?

Praying Together

हे परमेश्वर, आप अपने वादों को नहीं भूलते, भले ही हमें लगे कि बहुत समय बीत गया है। हमें धैर्य और हिम्मत दीजिए, जैसे यहोयादा में थी। हमें याद दिलाइए कि आपका राज्य, यीशु मसीह के द्वारा, कभी खत्म नहीं होगा। आमीन।

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2 इतिहास 23 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

2 इतिहास 23 किस विषय में है?
सात साल तक यहूदा में एक डरावनी रानी राज करती थी, जिसका नाम अतल्याह था। वह दाऊद के घराने की नहीं थी, बल्कि उसने राजा के परिवार को मार डालकर खुद गद्दी छीन ली थी। परन्तु एक छोटा लड़का बच गया था, उसका नाम योआश था, और वह गुप्त रूप से परमेश्वर के भवन में पल रहा था।
2 इतिहास 23 क्या कहता है?
अतल्याह ने शोर सुना और मन्दिर में दौड़ी आई। जब उसने देखा कि क्या हो रहा है, उसने अपने कपड़े फाड़े और चिल्लाई, “राजद्रोह, राजद्रोह!” परन्तु यहोयादा ने आदेश दिया कि उसे मन्दिर के बाहर ले जाया जाए, क्योंकि परमेश्वर के घर में खून नहीं बहाया जाना चाहिए। उसे बाहर मार डाला गया।
2 इतिहास 23 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
यह भी ध्यान देने लायक है कि यहोयादा ने अकेले सब कुछ नहीं किया। उसने लोगों को साथ लिया, वाचा बाँधी, व्यवस्था का पालन किया। उसने यह भी सुनिश्चित किया कि मन्दिर में खून न बहे, भले ही अतल्याह ने बहुत बुरा किया था। यह दिखाता है कि पवित्र स्थान का सम्मान तब भी ज़रूरी है जब न्याय हो रहा हो।
बच्चे 2 इतिहास 23 से क्या सीख सकते हैं?
कभी-कभी तुम्हें लगता होगा कि कुछ गलत चल रहा है और परमेश्वर कुछ नहीं कर रहे। सात साल एक बच्चे के लिए बहुत लंबा समय है। योआश को इंतज़ार करना पड़ा, छिपकर रहना पड़ा, बिना जाने कि कब सब ठीक होगा। परमेश्वर हमेशा तुरंत जवाब नहीं देते, परन्तु इसका मतलब यह नहीं कि वे भूल गए हैं।
2 इतिहास 23 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
यहोयादा ने मन्दिर में खून बहाने से मना किया, भले ही अतल्याह बहुत बुरी थी। तुम्हें क्यों लगता है कि यह उसके लिए ज़रूरी था?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 14

यहोयादा के मन में क्रोध था, पर उससे बड़ी एक चिंता थी: "उसको यहोवा के भवन में न मार डालना।" न्याय होना ही था, पर परमेश्वर के घर की पवित्रता से खिलवाड़ नहीं। सोचो, तुम्हारी सही लड़ाइयाँ कहाँ लड़ी जाती हैं? कहीं जो कड़वाहट तुम घर या कलीसिया के भीतर ले आते हो, वह बाहर छूट जानी चाहिए थी?

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