7 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

2 शमूएल 1

प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

2 शमूएल 1 की बाइबल व्याख्या

The Explanation

शाऊल मर चुके हैं। दाऊद अभी सिकलग में है, अमालेकियों से लड़कर लौटा है, और उसे कुछ भी पता नहीं। तीसरे दिन एक आदमी दौड़ता हुआ आता है, कपड़े फटे हुए, सिर पर धूल, जो उस समय गहरे शोक का चिन्ह था। वह दाऊद के सामने झुक जाता है और बताता है कि इस्राएल की सेना हार गई, और शाऊल तथा उसका बेटा योनातान भी मारे गए।

दाऊद तुरंत विश्वास नहीं करता, वह पूछता है, तुझे कैसे पता चला? तब वह जवान अपनी कहानी सुनाता है, वह अमालेकी है, और उसने गिलबो पहाड़ पर घायल शाऊल को देखा। शाऊल ने खुद उससे कहा था, मुझे मार डाल, मेरा दर्द बहुत है पर मैं मर नहीं रहा। उस अमालेकी ने वैसा ही किया और शाऊल के मुकुट और कंगन दाऊद के पास ले आया, यह सोचकर कि यह खबर दाऊद को खुश करेगी। आखिर शाऊल तो दाऊद का दुश्मन था।

पर यहाँ कुछ अनोखा होता है। दाऊद खुश नहीं होता। वह और उसके साथी अपने कपड़े फाड़ते हैं, रोते हैं, शाम तक कुछ नहीं खाते। शाऊल और योनातान के लिए, और यहोवा की प्रजा के लिए। फिर दाऊद उस अमालेकी से पूछता है, तू यहोवा के अभिषिक्त पर हाथ उठाने से क्यों नहीं डरा? और वह उसे मरवा देता है। अभिषिक्त का मतलब है, जिसे परमेश्वर ने खास तेल लगाकर राजा बनाने के लिए चुना था। शाऊल कैसा भी था, वह फिर भी परमेश्वर का चुना हुआ राजा था।

आखिर में दाऊद एक विलापगीत लिखता है, एक शोक का गीत, और इसे सिखाने का आदेश देता है। इसमें वह शाऊल की वीरता को याद करता है, और योनातान के लिए अपना दर्द बताता है, मेरे भाई योनातान, तेरा प्रेम मुझ पर अद्भुत था।

What Does This Mean?

यह हिस्सा हमें दाऊद का असली दिल दिखाता है। वह शाऊल का दुश्मन नहीं था जैसा वह दिखता था। सालों तक शाऊल ने दाऊद को मारने की कोशिश की, फिर भी दाऊद उसकी मृत्यु पर आनंदित नहीं होता। वह रोता है। क्यों? क्योंकि दाऊद जानता था कि शाऊल परमेश्वर का चुना हुआ राजा था, और उस चुनाव का सम्मान करना ज़रूरी था, चाहे शाऊल ने कितनी भी गलतियाँ की हों।

यह हमें एक कठिन बात भी सिखाता है, बदला लेने में खुशी मनाना गलत है, चाहे वह व्यक्ति कितना भी बुरा रहा हो। दाऊद के पास हर कारण था कि वह खुश होता, पर उसने ऐसा नहीं किया। यह असामान्य है, और यही इसे इतना महत्वपूर्ण बनाता है।

The Common Thread

परमेश्वर ने दाऊद को राजा बनने का वादा दिया था, बहुत पहले, जब शमूएल ने उसके सिर पर तेल डाला था। पर दाऊद ने वह वादा जबरन पूरा नहीं किया। उसने शाऊल को मारकर राजगद्दी नहीं छीनी। वह इंतज़ार करता रहा, भले ही यह इंतज़ार दर्दनाक और लंबा था।

यहाँ हम एक झलक देखते हैं उस राजा की जो बाद में आएगा, यीशु मसीह। यीशु भी परमेश्वर के चुने हुए थे, और उन्होंने भी अपनी ताकत का उपयोग बदला लेने के लिए नहीं किया, बल्कि उन्होंने अपने दुश्मनों के लिए भी दुख उठाया और उनके लिए प्रार्थना की। दाऊद का यह रोना, अपने दुश्मन के लिए भी, हमें उस बड़े प्रेम की याद दिलाता है जो परमेश्वर से आता है, प्रेम जो बदला नहीं चाहता।

For You

कभी सोचो, जब कोई तुमसे बुरा व्यवहार करता है, और फिर उसे कुछ बुरा होता है, तो तुम्हारे दिल में क्या होता है? खुशी? या कुछ और? दाऊद हमें दिखाता है कि किसी के दुख में आनंदित होना, चाहे वह हमारा दुश्मन ही क्यों न हो, परमेश्वर के दिल से मेल नहीं खाता। यह आसान नहीं है, यह सीखना पड़ता है। शायद तुम्हारे स्कूल में या घर में कोई ऐसा है जिससे तुम्हें कठिनाई है। दाऊद जैसा दिल रखना, यानी दुश्मन के दुख में भी शांत रहना, यह एक बड़ी बात है, और परमेश्वर हमें इसमें मदद कर सकते हैं।

Talk About It

क्या तुम्हें लगता है दाऊद का रोना सच्चा था, या यह सिर्फ दिखावा था? तुम कैसे कह सकते हो?

अमालेकी सोचता था कि उसकी खबर दाऊद को खुश करेगी। क्या तुमने कभी किसी की भावना को गलत समझा है?

Praying Together

प्रभु परमेश्वर, दाऊद का दिल हमें सिखाता है कि बदला लेने में खुशी नहीं होती। हमारी मदद करें कि हम अपने दुश्मनों के लिए भी सही दिल रख सकें, न कि उनके दुख में आनंदित हों। हमें सिखाएँ कि सच्चा प्रेम कैसा होता है, वैसा प्रेम जो यीशु मसीह ने हमें दिखाया। आमीन।

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2 शमूएल 1 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

2 शमूएल 1 किस विषय में है?
शाऊल मर चुके हैं। दाऊद अभी सिकलग में है, अमालेकियों से लड़कर लौटा है, और उसे कुछ भी पता नहीं। तीसरे दिन एक आदमी दौड़ता हुआ आता है, कपड़े फटे हुए, सिर पर धूल, जो उस समय गहरे शोक का चिन्ह था। वह दाऊद के सामने झुक जाता है और बताता है कि इस्राएल की सेना हार गई, और शाऊल तथा उसका बेटा योनातान भी मारे गए।
2 शमूएल 1 क्या कहता है?
पर यहाँ कुछ अनोखा होता है। दाऊद खुश नहीं होता। वह और उसके साथी अपने कपड़े फाड़ते हैं, रोते हैं, शाम तक कुछ नहीं खाते। शाऊल और योनातान के लिए, और यहोवा की प्रजा के लिए। फिर दाऊद उस अमालेकी से पूछता है, तू यहोवा के अभिषिक्त पर हाथ उठाने से क्यों नहीं डरा? और वह उसे मरवा देता है। अभिषिक्त का मतलब है, जिसे परमेश्वर ने खास तेल लगाकर राजा बनाने के लिए चुना था। शाऊल कैसा भी था, वह फिर भी परमेश्वर का चुना हुआ राजा था।
2 शमूएल 1 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
यह हिस्सा हमें दाऊद का असली दिल दिखाता है। वह शाऊल का दुश्मन नहीं था जैसा वह दिखता था। सालों तक शाऊल ने दाऊद को मारने की कोशिश की, फिर भी दाऊद उसकी मृत्यु पर आनंदित नहीं होता। वह रोता है। क्यों? क्योंकि दाऊद जानता था कि शाऊल परमेश्वर का चुना हुआ राजा था, और उस चुनाव का सम्मान करना ज़रूरी था, चाहे शाऊल ने कितनी भी गलतियाँ की हों।
बच्चे 2 शमूएल 1 से क्या सीख सकते हैं?
परमेश्वर ने दाऊद को राजा बनने का वादा दिया था, बहुत पहले, जब शमूएल ने उसके सिर पर तेल डाला था। पर दाऊद ने वह वादा जबरन पूरा नहीं किया। उसने शाऊल को मारकर राजगद्दी नहीं छीनी। वह इंतज़ार करता रहा, भले ही यह इंतज़ार दर्दनाक और लंबा था।
2 शमूएल 1 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
कभी सोचो, जब कोई तुमसे बुरा व्यवहार करता है, और फिर उसे कुछ बुरा होता है, तो तुम्हारे दिल में क्या होता है? खुशी? या कुछ और? दाऊद हमें दिखाता है कि किसी के दुख में आनंदित होना, चाहे वह हमारा दुश्मन ही क्यों न हो, परमेश्वर के दिल से मेल नहीं खाता। यह आसान नहीं है, यह सीखना पड़ता है। शायद तुम्हारे स्कूल में या घर में कोई ऐसा है जिससे तुम्हें कठिनाई है। दाऊद जैसा दिल रखना, यानी दुश्मन के दुख में भी शांत रहना, यह एक बड़ी बात है, और परमेश्वर हमें इसमें मदद कर सकते हैं।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 12

शाऊल ने दाऊद का बरसों पीछा किया, उसे मारना चाहा। और जब वह मर गया, दाऊद ने जश्न नहीं मनाया। "वे शाऊल, और उसके पुत्र योनातान, और यहोवा की प्रजा, और इस्राएल के घराने के लिये छाती पीटने और रोने लगे, और सांझ तक उपवास किया।" जिसने तुझे दुख दिया, उसके गिरने पर तेरे मन में क्या उठता है? दाऊद का शोक बताता है कि उसका दिल कड़वाहट से नहीं, परमेश्वर की करुणा से भरा था।

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For parents and teachers: 7 से 12 वर्ष के उन बच्चों के लिए लिखा गया जो स्वयं पढ़ सकते हैं। पारिवारिक भक्ति और स्कूल में बाइबल पाठ के लिए उत्तम। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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