7 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

गलातियों 5

प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

पौलुस नाम का एक व्यक्ति था। उसने मसीह में विश्वास करनेवाले भाइयों को एक पत्र लिखा। उसने लिखा, "मसीह ने स्वतंत्रता के लिये हमें स्वतंत्र किया है।" सोचो, बैल के गले में एक भारी लकड़ी का जुआ बाँधा जाता है, ताकि वह खेत में घूम-घूमकर जोतता रहे। पौलुस कहता है, ऐसा जुआ फिर से अपने गले में मत डालो। लेकिन कुछ लोग भाइयों को कह रहे थे, "तुम्हें फिर से नियम मानने होंगे, तभी तुम परमेश्वर के अच्छे बच्चे बनोगे।" पौलुस को यह सुनकर बहुत दुख हुआ। उसने लिखा, "थोड़ा सा ख़मीर सारे गुँधे हुए आटे को ख़मीर कर डालता है।" यानी एक छोटी सी गलत सीख भी सबको बिगाड़ सकती है, जैसे थोड़ा सा ख़मीर सारे आटे को फुला देता है।

फिर पौलुस चेतावनी देता है, "यदि तुम एक दूसरे को दाँत से काटते और फाड़ खाते हो, तो चौकस रहो, कि एक दूसरे का सत्यानाश न कर दो।" यह डरावना चित्र है, जैसे कुत्ते आपस में लड़ते हैं। पौलुस कहता है, भाइयों के बीच ऐसा नहीं होना चाहिए।

What Does This Mean?

पौलुस बताता है कि हमारे भीतर एक जंग चल रही है। एक तरफ है "शरीर", यानी हमारी अपनी इच्छाएँ जो बुरी बातों की ओर खींचती हैं, जैसे झगड़ा, ईर्ष्या और क्रोध। दूसरी तरफ है "आत्मा", यानी पवित्र आत्मा जो हमें अच्छे रास्ते पर ले जाना चाहता है। पौलुस लिखता है, "शरीर आत्मा के विरोध में और आत्मा शरीर के विरोध में लालसा करता है।" यह ठीक वैसा है जैसे दो लोग रस्सी को दो दिशाओं में खींच रहे हों। कौन जीतेगा? पौलुस कहता है, "आत्मा के अनुसार चलो।"

फिर वह एक पेड़ की तस्वीर देता है। एक बुरे पेड़ के फल होते हैं व्यभिचार, बैर, झगड़ा, ईर्ष्या, क्रोध, डाह। पर आत्मा का फल कुछ और है, "प्रेम, आनन्द, शान्ति, धीरज, दया, भलाई, विश्वास, नम्रता, संयम।" क्या तुमने कभी सोचा है कि तुम्हारे भीतर आजकल कौन सा फल बढ़ रहा है?

The Common Thread

पौलुस लिखता है, "जो मसीह यीशु के हैं, उन्होंने शरीर को उसकी लालसाओं समेत क्रूस पर चढ़ा दिया है।" यीशु मसीह क्रूस पर मरे, और जो उन पर विश्वास करते हैं, उनका पुराना बुरा जीवन भी वहीं क्रूस पर खत्म हो गया। यह परमेश्वर की बड़ी कहानी का हिस्सा है, वे हमें कानून का भारी जुआ पहनाकर नहीं, बल्कि यीशु मसीह के प्रेम से बचाते हैं। पौलुस कहता है, "सारी व्यवस्था इस एक ही बात में पूरी हो जाती है, तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख।" यीशु मसीह ने यही प्रेम सबसे पहले दिखाया, जब वे हमारे लिए क्रूस पर गए।

For You

तुम भी आज चुन सकते हो, किस तरफ की रस्सी खींचोगे। जब कोई छोटा भाई तुमसे कुछ ले लेता है और तुम्हें गुस्सा आता है, वहाँ एक मौका है, "आत्मा के अनुसार चलने" का। धीरज दिखाना, माफ करना, अपने मित्र से ईर्ष्या न करना, ये छोटे-छोटे फल हैं जो तुम आज ही अपने घर में उगा सकते हो। परमेश्वर से पूछो, आज मुझे कौन सा फल उगाना है।

Talk About It

तुम्हें कब लगता है कि तुम्हारे भीतर दो तरफ खींचातानी हो रही है, एक बुरी इच्छा और एक अच्छी इच्छा?

आत्मा के फल में से कौन सा फल तुम्हें सबसे कठिन लगता है, प्रेम, धीरज, या नम्रता?

Praying Together

प्रभु यीशु, धन्यवाद कि आपने मुझे स्वतंत्र किया है। मुझे आत्मा के अनुसार चलने में मदद करें, ताकि मेरे भीतर प्रेम, आनन्द और शान्ति का फल बढ़े। आमीन।

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गलातियों 5 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

गलातियों 5 किस विषय में है?
पौलुस नाम का एक व्यक्ति था। उसने मसीह में विश्वास करनेवाले भाइयों को एक पत्र लिखा। उसने लिखा, "मसीह ने स्वतंत्रता के लिये हमें स्वतंत्र किया है।" सोचो, बैल के गले में एक भारी लकड़ी का जुआ बाँधा जाता है, ताकि वह खेत में घूम-घूमकर जोतता रहे। पौलुस कहता है, ऐसा जुआ फिर से अपने गले में मत डालो। लेकिन कुछ लोग भाइयों को कह रहे थे, "तुम्हें फिर से नियम मानने होंगे, तभी तुम परमेश्वर के अच्छे बच्चे बनोगे।" पौलुस को यह सुनकर बहुत दुख हुआ। उसने लिखा, "थोड़ा सा ख़मीर सारे गुँधे हुए आटे को ख़मीर कर डालता है।" यानी एक छोटी सी गलत सीख भी सबको बिगाड़ सकती है, जैसे थोड़ा सा ख़मीर सारे आटे को फुला देता है।
गलातियों 5 क्या कहता है?
पौलुस बताता है कि हमारे भीतर एक जंग चल रही है। एक तरफ है "शरीर", यानी हमारी अपनी इच्छाएँ जो बुरी बातों की ओर खींचती हैं, जैसे झगड़ा, ईर्ष्या और क्रोध। दूसरी तरफ है "आत्मा", यानी पवित्र आत्मा जो हमें अच्छे रास्ते पर ले जाना चाहता है। पौलुस लिखता है, "शरीर आत्मा के विरोध में और आत्मा शरीर के विरोध में लालसा करता है।" यह ठीक वैसा है जैसे दो लोग रस्सी को दो दिशाओं में खींच रहे हों। कौन जीतेग
गलातियों 5 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
पौलुस लिखता है, "जो मसीह यीशु के हैं, उन्होंने शरीर को उसकी लालसाओं समेत क्रूस पर चढ़ा दिया है।" यीशु मसीह क्रूस पर मरे, और जो उन पर विश्वास करते हैं, उनका पुराना बुरा जीवन भी वहीं क्रूस पर खत्म हो गया। यह परमेश्वर की बड़ी कहानी का हिस्सा है, वे हमें कानून का भारी जुआ पहनाकर नहीं, बल्कि यीशु मसीह के प्रेम से बचाते हैं। पौलुस कहता है, "सारी व्यवस्था इस एक ही बात में पूरी हो जाती है, तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख।" यीशु मसीह ने यही प्रेम सबसे पहले दिखाया, जब वे हमारे लिए क्रूस पर गए।
बच्चे गलातियों 5 से क्या सीख सकते हैं?
तुम्हें कब लगता है कि तुम्हारे भीतर दो तरफ खींचातानी हो रही है, एक बुरी इच्छा और एक अच्छी इच्छा?
गलातियों 5 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
प्रभु यीशु, धन्यवाद कि आपने मुझे स्वतंत्र किया है। मुझे आत्मा के अनुसार चलने में मदद करें, ताकि मेरे भीतर प्रेम, आनन्द और शान्ति का फल बढ़े। आमीन।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 15

पर यदि तुम एक दूसरे को दाँत से काटते और फाड़ खाते हो, तो चौकस रहो कि एक दूसरे का सत्यानाश न कर दो।" पौलुस ने जंगली जानवरों की भाषा चुनी, क्योंकि कलीसिया में बहस इतनी बढ़ गई थी। ध्यान दे, वह यह नहीं कहता कि तुम दूसरे को नष्ट कर दोगे, बल्कि दोनों मिटेंगे। जिस बात को लेकर तू आज किसी भाई से लड़ रहा है, क्या वह इस कीमत के लायक है?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 26

हम घमण्ड करनेवाले न बनें, न एक दूसरे को चिढ़ाएँ, न एक दूसरे से डाह करें।" ध्यान दो, खोखला घमण्ड दो रास्ते बनाता है। जो हमसे पीछे लगते हैं, उन्हें हम चिढ़ाते हैं; जो हमसे आगे दिखते हैं, उनसे जलते हैं। दोनों में तुलना ही जड़ है। आत्मा का फल बताया जा चुका, अब सवाल यह है: क्या तेरी नज़र भाई को नापती है, या थामती है?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 14

पौलुस उन लोगों को लिख रहा है जो व्यवस्था के छोटे से छोटे नियम पर बहस कर रहे थे, और उसी बीच एक दूसरे को काट खा रहे थे। उनसे वह कहता है, "क्योंकि सारी व्यवस्था इस एक ही बात में पूरी हो जाती है, 'तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख।'" सोचो, जिस इंसान से तुम्हारी अनबन चल रही है, परमेश्वर की पूरी व्यवस्था उसी के साथ तुम्हारे बर्ताव में परखी जा रही है। सही होना काफी नहीं, प्रेम करना ज़रूरी है।

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हमारे पास छोटे बच्चों (3-6 वर्ष) और किशोरों (12 वर्ष और अधिक) के लिए विशेष संस्करण भी हैं।

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For parents and teachers: 7 से 12 वर्ष के उन बच्चों के लिए लिखा गया जो स्वयं पढ़ सकते हैं। पारिवारिक भक्ति और स्कूल में बाइबल पाठ के लिए उत्तम। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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