7 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

दानिय्येल 7

प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

दानिय्येल एक भविष्यद्वक्ता था जो बाबेल में रहता था, दूर अपने घर यरूशलेम से। एक रात उसने पलंग पर एक स्वप्न देखा, इतना गहरा और डरावना कि उसने उसे लिख लिया। उसने देखा कि समुद्र पर चारों दिशाओं से आँधी चल रही है, और समुद्र में से एक के बाद एक चार अजीब जन्तु निकल रहे हैं। पहला सिंह जैसा था पर उकाब के पंखों वाला। दूसरा रीछ जैसा, मुँह में पसलियाँ लिए हुए। तीसरा चीता जैसा, चार पंखों और चार सिरों वाला। चौथा सबसे डरावना था, लोहे के बड़े दाँतों वाला, जो सब कुछ चबाकर रौंद डालता था। उसके दस सींग थे, और उनमें से एक छोटा सींग निकला जिसमें मनुष्य जैसी आँखें और बड़ा बोल बोलने वाला मुँह था।

फिर दृश्य बदल गया। दानिय्येल ने सिंहासन देखे, और उन पर एक "अति प्राचीन" बैठा, जिसके वस्त्र हिम जैसे उजले और बाल ऊन जैसे थे। उसका सिंहासन आग का था। हजारों हजार लोग उसकी सेवा कर रहे थे, न्याय होने लगा और पुस्तकें खुलीं। वह चौथा भयानक जन्तु मार डाला गया और आग में जला दिया गया।

फिर दानिय्येल ने कुछ अद्भुत देखा। आकाश के बादलों के साथ "मनुष्य के सन्तान सा" कोई आ रहा था। उसे अति प्राचीन के पास लाया गया, और उसे ऐसी प्रभुता, महिमा और राज्य दिया गया कि हर देश, हर जाति और हर भाषा के लोग उसके अधीन हों। यह राज्य कभी समाप्त नहीं होगा।

दानिय्येल इस सब से घबरा गया, और उसने पास खड़े किसी से पूछा कि इसका अर्थ क्या है। उसे बताया गया कि चार जन्तु चार राज्य हैं जो पृथ्वी पर उदय होंगे। पर अंत में परमप्रधान के पवित्र लोग राज्य पाएँगे और युगानुयुग उसके अधिकारी बने रहेंगे।

What Does This Mean?

यह स्वप्न पहली नज़र में डरावना लगता है, और सच में है भी। दानिय्येल खुद घबरा गया था, यह बात पाठ में साफ लिखी है। इससे पता चलता है कि परमेश्वर के वचन में हमेशा आसान चीज़ें नहीं होतीं, कभी-कभी कठिन और रहस्यमय चीज़ें भी होती हैं, और उन्हें समझने में समय लगे तो कोई बात नहीं।

फिर भी इस स्वप्न का मुख्य संदेश डर नहीं, आशा है। पृथ्वी पर राज्य आते हैं और चले जाते हैं, कुछ ताकतवर, कुछ क्रूर, बिलकुल उन डरावने जन्तुओं जैसे। परन्तु उन सबके ऊपर एक सिंहासन है, परमप्रधान का सिंहासन, जो कभी नहीं हिलता। चाहे राजा कितने भी घमण्डी क्यों न हों, चाहे वह छोटा सींग कितनी भी बड़ी बातें क्यों न बोले, अंत में न्यायी बैठते हैं और पुस्तकें खुलती हैं। कोई भी राजा, कोई भी शक्ति, परमेश्वर से बड़ी नहीं है।

The Common Thread

वह "मनुष्य के सन्तान सा" कोई, जो बादलों के साथ आता है और जिसे सदा का राज्य दिया जाता है, हमें यीशु मसीह की याद दिलाता है। यीशु ने खुद को बार-बार "मनुष्य का पुत्र" कहा, और जब उनसे पूछा गया कि क्या वे मसीह हैं, तो उन्होंने इसी दृश्य की ओर इशारा किया। दानिय्येल का यह स्वप्न दिखाता है कि परमेश्वर का राज्य किसी क्रूर जन्तु की तरह ज़बरदस्ती से नहीं आएगा, बल्कि एक व्यक्ति के द्वारा आएगा जिसे परमेश्वर स्वयं प्रभुता, महिमा और अटल राज्य देंगे। यह वादा दानिय्येल के समय से चला आ रहा है, और अभी भी पूरी तरह पूरा होना बाकी है।

For You

तुम शायद उन जन्तुओं जैसे सपने नहीं देखते, पर दुनिया कभी-कभी तुम्हें भी डरावनी लग सकती है। खबरों में युद्ध, स्कूल में अन्याय, घर में झगड़े, ये सब कभी-कभी उतने ही बड़े और ताकतवर लगते हैं जितने वे जन्तु। दानिय्येल का स्वप्न कहता है कि तुम अकेले नहीं हो। परमेश्वर का सिंहासन इन सबसे ऊँचा है, और एक दिन हर गलत बात का हिसाब लिया जाएगा। तुम पूछ सकते हो, "यह कब होगा?" यह अच्छा सवाल है, और दानिय्येल खुद भी इसका पूरा उत्तर नहीं जानता था। पर तुम भरोसा रख सकते हो कि जो परमेश्वर के हैं, वे अंत में उसके साथ राज्य में हिस्सा पाएंगे।

Talk About It

दानिय्येल का स्वप्न देखकर वह घबरा गया था। क्या तुम्हें भी कभी परमेश्वर के बारे में सोचकर डर या उलझन महसूस हुई है? उस समय तुमने क्या किया?

यह स्वप्न कहता है कि पृथ्वी के सारे राज्य एक दिन खत्म हो जाएंगे, पर परमेश्वर का राज्य कभी नहीं। इस बात का असर तुम्हारे रोज़ के डर या चिंता पर कैसे पड़ सकता है?

Praying Together

परमेश्वर, आप ही सिंहासन पर बैठे हैं, और आपका राज्य कभी नहीं मिटेगा। कभी-कभी दुनिया हमें डरावनी लगती है, पर हमें याद दिलाइए कि आप सबसे ऊँचे हैं। हमें भरोसा दीजिए कि यीशु एक दिन अपना राज्य पूरी तरह प्रगट करेंगे, और तब तक हमें धैर्य और साहस दीजिए। आमीन।

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दानिय्येल 7 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

दानिय्येल 7 किस विषय में है?
दानिय्येल एक भविष्यद्वक्ता था जो बाबेल में रहता था, दूर अपने घर यरूशलेम से। एक रात उसने पलंग पर एक स्वप्न देखा, इतना गहरा और डरावना कि उसने उसे लिख लिया। उसने देखा कि समुद्र पर चारों दिशाओं से आँधी चल रही है, और समुद्र में से एक के बाद एक चार अजीब जन्तु निकल रहे हैं। पहला सिंह जैसा था पर उकाब के पंखों वाला। दूसरा रीछ जैसा, मुँह में पसलियाँ लिए हुए। तीसरा चीता जैसा, चार पंखों और चार सिरों वाला। चौथा सबसे डरावना था, लोहे के बड़े दाँतों वाला, जो सब कुछ चबाकर रौंद डालता था। उसके दस सींग थे, और उनमें से एक छोटा सींग निकला जिसमें मनुष्य जैसी आँखें और बड़ा बोल बोलने वाला मुँह था।
दानिय्येल 7 क्या कहता है?
फिर दानिय्येल ने कुछ अद्भुत देखा। आकाश के बादलों के साथ "मनुष्य के सन्तान सा" कोई आ रहा था। उसे अति प्राचीन के पास लाया गया, और उसे ऐसी प्रभुता, महिमा और राज्य दिया गया कि हर देश, हर जाति और हर भाषा के लोग उसके अधीन हों। यह राज्य कभी समाप्त नहीं होगा।
दानिय्येल 7 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
यह स्वप्न पहली नज़र में डरावना लगता है, और सच में है भी। दानिय्येल खुद घबरा गया था, यह बात पाठ में साफ लिखी है। इससे पता चलता है कि परमेश्वर के वचन में हमेशा आसान चीज़ें नहीं होतीं, कभी-कभी कठिन और रहस्यमय चीज़ें भी होती हैं, और उन्हें समझने में समय लगे तो कोई बात नहीं।
बच्चे दानिय्येल 7 से क्या सीख सकते हैं?
वह "मनुष्य के सन्तान सा" कोई, जो बादलों के साथ आता है और जिसे सदा का राज्य दिया जाता है, हमें यीशु मसीह की याद दिलाता है। यीशु ने खुद को बार-बार "मनुष्य का पुत्र" कहा, और जब उनसे पूछा गया कि क्या वे मसीह हैं, तो उन्होंने इसी दृश्य की ओर इशारा किया। दानिय्येल का यह स्वप्न दिखाता है कि परमेश्वर का राज्य किसी क्रूर जन्तु की तरह ज़बरदस्ती से नहीं आएगा, बल्कि एक व्यक्ति के द्वारा आएगा जिसे परमेश्वर स्वयं प्रभुता, महिमा और अटल राज्य देंगे। यह वादा दानिय्येल के समय से चला आ रहा है, और अभी भी पूरी तरह पूरा होना बाकी है।
दानिय्येल 7 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दानिय्येल का स्वप्न देखकर वह घबरा गया था। क्या तुम्हें भी कभी परमेश्वर के बारे में सोचकर डर या उलझन महसूस हुई है? उस समय तुमने क्या किया?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 15

दानिय्येल ने अभी-अभी परमेश्वर का सिंहासन देखा था, और यह भी कि राज्य अन्त में मनुष्य के पुत्र को दिया जाएगा। फिर भी वह लिखता है, "मुझ दानिय्येल का मन व्याकुल हुआ, और जो कुछ मैंने देखा था उससे मैं घबरा गया।" जीत का दर्शन देखकर भी उसका मन कांप उठा। तो तुम्हारा घबराना अविश्वास नहीं है। दानिय्येल ने अपनी उलझन को दबाया नहीं, वह पूछने गया। तुम भी पूछ सकते हो।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 1

बेलशस्सर के पहले वर्ष में, जब बाबेल अब भी शक्तिशाली दिख रहा था, दानिय्येल अपने पलंग पर लेटा था और परमेश्वर ने उसे रात में बोला। जो व्यक्ति सालों तक दूसरों के स्वप्नों का अर्थ बताता आया, आज खुद एक स्वप्न पाता है। और वह उठकर उसे लिख लेता है। परमेश्वर जो तुझसे कहता है, क्या तू उसे सँभालकर रखता है, या सुबह होते ही भूल जाता है?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 4

पंख नोचे जाने का दृश्य डरावना लगता है, पर ध्यान दे कि उसके बाद क्या हुआ: "उसको मनुष्य का हृदय दिया गया।" नबूकदनेस्सर की कहानी यही थी। जब तक वह उड़ता रहा, वह पशु था। जमीन पर उतरकर ही वह इंसान बना।

तेरे जीवन में जो पंख टूटे, क्या वे सजा थे, या परमेश्वर तुझे हृदय लौटा रहा था?

किसी अन्य आयु वर्ग की तलाश है?

हमारे पास छोटे बच्चों (3-6 वर्ष) और किशोरों (12 वर्ष और अधिक) के लिए विशेष संस्करण भी हैं।

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For parents and teachers: 7 से 12 वर्ष के उन बच्चों के लिए लिखा गया जो स्वयं पढ़ सकते हैं। पारिवारिक भक्ति और स्कूल में बाइबल पाठ के लिए उत्तम। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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