7 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

यूहन्ना 1

प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

शुरुआत में, इससे पहले कि कुछ भी बना हो, कोई पहले से था। उसका नाम था "वचन।" वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन खुद परमेश्वर था। सब कुछ, हर तारा, हर पेड़, हर परिंदा, इसी वचन के द्वारा बना। इसके बिना कुछ भी नहीं बना।

इस वचन में जीवन था, और यह जीवन एक रोशनी की तरह था। सोचो एक बहुत अंधेरी रात, इतनी अंधेरी कि हाथ भी न दिखे। फिर अचानक एक रोशनी चमकती है। अंधकार उसे बुझा नहीं पाता।

परमेश्वर ने एक आदमी भेजा, उसका नाम यूहन्ना था। यूहन्ना खुद रोशनी नहीं था, पर वह चिल्लाकर बताने आया, "रोशनी आ रही है!" वह चाहता था कि सब लोग विश्वास करें।

सच्ची रोशनी दुनिया में आ रही थी। पर जब वह अपने ही घर आया, तो उसके अपने लोगों ने उसे पहचाना तक नहीं। जिन्होंने उसे अपनाया, उन्हें परमेश्वर की संतान बनने का अधिकार मिला।

फिर हुआ कुछ अद्भुत। वचन शरीर बन गया, और हमारे बीच रहने आया, जैसे कोई अपना तंबू गाड़ता है। लोगों ने उसकी महिमा देखी।

यूहन्ना ने पुकार कर कहा, "यह वही है जिसकी मैंने बात की थी, वह मुझसे पहले था, और मुझसे बड़ा है।"

एक दिन यूहन्ना ने यीशु को अपनी ओर आते देखा और चिल्लाया, "देखो, यह परमेश्वर का मेम्ना है, जो दुनिया का पाप उठा ले जाता है!"

अगले दिन यूहन्ना के दो चेले यीशु के पीछे चल पड़े। यीशु ने मुड़कर पूछा, "तुम किसे खोज रहे हो?" उन्होंने कहा, "गुरुजी, आप कहाँ रहते हैं?" यीशु ने कहा, "आओ, देख लो।" वे उस दिन उसके साथ रहे।

अन्द्रियास दौड़ता हुआ अपने भाई शमौन के पास गया, "हमें मसीह मिल गया!" फिलिप्पुस ने नतनएल को बुलाया। नतनएल ने पूछा, "क्या नासरत से कोई अच्छी चीज़ निकल सकती है?" फिलिप्पुस बोला, "चलकर देख लो।"

जब नतनएल यीशु के पास आया, यीशु ने कहा, "इससे पहले कि फिलिप्पुस ने तुझे बुलाया, मैंने तुझे अंजीर के पेड़ के नीचे देखा था।" नतनएल चौंककर बोला, "आप परमेश्वर के पुत्र हैं!"

What Does This Mean?

यह कहानी बताती है कि यीशु कोई साधारण इंसान नहीं हैं। वे शुरुआत से थे, दुनिया बनने से पहले भी। उन्होंने ही सब कुछ बनाया, फिर भी वे हमारे बीच रहने आए, जैसे कोई राजा अपना महल छोड़कर छोटे से गाँव में रहने आए। यूहन्ना खुद रोशनी नहीं था, पर उसने रोशनी की ओर इशारा किया। हमारा काम भी यही है, यीशु की ओर इशारा करना।

The Common Thread

यह कहानी परमेश्वर के उस पुराने वादे से जुड़ी है। भविष्यद्वक्ताओं ने कहा था कि एक मेम्ना आएगा, जो लोगों के पाप उठा ले जाएगा। यूहन्ना ने यीशु को देखकर पहचान लिया, "यह वही मेम्ना है!" यह मेम्ना कोई कमज़ोर जानवर नहीं, परमेश्वर का पुत्र है, जो हमारे लिए अपनी जान देने आया।

For You

क्या तुम यीशु को अपने घर में जगह दोगे, जैसे नतनएल और अन्द्रियास ने दी? तुम भी आज यीशु से बात कर सकते हो, जैसे किसी दोस्त से बात करते हो। तुम उन्हें बता सकते हो कि तुम उनके पीछे चलना चाहते हो।

Talk About It

यूहन्ना ने कहा, "मैं रोशनी नहीं हूँ, पर मैं रोशनी की गवाही देता हूँ।" तुम किसे बता सकते हो कि यीशु कौन हैं?

फिलिप्पुस ने नतनएल से कहा, "चलकर देख लो।" अगर तुम्हारा दोस्त यीशु के बारे में शक करे, तो तुम क्या कहोगे?

Praying Together

प्रभु यीशु, आप शुरुआत से थे, फिर भी आप हमारे बीच रहने आए। धन्यवाद कि आप रोशनी हैं, और अंधकार आपको कभी नहीं जीत सकता। हमें भी अपने पीछे चलने में मदद दीजिए, जैसे अन्द्रियास और नतनएल ने किया। आमीन।

यह बाइबल कहानी साझा करें

अन्य माता पिता या शिक्षकों के लिए, जिन्हें यह उपयोगी लग सकता है।

WhatsApp Email Facebook X / Twitter

यूहन्ना 1 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

यूहन्ना 1 किस विषय में है?
शुरुआत में, इससे पहले कि कुछ भी बना हो, कोई पहले से था। उसका नाम था "वचन।" वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन खुद परमेश्वर था। सब कुछ, हर तारा, हर पेड़, हर परिंदा, इसी वचन के द्वारा बना। इसके बिना कुछ भी नहीं बना।
यूहन्ना 1 क्या कहता है?
सच्ची रोशनी दुनिया में आ रही थी। पर जब वह अपने ही घर आया, तो उसके अपने लोगों ने उसे पहचाना तक नहीं। जिन्होंने उसे अपनाया, उन्हें परमेश्वर की संतान बनने का अधिकार मिला।
यूहन्ना 1 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
एक दिन यूहन्ना ने यीशु को अपनी ओर आते देखा और चिल्लाया, "देखो, यह परमेश्वर का मेम्ना है, जो दुनिया का पाप उठा ले जाता है!"
बच्चे यूहन्ना 1 से क्या सीख सकते हैं?
जब नतनएल यीशु के पास आया, यीशु ने कहा, "इससे पहले कि फिलिप्पुस ने तुझे बुलाया, मैंने तुझे अंजीर के पेड़ के नीचे देखा था।" नतनएल चौंककर बोला, "आप परमेश्वर के पुत्र हैं!"
यूहन्ना 1 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
क्या तुम यीशु को अपने घर में जगह दोगे, जैसे नतनएल और अन्द्रियास ने दी? तुम भी आज यीशु से बात कर सकते हो, जैसे किसी दोस्त से बात करते हो। तुम उन्हें बता सकते हो कि तुम उनके पीछे चलना चाहते हो।

किसी अन्य आयु वर्ग की तलाश है?

हमारे पास छोटे बच्चों (3-6 वर्ष) और किशोरों (12 वर्ष और अधिक) के लिए विशेष संस्करण भी हैं।

बच्चों की बाइबल टूल में खोलें

For parents and teachers: 7 से 12 वर्ष के उन बच्चों के लिए लिखा गया जो स्वयं पढ़ सकते हैं। पारिवारिक भक्ति और स्कूल में बाइबल पाठ के लिए उत्तम। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

© 2026 Faith.Network. सर्वाधिकार सुरक्षित।

Faith.network एक सेवकाई है Faith.network · KvK 84972599 · connect@faith.network