व्यवस्थाविवरण 16
प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
The Explanation
व्यवस्थाविवरण अध्याय 16 में परमेश्वर मूसा के द्वारा इस्राएल के लोगों को तीन बड़े पर्व मनाने के लिए कहते हैं। पहला है फसह का पर्व। इस दिन लोग याद करते थे कि परमेश्वर किस तरह उन्हें रातों-रात मिस्र की दासता से बाहर निकाल लाए थे। वे भेड़ या बैल की बलि चढ़ाते और सात दिन तक बिना खमीर की रोटी खाते, जिससे उन्हें याद रहे कि वे कितनी जल्दी में मिस्र से निकले थे। दूसरा पर्व है सप्ताहों का पर्व, जो फसल कटने के समय मनाया जाता था। इसमें लोग खुशी से भेंट लाते और सबको, यहाँ तक कि दास, विदेशी, अनाथ और विधवाओं को भी, आनन्द में शामिल करते थे। तीसरा है झोपड़ियों का पर्व, जब सारी उपज इकट्ठी हो जाती थी और लोग सात दिन तक धन्यवाद के साथ उत्सव मनाते थे।
अध्याय के अंत में परमेश्वर एक और बात जोड़ते हैं, जो पहले तीन बातों से थोड़ी अलग लगती है, न्याय के बारे में। हर फाटक में, यानी हर शहर में, ऐसे न्यायी और सरदार नियुक्त किए जाएँ जो धार्मिकता से न्याय करें, जो घूस न लें और पक्षपात न करें। और अंत में परमेश्वर मनाही करते हैं कि वेदी के पास लकड़ी की अशेरा या कोई स्तम्भ खड़ा न किया जाए, क्योंकि ऐसी चीज़ों से परमेश्वर घृणा करते हैं।
What Does This Mean?
क्या आपने कभी सोचा है कि उत्सव और न्याय का आपस में क्या संबंध है? यह अध्याय दिखाता है कि परमेश्वर के लोगों का जीवन दो बातों से बनता है, याद रखना और सही जीना। पर्व सिखाते हैं कि परमेश्वर ने क्या किया है, उन्होंने दासों को आज़ाद किया, फसल दी, और साथ रहने का रास्ता दिया। न्याय की आज्ञाएँ सिखाती हैं कि परमेश्वर के लोग कैसे रहें, ईमानदारी से, बिना पक्षपात के।
ध्यान दें कि उत्सव में दास, विदेशी, अनाथ और विधवा भी शामिल हैं। यह कोई मामूली बात नहीं है। परमेश्वर नहीं चाहते कि खुशी केवल कुछ लोगों के लिए हो। जिनके पास कम है, जो समाज में भूले हुए हैं, उन्हें भी मेज़ पर जगह मिलनी चाहिए। और यह भी ध्यान देने योग्य है कि परमेश्वर बार-बार कहते हैं, "स्मरण रखना कि तू भी मिस्र में दास था।" याद रखना उन्हें विनम्र बनाता है।
The Common Thread
फसह का पर्व इस्राएल के इतिहास में सबसे बड़ी घटना की याद दिलाता था, मिस्र से छुड़ौती। परमेश्वर एक मेमने के खून के द्वारा अपने लोगों को बचाते थे। बहुत बाद में, जब यीशु मसीह इस धरती पर आए, तो वे ठीक फसह के समय ही यरूशलेम गए, और वहीं उनकी मृत्यु हुई। नए नियम में पौलुस लिखते हैं कि यीशु मसीह हमारे लिए फसह के मेमने जैसे हैं। जैसे पुराने समय में मेमने का खून लोगों को बचाता था, वैसे ही यीशु मसीह का बलिदान हमें पाप और मृत्यु से बचाता है। यह कोई संयोग नहीं है। परमेश्वर सदियों पहले से ही एक बड़ी योजना बना रहे थे, और फसह का पर्व उसकी एक झलक था।
For You
इस अध्याय से एक सवाल हमारे लिए भी है, क्या हमारे उत्सव और हमारी ईमानदारी आपस में जुड़े हुए हैं? कभी-कभी हम सोचते हैं कि परमेश्वर के साथ खुश रहना और सही काम करना दो अलग बातें हैं। पर यह अध्याय दिखाता है कि दोनों एक साथ चलते हैं। जब आप किसी उत्सव में शामिल होते हैं, चाहे वह क्रिसमस हो या ईस्टर, तो याद रखिए कि यह केवल मीठा खाना और सजावट नहीं है, यह याद करने का समय है कि परमेश्वर ने क्या किया है। और जब आपके स्कूल या घर में कोई फैसला करना हो, तो याद रखिए कि परमेश्वर घूस और पक्षपात से घृणा करते हैं। सच्चाई से खड़े रहना, चाहे इसमें कठिनाई हो, यह भी परमेश्वर के लोगों की पहचान है।
Talk About It
अध्याय में कहा गया है कि उत्सव में दास, विदेशी, अनाथ और विधवा भी शामिल हों। आपके आसपास कौन ऐसा है जिसे शायद कभी उत्सव या खुशी में शामिल नहीं किया जाता?
परमेश्वर कहते हैं कि घूस बुद्धिमान की आँखें भी अंधी कर देती है। क्या आपको लगता है कि छोटी सी बेईमानी भी किसी को धीरे-धीरे बदल सकती है?
Praying Together
प्रभु, धन्यवाद कि आप हमें याद दिलाते हैं कि आपने हमें आज़ाद किया है। हमें ऐसा हृदय दीजिए जो उत्सव मनाना जानता हो और सच्चाई से भी खड़ा रह सके। हमें उन लोगों को याद रखने में मदद करें जिन्हें अक्सर भुला दिया जाता है। यीशु मसीह के नाम में, आमीन।
व्यवस्थाविवरण 16 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
व्यवस्थाविवरण 16 किस विषय में है?
व्यवस्थाविवरण 16 क्या कहता है?
व्यवस्थाविवरण 16 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
बच्चे व्यवस्थाविवरण 16 से क्या सीख सकते हैं?
व्यवस्थाविवरण 16 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
तू अपने एक एक गोत्र में, अपने सब फाटकों के भीतर जिन्हें तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है, न्यायी और सरदार नियुक्त कर लेना, जो लोगों का न्याय धर्म से किया करें।"
ध्यान दे, न्याय मंदिर में नहीं, फाटक पर बैठता है। वहीं जहाँ लोग सौदा करते, झगड़ते, रोते थे। परमेश्वर चाहता है कि उसकी धार्मिकता तेरी रोज़ की बातचीत तक पहुँचे। तेरे फाटक पर आज कौन इंसाफ़ की बाट जोह रहा है?
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