7 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

एस्तेर 6

प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

उस रात राजा क्षयर्ष को नींद नहीं आई। हम नहीं जानते क्यों, बाइबल यह नहीं बताती। पर राजा ने कुछ अनोखा किया, उसने इतिहास की पुस्तक पढ़वाई। और ठीक उस भाग पर पढ़ना शुरू हुआ जहाँ लिखा था कि मोर्दकै ने राजा की जान बचाई थी, जब दो द्वारपालों ने उसे मारने की योजना बनाई थी। राजा ने पूछा, "इसके बदले मोर्दकै को क्या सम्मान दिया गया?" उत्तर मिला, "कुछ भी नहीं।"

उसी क्षण हामान आँगन में खड़ा था। वह मोर्दकै को फाँसी देने की अनुमति माँगने आया था। पर राजा ने उसे भीतर बुलाया और एक अजीब सवाल पूछा, "जिसका सम्मान करना हो, उसके लिए क्या करना चाहिए?" हामान ने सोचा यह सम्मान उसके लिए ही होगा, इसलिए उसने बड़ी योजना सुझाई, राजकीय वस्त्र, राजा का घोड़ा, और नगर में घुमाकर प्रचार।

राजा ने कहा, "जाओ, यही मोर्दकै के साथ करो।" कल्पना करें हामान का चेहरा उस पल कैसा रहा होगा। उसे वही करना पड़ा जो उसने अपने लिए सोचा था, पर अपने सबसे बड़े शत्रु के लिए। वह मोर्दकै को नगर में घुमाता रहा और खुद पुकारता रहा, "जिसका सम्मान राजा करना चाहता है उसके साथ ऐसा ही किया जाएगा।"

इसके बाद हामान शोक करता हुआ, सिर ढाँपे घर गया। उसकी पत्नी और मित्रों ने उससे कहा, "यदि मोर्दकै यहूदी है, तो तू उस पर प्रबल नहीं हो पाएगा।" और ठीक उसी समय राजा के सेवक आए और हामान को एस्तेर के भोज में ले गए, जहाँ उसका पतन शुरू होने वाला था।

इसका अर्थ क्या है?

यह अध्याय दिखाता है कि परमेश्वर कहीं भी नाम से नहीं आते, फिर भी हर जगह मौजूद हैं। एक राजा को अचानक नींद नहीं आती। एक पुस्तक ठीक उस पन्ने पर खुलती है। हामान ठीक उस समय आँगन में आ जाता है। यह सब संयोग जैसा लगता है, पर असल में परमेश्वर पर्दे के पीछे काम कर रहे हैं। एस्तेर की किताब में परमेश्वर का नाम एक बार भी नहीं लिखा है, पर उनका हाथ हर घटना में दिखाई देता है।

यहाँ हमें यह भी दिखता है कि जो योजना बुराई से बनाई जाती है, वह अक्सर उसी पर पलट जाती है जिसने उसे बनाया। हामान ने अपने अभिमान में एक फाँसी का खम्भा तैयार करवाया था और सम्मान की योजना खुद के लिए सोची थी। पर दोनों बातें उलट गईं। यह कोई जादू नहीं था, यह परमेश्वर का न्याय था, जो चुपचाप काम करता है।

बड़ी कड़ी

बाइबल की पूरी कहानी में एक बात बार-बार दिखती है, परमेश्वर अपने लोगों को नहीं भूलते, चाहे वे कितने भी दूर हों, चाहे उनका नाम भी सीधे न लिखा जाए। उन्होंने अब्राहम से एक वाचा बाँधी थी, यानी एक पक्का वादा, कि उनके वंश से आशीष सारी दुनिया तक पहुँचेगी। एस्तेर और मोर्दकै के दिनों में वह वंश खतरे में था। परमेश्वर उस वादे को नहीं तोड़ते, इसलिए वे नींद उड़ा देते हैं, किताब का पन्ना खोल देते हैं, समय को ठीक जगह पर रख देते हैं।

बहुत बाद में, प्रभु यीशु मसीह के जीवन में भी हम यही देखते हैं। जो लोग उन्हें नीचा दिखाना चाहते थे, आखिर में उनकी योजना ही परमेश्वर के हाथों में उलट गई, और सूली जो शर्म की जगह थी, वही उद्धार का स्थान बन गई। परमेश्वर वही हैं जो बुराई की योजनाओं को भी अपने भले काम के लिए मोड़ सकते हैं।

तुम्हारे लिए

कभी तुमने सोचा है कि परमेश्वर तुम्हारी ज़िंदगी में कहाँ हैं, जब सब कुछ साधारण और उलझा हुआ लगता है? यह अध्याय कहता है, वे वहीं हैं, भले तुम्हें उनका नाम कहीं लिखा हुआ न दिखे। जब कोई तुम्हारे साथ अन्याय करे, तो तुरंत बदला लेने की सोच मत रखो। परमेश्वर पर भरोसा रखो, वे समय जानते हैं। और जब तुम खुद किसी से जलते हो या किसी को नीचा दिखाना चाहते हो जैसा हामान ने चाहा, तो याद रखो, वह रास्ता अंत में खुद पर ही पलट सकता है।

बात करें

अगर परमेश्वर का नाम इस पूरी कहानी में एक बार भी नहीं लिखा है, तो हम कैसे कह सकते हैं कि वे इसमें काम कर रहे थे?

क्या तुम्हें कभी लगा है कि कोई घटना "बस संयोग" थी, पर बाद में समझ आया कि उसके पीछे कुछ और था?

साथ में प्रार्थना

प्रभु, आप हमें तब भी देखते हैं जब हमें नहीं दिखता कि आप कहाँ हैं। जैसे आपने मोर्दकै और एस्तेर को नहीं भूला, वैसे ही हमें भी मत भूलिए। हमें सिखाइए कि जल्दी बदला न लें, और आप पर भरोसा रखें, भले रास्ता लंबा लगे। आमीन।

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एस्तेर 6 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

एस्तेर 6 किस विषय में है?
उस रात राजा क्षयर्ष को नींद नहीं आई। हम नहीं जानते क्यों, बाइबल यह नहीं बताती। पर राजा ने कुछ अनोखा किया, उसने इतिहास की पुस्तक पढ़वाई। और ठीक उस भाग पर पढ़ना शुरू हुआ जहाँ लिखा था कि मोर्दकै ने राजा की जान बचाई थी, जब दो द्वारपालों ने उसे मारने की योजना बनाई थी। राजा ने पूछा, "इसके बदले मोर्दकै को क्या सम्मान दिया गया?
एस्तेर 6 क्या कहता है?
राजा ने कहा, "जाओ, यही मोर्दकै के साथ करो।" कल्पना करें हामान का चेहरा उस पल कैसा रहा होगा। उसे वही करना पड़ा जो उसने अपने लिए सोचा था, पर अपने सबसे बड़े शत्रु के लिए। वह मोर्दकै को नगर में घुमाता रहा और खुद पुकारता रहा, "जिसका सम्मान राजा करना चाहता है उसके साथ ऐसा ही किया जाएगा।"
एस्तेर 6 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
यह अध्याय दिखाता है कि परमेश्वर कहीं भी नाम से नहीं आते, फिर भी हर जगह मौजूद हैं। एक राजा को अचानक नींद नहीं आती। एक पुस्तक ठीक उस पन्ने पर खुलती है। हामान ठीक उस समय आँगन में आ जाता है। यह सब संयोग जैसा लगता है, पर असल में परमेश्वर पर्दे के पीछे काम कर रहे हैं। एस्तेर की किताब में परमेश्वर का नाम एक बार भी नहीं लिखा है, पर उनका हाथ हर घटना में दिखाई देता है।
बच्चे एस्तेर 6 से क्या सीख सकते हैं?
बाइबल की पूरी कहानी में एक बात बार-बार दिखती है, परमेश्वर अपने लोगों को नहीं भूलते, चाहे वे कितने भी दूर हों, चाहे उनका नाम भी सीधे न लिखा जाए। उन्होंने अब्राहम से एक वाचा बाँधी थी, यानी एक पक्का वादा, कि उनके वंश से आशीष सारी दुनिया तक पहुँचेगी। एस्तेर और मोर्दकै के दिनों में वह वंश खतरे में था। परमेश्वर उस वादे को नहीं तोड़ते, इसलिए वे नींद उड़ा देते हैं, किताब का पन्ना खोल देते हैं, समय को ठीक जगह पर रख देते हैं।
एस्तेर 6 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
कभी तुमने सोचा है कि परमेश्वर तुम्हारी ज़िंदगी में कहाँ हैं, जब सब कुछ साधारण और उलझा हुआ लगता है? यह अध्याय कहता है, वे वहीं हैं, भले तुम्हें उनका नाम कहीं लिखा हुआ न दिखे। जब कोई तुम्हारे साथ अन्याय करे, तो तुरंत बदला लेने की सोच मत रखो। परमेश्वर पर भरोसा रखो, वे समय जानते हैं। और जब तुम खुद किसी से जलते हो या किसी को नीचा दिखाना चाहते हो जैसा हामान ने चाहा, तो याद रखो, वह रास्ता अंत में खुद पर ही पलट सकता है।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 3

उसके लिए कुछ नहीं किया गया।" पाँच साल हो गए थे। मोर्दकै ने राजा की जान बचाई, और सब भूल गए। कोई इनाम नहीं, कोई धन्यवाद नहीं।

पर जो आदमी भूल गया, वह राजा था, परमेश्वर नहीं। ठीक उसी रात, ठीक उसी पन्ने पर राजा की नींद उड़ी।

तेरी सेवा जो किसी ने नहीं देखी, वह बही में लिखी है। समय उसका है, देर उसकी नहीं।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 7

हामान राजा के पास मोर्दकै के लिए फाँसी मँगवाने आया था, और जब राजा ने पूछा तो उसने सोचा बात उसी के बारे में है। "जिस पुरुष की प्रतिष्ठा राजा करना चाहता है," यह कहते हुए उसके मन में अपना ही चेहरा था। अपने बारे में बड़ी सोच रखना कितना खतरनाक है। कभी सोचो, परमेश्वर की बातों में तुम कहाँ अपने आप को रख देते हो?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 1

उस रात राजा की नींद उड़ गई। "उस रात राजा की नींद उड़ गई, तब उसने आज्ञा दी कि इतिहास की पुस्तक लाई जाए।" न कोई स्वर्गदूत, न कोई चमत्कार, बस एक करवट बदलता हुआ आदमी। और उसी बेचैनी से मोर्दकै की जान बची। तेरी जिस रात नींद नहीं आती, हो सकता है परमेश्वर वहीं किसी की कहानी बदल रहा हो।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 12

राजा के घोड़े पर सवारी, नगर भर में सम्मान, और उसके बाद मोर्दकै क्या करता है? "मोर्दकै तो राजभवन के फाटक पर लौट गया।" वही पुरानी जगह, वही चौकी। आदर मिला तो सिर ऊँचा नहीं हुआ। उधर हामान "शोक करता और सिर ढाँपे हुए" घर भागा, क्योंकि उसकी पहचान लोगों की वाहवाही से बँधी थी। तेरी पहचान किससे बँधी है? जिस दिन तारीफ़ रुक जाए, क्या तू अपनी चौकी पर टिका रहेगा?

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For parents and teachers: 7 से 12 वर्ष के उन बच्चों के लिए लिखा गया जो स्वयं पढ़ सकते हैं। पारिवारिक भक्ति और स्कूल में बाइबल पाठ के लिए उत्तम। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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