गलातियों 5
नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
व्याख्या
एक बार पौलुस ने अपने दोस्तों को एक पत्र लिखा। उनका नाम था गलातिया के लोग। पौलुस उनसे बहुत प्यार करते थे।
पौलुस ने लिखा, "तुम स्वतंत्र हो!" स्वतंत्र मतलब, बंधे हुए नहीं। जैसे एक पंछी पिंजरे से बाहर उड़ता है। ऐसे ही मसीह ने हमें स्वतंत्र किया है।
पौलुस ने कहा, एक दूसरे को काटो मत। एक दूसरे को फाड़ो मत। जैसे छोटे कुत्ते कभी-कभी लड़ते हैं, है ना? पौलुस कहते हैं, ऐसा मत करो।
इसके बदले, पौलुस कहते हैं, "अपने पड़ोसी से प्यार करो। जैसे खुद से प्यार करते हो।" अपने पड़ोसी को याद करो। वह जो तुम्हारे बगल में रहता है। उससे प्यार करो।
यह बात क्या कहती है?
पौलुस ने दो रास्तों की बात की। एक रास्ता शरीर का। उस रास्ते पर, लोग झगड़ते हैं। गुस्सा करते हैं। एक दूसरे से जलते हैं।
दूसरा रास्ता पवित्र आत्मा का। यह रास्ता अलग है। इस रास्ते पर एक पेड़ उगता है। उस पेड़ पर फल लगते हैं।
कैसे फल? सुनो। प्रेम, आनन्द, शान्ति। धीरज, दया, भलाई। विश्वास, नम्रता, संयम।
क्या तुमने कभी सेब का पेड़ देखा है? पेड़ चुपचाप खड़ा रहता है। और धीरे धीरे, फल आते हैं। लाल, मीठे सेब।
पवित्र आत्मा भी ऐसे ही काम करते हैं। चुपचाप। धीरे धीरे। हमारे अंदर प्रेम उगाते हैं। आनन्द उगाते हैं। शान्ति उगाते हैं।
मुख्य सूत्र
मसीह यीशु ने हमारे लिए यह किया। उन्होंने अपने आप को क्रूस पर दे दिया। ताकि हम स्वतंत्र हों। ताकि हमारे अंदर पवित्र आत्मा आ सकें।
जैसे कोई पिंजरा खोलता है, और पंछी उड़ जाता है। वैसे ही मसीह ने हमें खोला। अब हम डर में नहीं जीते। हम प्रेम में जीते हैं।
तुम्हारे लिए
आज, जब तुम्हारा भाई या बहन तुम्हारा खिलौना ले ले, तब क्या करोगे? काटोगे? चिल्लाओगे?
या प्रेम का फल दिखाओगे? धीरज रखोगे? शान्ति से बोलोगे?
पवित्र आत्मा तुम्हारी मदद करना चाहते हैं। उनसे पूछो। वे तुम्हारे अंदर अच्छा फल उगाएंगे।
बात करें
तुम्हारे अंदर कौन सा फल सबसे पहले उगाना चाहते हो, प्रेम या शान्ति?
जब कोई तुम्हें तंग करता है, तब तुम क्या कर सकते हो?
साथ में प्रार्थना
प्यारे परमेश्वर, धन्यवाद, आपने हमें स्वतंत्र किया। हमारे अंदर पवित्र आत्मा को भेजिए। हमें प्रेम करना सिखाइए। हमें शान्त रहना सिखाइए। यीशु के नाम में, आमीन।
गलातियों 5 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
गलातियों 5 किस विषय में है?
गलातियों 5 क्या कहता है?
गलातियों 5 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
नन्हे बच्चे गलातियों 5 से क्या सीख सकते हैं?
गलातियों 5 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
गलातिया की कलीसिया में लड़ाई इसी बात पर थी कि कौन सही नियम निभा रहा है। पौलुस कहता है, "क्योंकि मसीह यीशु में न खतना और न खतनारहित कुछ काम का है, परन्तु केवल विश्वास जो प्रेम के द्वारा कार्य करता है।" तेरा विश्वास चुपचाप मन में नहीं बैठा रहता, वह हाथ पैर उठाकर प्रेम करता है। आज किसके लिए?
तुम जो व्यवस्था के द्वारा धर्मी ठहरना चाहते हो, मसीह से अलग हो गए और अनुग्रह से गिर गए हो।" पौलुस यह उन लोगों से कह रहा है जो बुरे नहीं, बल्कि बहुत धार्मिक बनना चाहते थे। खतरा हमेशा पाप की तरफ से नहीं आता। कभी अपनी नेकी भी मसीह और हमारे बीच खड़ी हो जाती है। सोचिए, आज आप किस बात के भरोसे परमेश्वर के सामने खड़े होते हैं?
पर यदि तुम एक दूसरे को दाँत से काटते और फाड़ खाते हो, तो चौकस रहो कि एक दूसरे का सत्यानाश न कर दो।" पौलुस ने जंगली जानवरों की भाषा चुनी, क्योंकि कलीसिया में बहस इतनी बढ़ गई थी। ध्यान दे, वह यह नहीं कहता कि तुम दूसरे को नष्ट कर दोगे, बल्कि दोनों मिटेंगे। जिस बात को लेकर तू आज किसी भाई से लड़ रहा है, क्या वह इस कीमत के लायक है?
हम घमण्ड करनेवाले न बनें, न एक दूसरे को चिढ़ाएँ, न एक दूसरे से डाह करें।" ध्यान दो, खोखला घमण्ड दो रास्ते बनाता है। जो हमसे पीछे लगते हैं, उन्हें हम चिढ़ाते हैं; जो हमसे आगे दिखते हैं, उनसे जलते हैं। दोनों में तुलना ही जड़ है। आत्मा का फल बताया जा चुका, अब सवाल यह है: क्या तेरी नज़र भाई को नापती है, या थामती है?
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