होशे 8
प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
होशे अध्याय 8 की व्याख्या
The Explanation
एक आदमी पहाड़ी पर खड़ा है। उसके हाथ में एक बड़ा नरसिंगा है, एक तुरही जैसा बाजा। वह ज़ोर से फूँकता है ताकि सब लोग सुन लें। खतरा आ रहा है! एक चील की तरह, तेज़ और डरावनी, दुश्मन झपटने वाला है। क्यों? क्योंकि परमेश्वर के लोगों ने एक वादा तोड़ा है। उन्होंने कहा था, "हम आपको मानेंगे," पर फिर अपनी मनमानी की।
सोचो, इस्राएल के लोग ज़ोर से पुकारते हैं, "हे परमेश्वर, हम आपको जानते हैं!" पर उनके काम कुछ और ही कहते हैं। उन्होंने अपने राजा खुद चुन लिए, परमेश्वर से पूछे बिना। फिर उन्होंने सोना चाँदी पिघलाकर मूर्तियाँ बनाईं, एक बछड़े की मूर्ति भी। सोचो ज़रा, एक कारीगर ने उसे गढ़ा, हथौड़ी और आग से। क्या वह मूर्ति कभी बोल सकती है? कभी बचा सकती है? नहीं। इसलिए परमेश्वर कहते हैं वह बछड़ा टुकड़े टुकड़े हो जाएगा।
फिर एक अजीब तस्वीर आती है। परमेश्वर कहते हैं, "वे हवा बोते हैं, और आँधी काटेंगे।" जैसे कोई किसान खेत में हवा बोए, कुछ नहीं उगेगा, बस तूफान आएगा। उनकी मेहनत बेकार जाएगी। उनका अनाज नहीं बचेगा, और जो थोड़ा बचेगा, परदेशी लोग खा जाएंगे।
इस्राएल ने अश्शूर नाम के बड़े देश से दोस्ती की, मदद माँगी, जैसे जंगली गधा अपने झुंड से भटक जाए। पर परमेश्वर कहते हैं, फिर भी मैं उन्हें इकट्ठा करूँगा। उन्होंने बहुत सी वेदियाँ बनाईं, बलिदान चढ़ाए, पशु काटे। पर परमेश्वर खुश नहीं हैं, क्योंकि उनका दिल दूर था। उन्होंने अपने बनाने वाले को भुला दिया, और महल और किले बना लिए। अंत में परमेश्वर कहते हैं, मैं उन नगरों में आग भेजूँगा।
What Does This Mean?
यह कहानी एक चेतावनी है, पर एक उदास चेतावनी है। परमेश्वर के लोग मुँह से कहते थे "हम आपको जानते हैं," पर दिल से दूर भाग गए थे। उन्होंने मूर्तियाँ बनाईं, जैसे बच्चा किसी खिलौने को असली दोस्त समझ ले। पर खिलौना कभी असली दोस्त नहीं बन सकता। परमेश्वर दुखी हैं, क्योंकि वे चाहते थे कि उनके लोग सच में उन्हें प्यार करें, न कि सिर्फ बड़े शब्द बोलें।
The Common Thread
परमेश्वर ने अपनी व्यवस्था, यानी अपनी बातें, लाखों में लिखकर दीं। उन्होंने रास्ता दिखाया था। पर लोगों ने उसे "पराया" समझा, जैसे कोई अजनबी की चिट्ठी। बहुत बाद में परमेश्वर ने अपना बेटा यीशु मसीह भेजा, ताकि लोग फिर से सच में जान सकें कि परमेश्वर कैसे हैं। यीशु मसीह मूर्ति नहीं थे, वे जीवित परमेश्वर थे, जो प्यार करने और बचाने आए।
For You
तुम्हारे कमरे में शायद कोई खिलौना है जिसे तुम बहुत प्यार करते हो। पर वह खिलौना कभी तुमसे बात नहीं कर सकता, कभी तुम्हारी मदद नहीं कर सकता। परमेश्वर असली हैं, वे सुनते हैं, वे बोलते हैं। आज तुम कह सकते हो, "परमेश्वर, मैं सच में आपको जानना चाहता हूँ, सिर्फ बोलना नहीं।"
Talk About It
इस्राएल के लोगों ने मुँह से कहा वे परमेश्वर को जानते हैं, पर दिल से दूर थे। तुम्हारे साथ ऐसा कब होता है?
सोने चाँदी की मूर्ति बोल नहीं सकती थी। परमेश्वर के बारे में सबसे अच्छी बात क्या है जो मूर्ति में कभी नहीं हो सकती?
Praying Together
प्रिय परमेश्वर, हम चाहते हैं कि सिर्फ मुँह से नहीं, पर दिल से भी आपको जानें। हमें मदद कीजिए कि हम सच में आप पर भरोसा करें, न कि किसी और चीज़ पर। धन्यवाद कि आप हमेशा सुनते हैं। आमीन।
होशे 8 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
होशे 8 किस विषय में है?
होशे 8 क्या कहता है?
होशे 8 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
बच्चे होशे 8 से क्या सीख सकते हैं?
होशे 8 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
एप्रैम ने वेदियाँ घटाई नहीं, बढ़ाई थीं। "एप्रैम ने पाप करने के लिए बहुत सी वेदियाँ बनाईं।" बाहर से यह भक्ति दिखती है, परमेश्वर की नज़र में यह पाप का ढेर था। कभी हम भी ऐसा करते हैं, मन बदलने के बजाय धार्मिक काम बढ़ा देते हैं। एक और सेवा, एक और उपवास, पर वही पुराना दिल। सोच, तेरी वेदियाँ तुझे उसके पास ले जा रही हैं, या उससे छिपा रही हैं?
इस्राएल ने भलाई को मन से उतार दिया है, शत्रु उसका पीछा करेगा।" ध्यान दो, यहाँ भलाई ने इस्राएल को नहीं छोड़ा, इस्राएल ने भलाई को ठुकराया। परमेश्वर वहीं खड़ा था, पर उन्होंने मुँह फेर लिया।
आज खुद से पूछ, कहीं तू भी उस आवाज़ को टालता तो नहीं जो तुझे सही राह दिखाती है? जिसे हम धीरे धीरे मन से उतारते हैं, एक दिन उसकी कमी हमें अकेला कर देती है।
एक कारीगर ने उसे बनाया, और वह परमेश्वर नहीं है; सामरिया का बछड़ा टुकड़े-टुकड़े हो जाएगा।" जिस बछड़े के सामने वे झुकते थे, वह उन्हीं के हाथों की मेहनत थी। सोचिए, अपनी ही बनाई चीज़ से सहारा माँगना। आज भी हम जो कमाते हैं, जो पद बनाते हैं, उसी से पूछते हैं, क्या मैं सुरक्षित हूँ? पर जो टूट सकता है, वह बचा नहीं सकता।
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