अय्यूब 23
प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
अय्यूब अध्याय 23 की कहानी
The Explanation
अय्यूब बहुत दुःख में था। उसका सब कुछ छिन गया था, उसका शरीर दर्द से भरा था। उसके दोस्त आकर कह रहे थे, "तूने ज़रूर कुछ बुरा किया होगा, इसलिए यह सब हो रहा है।" पर अय्यूब जानता था कि उसने परमेश्वर के साथ बेईमानी नहीं की।
अय्यूब ने कहा, "मेरी कुड़कुड़ाहट अब भी नहीं रुक सकती, मेरे कष्ट मेरे कराहने से भारी है।" वह चिल्लाना चाहता था, पर किसी इंसान पर नहीं, सीधे परमेश्वर पर। उसने कहा, "भला होता, कि मैं जानता कि वह कहाँ मिल सकता है!" जैसे कोई राजा से मिलना चाहे, पर राजमहल का रास्ता न जानता हो।
अय्यूब कहता है, वह परमेश्वर के सामने अपनी पूरी बात रखना चाहता था। वह जानना चाहता था, परमेश्वर क्या जवाब देंगे। और उसे विश्वास था कि परमेश्वर ज़ोर-ज़बरदस्ती से नहीं, बल्कि प्यार से उसकी बात सुनेंगे। पर फिर अय्यूब निराश होकर कहता है, "देखो, मैं आगे जाता हूँ परन्तु वह नहीं मिलता।" जैसे किसी अंधेरे कमरे में कोई हाथ फैलाकर किसी को ढूँढे, पर कुछ भी हाथ न लगे। आगे जाओ, परमेश्वर नहीं। पीछे जाओ, वे फिर भी नहीं। बाईं ओर देखो, दाईं ओर देखो, कहीं नहीं दिखते।
क्या तुमने कभी ऐसा महसूस किया है? जब तुम परमेश्वर से बात करना चाहते हो, पर लगे कि वे सुन ही नहीं रहे?
फिर अय्यूब एक बड़ी बात कहता है, "परन्तु वह जानता है, कि मैं कैसी चाल चला हूँ।" भले ही अय्यूब परमेश्वर को देख नहीं पा रहा था, पर परमेश्वर अय्यूब को देख रहे थे। अय्यूब कहता है, जब परमेश्वर उसकी परीक्षा लेंगे, तब वह सोने के समान चमककर निकलेगा। जैसे सोने को आग में डाला जाए, तब मैल जलकर निकल जाता है और सोना साफ चमकता है।
फिर भी अंत में अय्यूब काँप उठता है। वह कहता है, "मैं उसके सम्मुख घबरा जाता हूँ।" वह मानता है, परमेश्वर जो चाहते हैं वही करते हैं, और यह सोचकर उसका दिल थरथरा उठता है। वह कहता है, "मैं अंधकार से घिरा हुआ हूँ।"
What Does This Mean?
यह कहानी हमें दिखाती है, दुःख में भी परमेश्वर की तलाश करना गलत नहीं है। अय्यूब ने परमेश्वर से मुँह नहीं मोड़ा, वह उन्हें ढूँढता रहा, भले ही वे दिखाई नहीं दे रहे थे। और सबसे बड़ी बात यह है, अय्यूब भले ही परमेश्वर को न देख पाए, परमेश्वर उसे ज़रूर देख रहे थे। परमेश्वर हर समय जानते हैं, हम कहाँ हैं और कैसे चल रहे हैं।
The Common Thread
बहुत बाद में, यीशु मसीह भी एक अंधेरी जगह से गुज़रे। क्रूस पर उन्होंने पुकारा, "हे मेरे परमेश्वर, मुझे क्यों छोड़ दिया?" ठीक अय्यूब जैसा दर्द। पर जैसे अय्यूब सोने के समान निकला, वैसे ही यीशु मसीह मरकर फिर जी उठे, चमकते हुए, जीतकर। परमेश्वर अपने लोगों को अंधेरे में छोड़ते नहीं, वे उनके साथ चलते हैं, भले ही हम उन्हें देख न पाएँ।
For You
जब तुम्हें लगे कि परमेश्वर दूर हैं, तब भी उनसे बात करना मत छोड़ो। अय्यूब की तरह अपनी सच्ची बात कहो, चाहे वह उदासी हो या डर। याद रखो, परमेश्वर तुम्हें देख रहे हैं, भले ही तुम उन्हें न देख पाओ। आज रात सोने से पहले, अपने दिल की एक बात परमेश्वर को बताओ।
Talk About It
क्या तुम्हें कभी लगा कि परमेश्वर तुम्हारी बात नहीं सुन रहे? उस समय तुमने क्या किया?
अय्यूब ने कहा वह सोने के समान निकलेगा। इसका क्या मतलब हो सकता है?
Praying Together
हे प्रभु, कभी-कभी हमें लगता है कि आप दूर हैं। पर हम जानते हैं, आप हमें देखते हैं, हर दिन, हर पल। जब हम अंधेरे में हों, तब हमारा हाथ थामे रहिए। हमें सोने के समान शुद्ध बनाइए। आमीन।
अय्यूब 23 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
अय्यूब 23 किस विषय में है?
अय्यूब 23 क्या कहता है?
अय्यूब 23 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
बच्चे अय्यूब 23 से क्या सीख सकते हैं?
अय्यूब 23 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
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