यूहन्ना 11
प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
The Explanation
बैतनिय्याह नाम के एक छोटे से गाँव में तीन भाई-बहन रहते थे: मार्था, मरियम और उनका भाई लाज़र। ये तीनों यीशु के बहुत ख़ास दोस्त थे। जब भी यीशु यरूशलेम के पास आते, तो उनके घर रुकते थे।
एक दिन लाज़र बहुत बीमार पड़ गया। बहनों ने तुरन्त यीशु को ख़बर भेजी: "हे प्रभु, देख, जिससे तू प्यार करता है, वह बीमार है।" उन्हें उम्मीद थी कि यीशु दौड़े चले आएँगे। पर यीशु ने कुछ अजीब किया, वे वहीं दो दिन और ठहर गए। जब वे बैतनिय्याह पहुँचे, तब तक लाज़र को कब्र में रखे चार दिन हो चुके थे।
मार्था दौड़कर यीशु से मिलने गई। उसने कहा, "यदि तू यहाँ होता, तो मेरा भाई कदापि न मरता।" उसकी आवाज़ में दुख भी था और थोड़ा शिकवा भी। यीशु ने उससे कहा, "पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूँ।" यानी: मौत पर अधिकार रखने वाला मैं ही हूँ।
फिर मरियम भी आई। वह यीशु के पैरों पर गिर पड़ी और रोने लगी। जब यीशु ने उसे और बाक़ी लोगों को रोते देखा, तो उनका दिल भर आया। बाइबल कहती है: "यीशु रोया।" ये दो शब्द बहुत गहरे हैं। परमेश्वर का बेटा अपने दोस्त की मौत पर आँसू बहा रहा है।
कब्र एक गुफा थी, जिस पर बड़ा पत्थर रखा था। यीशु ने कहा, "पत्थर को उठाओ।" मार्था घबरा गई, "प्रभु, अब तो दुर्गन्ध आती है!" पर यीशु ने पिता से प्रार्थना की और ज़ोर से पुकारा, "हे लाज़र, निकल आ!" और लाज़र, कफ़न में लिपटा हुआ, जीवित बाहर निकल आया।
बहुतों ने विश्वास किया। पर कुछ लोगों ने यह ख़बर फरीसियों तक पहुँचाई, और उसी दिन से वे यीशु को मार डालने की योजना बनाने लगे।
What Does This Mean?
यह कहानी हमें कुछ हैरान करने वाली बातें दिखाती है। पहली बात: यीशु जान-बूझकर देर से आए। क्यों? वे लाज़र से प्यार करते थे, फिर भी उन्होंने इंतज़ार किया। यीशु ने ख़ुद कहा कि यह सब इसलिए हुआ ताकि लोग परमेश्वर की महिमा देखें और विश्वास करें।
दूसरी बात: यीशु रोए। वे जानते थे कि वे लाज़र को अभी जिलाने वाले हैं। फिर भी वे रोए। इसका मतलब है कि परमेश्वर हमारे दुःख को ठंडे दिल से नहीं देखते। जब हम रोते हैं, वे भी दुखी होते हैं।
तीसरी बात, और यह सबसे बड़ी है: यीशु ने कहा, "पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूँ।" पुनरुत्थान का मतलब है "मरे हुओं में से जी उठना।" यीशु सिर्फ़ जीवन देने वाले नहीं हैं, वे ख़ुद जीवन हैं।
The Common Thread
लाज़र का उठना पूरी बाइबल की बड़ी कहानी की एक झलक है। कुछ ही हफ़्तों बाद यीशु ख़ुद क्रूस पर मरने वाले थे, और फिर तीसरे दिन कब्र से जी उठने वाले थे। लाज़र फिर मरा होगा किसी दिन। पर यीशु मरकर हमेशा के लिए जी उठे।
ध्यान दो: कैफ़ा नाम के महायाजक ने कहा कि "एक मनुष्य लोगों के लिए मरे" यह अच्छा है। उसे ख़ुद पता नहीं था, पर वह यीशु के बारे में सच बोल रहा था। यीशु सचमुच सब लोगों के लिए मरने वाले थे।
तो लाज़र की कब्र से यीशु की कब्र तक एक सीधा रास्ता जाता है। और वह कब्र भी खाली होगी।
For You
कभी-कभी तुम्हें लगता होगा कि परमेश्वर देर कर रहे हैं। तुमने प्रार्थना की, पर जवाब नहीं मिला। मार्था और मरियम को भी ऐसा ही लगा था। पर यीशु देर से आते हैं, कभी बेकार में नहीं।
और कभी दुःख होता है। शायद कोई अपना बीमार है, या किसी को खो दिया है। यह याद रखना: यीशु रोए थे। तुम्हारा दुःख उनके लिए छोटी बात नहीं है।
एक सवाल जो मुझे ख़ुद पूरी तरह समझ नहीं आता: यीशु दो दिन क्यों रुके रहे? क्या वे पहले नहीं आ सकते थे? बाइबल इसका सीधा जवाब नहीं देती। बस इतना बताती है कि उन्होंने ऐसा किया ताकि परमेश्वर की महिमा दिखे। कभी-कभी हमें भरोसा करना पड़ता है, बिना पूरी बात समझे।
Talk About It
यीशु ने कहा, "पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूँ।" तुम्हारे हिसाब से इसका क्या मतलब है, ख़ासकर जब हम किसी को खो देते हैं?
यीशु रो सकते थे, हालाँकि वे जानते थे कि आगे क्या होने वाला है। इससे तुम परमेश्वर के बारे में क्या सीखते हो?
Praying Together
प्रभु यीशु, धन्यवाद कि आप जीवन हैं। धन्यवाद कि आप हमारे आँसुओं को समझते हैं, और ख़ुद भी रोए थे। जब मुझे लगे कि आप देर कर रहे हैं, तो मुझे भरोसा करना सिखाइए। और मेरे दिल में यह विश्वास बढ़ाइए कि आप सचमुच मौत से भी बड़े हैं। आमीन।
यूहन्ना 11 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
यूहन्ना 11 किस विषय में है?
यूहन्ना 11 क्या कहता है?
यूहन्ना 11 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
बच्चे यूहन्ना 11 से क्या सीख सकते हैं?
यूहन्ना 11 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
चेलों ने राहत की साँस ली, "हे प्रभु, यदि वह सो गया है, तो बच जाएगा।" उन्हें लगा अब यहूदिया जाने की जरूरत नहीं, खतरा टल गया। पर यीशु मौत की बात कर रहे थे। कितनी बार हम भी उसकी बातों में वही अर्थ ढूँढ़ते हैं जो हमें आसान रास्ता दे। सोचो, आज उसका कौन सा वचन तुमने अपनी सुविधा के हिसाब से समझ लिया है?
कैसा विचित्र दृश्य है। कैफा, जो उस साल का महायाजक था, परिषद में खड़ा होकर कहता है, "तुम कुछ भी नहीं जानते।" वह सोचता है कि वह यीशु की हत्या की योजना बना रहा है, पर असल में परमेश्वर उसके होठों से भविष्यवाणी करवा रहा है कि यीशु पूरी जाति के लिए मरेगा।
कभी सोचा है? जो लोग खुद को सबसे बुद्धिमान समझते हैं, वे अक्सर सबसे कम समझते हैं। और परमेश्वर इतना बड़ा है कि विरोधियों की जीभ से भी अपनी सच्चाई बोल देता है।
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