7 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

मरकुस 7

प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

एक दिन कुछ फरीसी और शास्त्री यीशु मसीह के पास आए। वे यरूशलेम से चलकर आए थे। उन्होंने देखा कि यीशु मसीह के चेले बिना हाथ धोए रोटी खा रहे थे। फरीसी लोग हाथ धोने के नियम को बहुत मानते थे। यह उनकी पुरानी परम्परा थी। उन्होंने गुस्से से पूछा, "तेरे चेले क्यों हाथ नहीं धोते?"

यीशु मसीह ने उन्हें सीधा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यशायाह भविष्यद्वक्ता ने उनके विषय में सच कहा था: "ये लोग होठों से तो मेरा आदर करते हैं, पर उनका मन मुझसे दूर रहता है।" फरीसी बाहर से तो बहुत पवित्र दिखते थे। पर उनका मन परमेश्वर से दूर था।

फिर यीशु मसीह ने एक उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, मूसा ने सिखाया था कि अपने माता-पिता का आदर करो। पर फरीसियों ने एक चालाक नियम बनाया था। वे कहते थे, "मेरा धन तो कुरबान है, यानी परमेश्वर को दिया गया है।" इस तरह वे अपने माता-पिता की मदद करने से बच जाते थे। यीशु मसीह ने कहा, तुमने अपने नियमों से परमेश्वर की आज्ञा को ही टाल दिया है।

फिर यीशु मसीह ने लोगों को पास बुलाया। उन्होंने कहा, "सुनो और समझो। कोई भी चीज बाहर से मनुष्य में जाकर उसे अशुद्ध नहीं करती। जो चीजें भीतर से निकलती हैं, वे ही अशुद्ध करती हैं।" बाद में घर में चेलों ने पूछा, इसका क्या मतलब है। यीशु मसीह ने समझाया, खाना पेट में जाता है, फिर बाहर निकल जाता है। पर बुरे विचार, चोरी, झूठ, घमंड, ये सब मन से निकलते हैं। यही मनुष्य को गंदा करते हैं।

इसके बाद यीशु मसीह सोर नगर गए। वे चाहते थे कि कोई उन्हें न पहचाने। पर एक स्त्री को पता चल गया। उसकी छोटी बेटी में दुष्ट आत्मा थी। वह दौड़ी आई और यीशु मसीह के पाँवों पर गिर पड़ी। उसने विनती की, "मेरी बेटी को ठीक कर दीजिए।" यीशु मसीह ने परीक्षा के लिए कहा, "पहले बालकों को रोटी मिलनी चाहिए, कुत्तों को नहीं।" उस स्त्री ने विश्वास से उत्तर दिया, "सच है प्रभु, पर कुत्ते भी मेज के नीचे गिरे हुए टुकड़े खा लेते हैं।" यीशु मसीह उसके विश्वास से प्रसन्न हुए। उन्होंने कहा, "जा, दुष्टात्मा निकल गई है।" वह घर गई और बेटी को ठीक पाया।

फिर यीशु मसीह गलील की झील के पास गए। वहाँ लोग एक बहरे और गूँगे आदमी को लाए। यीशु मसीह उसे भीड़ से अलग ले गए। उन्होंने अपनी उँगलियाँ उसके कानों में डालीं और उसकी जीभ को छुआ। फिर आसमान की ओर देखकर आह भरी और कहा, "इप्फत्तह!" यानी "खुल जा!" तुरंत उसके कान खुल गए। उसकी जीभ भी खुल गई, और वह साफ बोलने लगा। लोग चकित रह गए। उन्होंने कहा, "उसने जो किया, सब अच्छा किया है।"

इसका क्या अर्थ है?

फरीसी बाहर की सफाई पर ध्यान देते थे, हाथ धोना, बर्तन माँजना। पर यीशु मसीह ने दिखाया कि असली गंदगी मन के भीतर होती है। हाथ धोने से मन साफ नहीं होता। परमेश्वर हमारे मन को देखते हैं, केवल हमारे बाहरी काम नहीं। वह स्त्री जिसकी बेटी बीमार थी, उसके पास कोई धार्मिक नियम नहीं था दिखाने को। उसके पास सिर्फ विश्वास था। और वही विश्वास यीशु मसीह को चाहिए था।

बड़ी कहानी से संबंध

परमेश्वर ने हमेशा वादा किया था कि वे लोगों के मन को नया बनाएँगे। यीशु मसीह यही काम करते हैं। वे दिखाते हैं कि नियम रखना काफी नहीं है। हमें नया मन चाहिए। और जब वह बहरा आदमी सुनने और बोलने लगा, यह दिखाता है कि यीशु मसीह के पास टूटी हुई चीजों को ठीक करने की शक्ति है, चाहे वह कान हों, जीभ हों, या मन।

तुम्हारे लिए

कभी-कभी हम बाहर से अच्छे दिखना चाहते हैं, पर मन में गुस्सा या बुरे विचार रखते हैं। यीशु मसीह चाहते हैं कि तुम्हारा मन भी साफ हो, न केवल तुम्हारे हाथ या तुम्हारा व्यवहार। आज तुम प्रार्थना कर सकते हो, "प्रभु, मेरे मन को भी साफ कीजिए।" और जब कोई तुमसे मदद माँगे, उस स्त्री की तरह, तब यीशु मसीह पर भरोसा रखना सीखो।

बात करें

अगर यीशु मसीह आज तुम्हारे मन को देखें, तो वे क्या देखेंगे?

तुम उस बहरे आदमी की जगह होते, तो यीशु मसीह के छूने के बाद तुम सबसे पहले क्या सुनना चाहते?

साथ में प्रार्थना

हे प्रभु यीशु, हमारे मन को साफ कीजिए। हमारी आँखें, कान और जीभ आपकी सेवा के लिए खोल दीजिए। हमें उस स्त्री जैसा विश्वास दीजिए। आमीन।

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मरकुस 7 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

मरकुस 7 किस विषय में है?
एक दिन कुछ फरीसी और शास्त्री यीशु मसीह के पास आए। वे यरूशलेम से चलकर आए थे। उन्होंने देखा कि यीशु मसीह के चेले बिना हाथ धोए रोटी खा रहे थे। फरीसी लोग हाथ धोने के नियम को बहुत मानते थे। यह उनकी पुरानी परम्परा थी। उन्होंने गुस्से से पूछा, "तेरे चेले क्यों हाथ नहीं धोते?"
मरकुस 7 क्या कहता है?
फिर यीशु मसीह ने एक उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, मूसा ने सिखाया था कि अपने माता-पिता का आदर करो। पर फरीसियों ने एक चालाक नियम बनाया था। वे कहते थे, "मेरा धन तो कुरबान है, यानी परमेश्वर को दिया गया है।" इस तरह वे अपने माता-पिता की मदद करने से बच जाते थे। यीशु मसीह ने कहा, तुमने अपने नियमों से परमेश्वर की आज्ञा को ही टाल दिया है।
मरकुस 7 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
इसके बाद यीशु मसीह सोर नगर गए। वे चाहते थे कि कोई उन्हें न पहचाने। पर एक स्त्री को पता चल गया। उसकी छोटी बेटी में दुष्ट आत्मा थी। वह दौड़ी आई और यीशु मसीह के पाँवों पर गिर पड़ी। उसने विनती की, "मेरी बेटी को ठीक कर दीजिए।" यीशु मसीह ने परीक्षा के लिए कहा, "पहले बालकों को रोटी मिलनी चाहिए, कुत्तों को नहीं।" उस स्त्री ने विश्वास से उत्तर दिया, "सच है प्रभु, पर कुत्ते भी मेज के नीचे गिरे हुए टुकड़े खा लेते हैं।" यीशु मसीह उसके विश्वास से प्रसन्न हुए। उन्होंने कहा, "जा, दुष्टात्मा निकल गई है।" वह घर गई और बेटी को ठीक पाया।
बच्चे मरकुस 7 से क्या सीख सकते हैं?
फरीसी बाहर की सफाई पर ध्यान देते थे, हाथ धोना, बर्तन माँजना। पर यीशु मसीह ने दिखाया कि असली गंदगी मन के भीतर होती है। हाथ धोने से मन साफ नहीं होता। परमेश्वर हमारे मन को देखते हैं, केवल हमारे बाहरी काम नहीं। वह स्त्री जिसकी बेटी बीमार थी, उसके पास कोई धार्मिक नियम नहीं था दिखाने को। उसके पास सिर्फ विश्वास था। और वही विश्वास यीशु मसीह को चाहिए था।
मरकुस 7 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
कभी-कभी हम बाहर से अच्छे दिखना चाहते हैं, पर मन में गुस्सा या बुरे विचार रखते हैं। यीशु मसीह चाहते हैं कि तुम्हारा मन भी साफ हो, न केवल तुम्हारे हाथ या तुम्हारा व्यवहार। आज तुम प्रार्थना कर सकते हो, "प्रभु, मेरे मन को भी साफ कीजिए।" और जब कोई तुमसे मदद माँगे, उस स्त्री की तरह, तब यीशु मसीह पर भरोसा रखना सीखो।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 29

इस बात के कारण जा; दुष्टात्मा तेरी बेटी में से निकल गई है।" यीशु ने उसे कोई चिन्ह नहीं दिया, कोई छूना नहीं, बस एक वचन। उस माँ को घर तक का पूरा रास्ता खाली हाथ चलना पड़ा, सिर्फ भरोसे के सहारे। तेरी प्रार्थना का जवाब भी कभी ऐसा ही मिलता है, दिखाई कुछ नहीं देता, पर काम हो चुका होता है। क्या तू उस वचन पर घर लौट सकेगा?

किसी अन्य आयु वर्ग की तलाश है?

हमारे पास छोटे बच्चों (3-6 वर्ष) और किशोरों (12 वर्ष और अधिक) के लिए विशेष संस्करण भी हैं।

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For parents and teachers: 7 से 12 वर्ष के उन बच्चों के लिए लिखा गया जो स्वयं पढ़ सकते हैं। पारिवारिक भक्ति और स्कूल में बाइबल पाठ के लिए उत्तम। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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