6 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

नहेम्याह 3

प्राथमिक आयु (6 से 12 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

नहेम्याह अध्याय 3 पहली नज़र में एक लंबी सूची जैसा लगता है, नाम ही नाम। लेकिन अगर हम ध्यान से पढ़ें, तो यह यरूशलेम की टूटी हुई शहरपनाह को फिर से बनाने की कहानी है, और हर नाम के पीछे एक असली इंसान है जिसने अपने हाथों से काम किया।

एल्याशीब महायाजक ने अपने भाई याजकों के साथ भेड़फाटक बनाया। उसके आगे यरीहो के लोग, फिर जक्कूर, फिर हस्सना के बेटों ने मछली फाटक बनाया। तकोइयों ने भी काम किया, लेकिन टेक्स्ट साफ बताता है कि उनके रईसों ने अपने प्रभु की सेवा का जूआ अपनी गर्दन पर नहीं लिया, यानी नेताओं ने हाथ नहीं लगाया। सुनार, व्यापारी, याजक, जिलों के हाकिम, यहाँ तक कि शल्लूम नाम का एक आदमी अपनी बेटियों के साथ भी काम में लगा। हर कोई अपने घर के सामने वाला हिस्सा बनाता गया, और धीरे धीरे पूरा घेरा जुड़ता गया, फाटक से फाटक तक, गुम्मट से गुम्मट तक।

What Does This Mean?

यह अध्याय दिखाता है कि परमेश्वर के काम में हर एक का हिस्सा मायने रखता है। ध्यान दीजिए, यहाँ कोई एक बड़ा हीरो नहीं है जो अकेला पूरी दीवार बना दे। महायाजक से लेकर साधारण सुनार तक, सब मिलकर काम करते हैं। बाइबल इन नामों को लिखने की ज़हमत उठाती है, क्योंकि परमेश्वर की नज़र में हर मज़दूर का नाम और उसका योगदान याद रखने लायक है।

पर यह भी सच है कि यह कहानी पूरी तरह सुंदर नहीं है। तकोइयों के रईस काम से बच निकले। यानी हर कोई उत्साह से नहीं जुटा। कुछ लोगों ने ज़िम्मेदारी उठाई, कुछ ने टाल दी। बाइबल इसे छुपाती नहीं, सीधा लिख देती है। यह हमें सिखाता है कि परमेश्वर का काम हमेशा परफेक्ट लोगों से नहीं होता, बल्कि उन लोगों से होता है जो अपनी जगह पर खड़े हो जाते हैं, भले ही बाकी सब न करें।

The Common Thread

नहेम्याह और उसके लोग एक टूटी हुई दीवार को फिर से बना रहे थे, क्योंकि यरूशलेम बिना शहरपनाह के असुरक्षित और शर्मनाक हालत में था। परमेश्वर ने अपने लोगों से एक वाचा, यानी एक पक्का वादा, बांधा था कि वे उन्हें फिर से बसाएंगे, उनकी बर्बाद जगहों को नया करेंगे। यह दीवार बनाना सिर्फ पत्थरों का काम नहीं था, यह परमेश्वर के उस वादे पर भरोसा करके आगे बढ़ना था।

बहुत बाद में, जब यीशु मसीह आए, तो उन्होंने भी कुछ ऐसा ही किया, पर एक बड़े स्तर पर। वे टूटी हुई दीवारों को नहीं, बल्कि टूटे हुए इंसानों को फिर से जोड़ने आए। जैसे यहाँ हर आदमी अपने घर के सामने वाला हिस्सा बनाता था, वैसे ही कलीसिया यानी मसीह के लोगों का समूह भी एक ऐसी इमारत है जिसमें हर व्यक्ति का अपना पत्थर, अपनी जगह होती है। कोई अकेला पूरा काम नहीं करता, पर मिलकर वह बनता है जो परमेश्वर चाहते हैं।

For You

अगली बार जब आपको लगे कि आपका काम छोटा है, जैसे अपनी कक्षा को साफ रखना, छोटे भाई बहन की मदद करना, या सच बोलना जब झूठ बोलना आसान होता, तो याद रखिए, परमेश्वर की नज़र में हर हिस्सा गिना जाता है। आपको पूरी दीवार अकेले नहीं बनानी, बस अपने हिस्से में ईमानदार रहना है।

और यह भी सोचिए, क्या आप कभी तकोइयों के रईसों जैसे बन जाते हैं, जो मेहनत से बचते हैं जबकि बाकी सब करते हैं? यह एक मुश्किल सवाल है जिसका जवाब सिर्फ आप अपने दिल में जान सकते हैं।

Talk About It

अगर आप इस दीवार बनाने वाले समूह में होते, तो आप किस तरह का काम करना चाहते, और क्यों?

तकोइयों के रईसों ने काम क्यों नहीं किया होगा, आपके ख्याल से? क्या कभी आपको भी ऐसा ही आलस्य या बहाना महसूस होता है?

Praying Together

हे परमेश्वर, आप हमें भी अपने काम में एक हिस्सा देते हैं, चाहे वह छोटा ही क्यों न लगे। हमें आलसी मत होने दीजिए, जब कुछ मुश्किल या उबाऊ काम सामने आए। हमें याद दिलाइए कि हम अकेले नहीं हैं, बल्कि आपके लोगों के साथ मिलकर कुछ सुंदर बनाते हैं। हमें वफादार बनाइए, अपने ही हिस्से में। आमीन।

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नहेम्याह 3 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

नहेम्याह 3 किस विषय में है?
नहेम्याह अध्याय 3 पहली नज़र में एक लंबी सूची जैसा लगता है, नाम ही नाम। लेकिन अगर हम ध्यान से पढ़ें, तो यह यरूशलेम की टूटी हुई शहरपनाह को फिर से बनाने की कहानी है, और हर नाम के पीछे एक असली इंसान है जिसने अपने हाथों से काम किया।
नहेम्याह 3 क्या कहता है?
यह अध्याय दिखाता है कि परमेश्वर के काम में हर एक का हिस्सा मायने रखता है। ध्यान दीजिए, यहाँ कोई एक बड़ा हीरो नहीं है जो अकेला पूरी दीवार बना दे। महायाजक से लेकर साधारण सुनार तक, सब मिलकर काम करते हैं। बाइबल इन नामों को लिखने की ज़हमत उठाती है, क्योंकि परमेश्वर की नज़र में हर मज़दूर का नाम और उसका योगदान याद रखने लायक है।
नहेम्याह 3 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
नहेम्याह और उसके लोग एक टूटी हुई दीवार को फिर से बना रहे थे, क्योंकि यरूशलेम बिना शहरपनाह के असुरक्षित और शर्मनाक हालत में था। परमेश्वर ने अपने लोगों से एक वाचा, यानी एक पक्का वादा, बांधा था कि वे उन्हें फिर से बसाएंगे, उनकी बर्बाद जगहों को नया करेंगे। यह दीवार बनाना सिर्फ पत्थरों का काम नहीं था, यह परमेश्वर के उस वादे पर भरोसा करके आगे बढ़ना था।
बच्चे नहेम्याह 3 से क्या सीख सकते हैं?
अगली बार जब आपको लगे कि आपका काम छोटा है, जैसे अपनी कक्षा को साफ रखना, छोटे भाई बहन की मदद करना, या सच बोलना जब झूठ बोलना आसान होता, तो याद रखिए, परमेश्वर की नज़र में हर हिस्सा गिना जाता है। आपको पूरी दीवार अकेले नहीं बनानी, बस अपने हिस्से में ईमानदार रहना है।
नहेम्याह 3 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
अगर आप इस दीवार बनाने वाले समूह में होते, तो आप किस तरह का काम करना चाहते, और क्यों?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 7

गिबोन और मिस्पा के लोग यरूशलेम में रहते ही नहीं थे। यह शहरपनाह उनके घरों की रखवाली नहीं करने वाली थी, फिर भी वे आए और उन्होंने "मरम्मत की।" और याद कीजिए, गिबोनी तो कभी छल से इस्राएल में घुसे बाहरी लोग थे। आज उनके नाम परमेश्वर के काम की सूची में दर्ज हैं। जिस काम से आपको सीधा लाभ नहीं मिलता, क्या आप उसमें हाथ लगाते हैं?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 4

उसके पास हक्कोस के पोते और ऊरिय्याह के पुत्र मरेमोत ने मरम्मत की।" नाम, पिता का नाम, और दीवार का बस एक छोटा टुकड़ा। कोई पूरी शहरपनाह अकेले नहीं बना रहा था। हर कोई अपने हिस्से पर झुका था, और बगल वाले पर भरोसा कर रहा था। तेरा हिस्सा छोटा लगता है? परमेश्वर ने उसे भी नाम के साथ लिख रखा है।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 21

मरेमोत का नाम इस अध्याय में दूसरी बार आता है। पहले उसने एक भाग बनाया, फिर लौटकर एल्याशीब के घर के द्वार से घर के सिरे तक, बस इतना सा टुकड़ा और थाम लिया। किसी ने उससे नहीं कहा होगा कि और करो। कुछ लोग अपना हिस्सा पूरा करके रुक जाते हैं, कुछ चारों ओर देखते हैं कि कहाँ अब भी दीवार टूटी है। तू किस तरह का है?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 8

सुनार और गन्धी, नाजुक हाथों के कारीगर, दीवार की मरम्मत कर रहे हैं। "उसके पास हर्हयाह का पुत्र उज्जीएल सुनार मरम्मत करता था। उसके पास हनन्याह जो गन्धियों में से था, मरम्मत करता था।" सोना गढ़ने वाले हाथ अब पत्थर उठा रहे थे। परमेश्वर के काम में तेरा हुनर नहीं, तेरी हाजिरी माँगी जाती है। तू कहाँ खड़ा है?

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