6 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

गिनती 26

प्राथमिक आयु (6 से 12 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

गिनती अध्याय 26 में हम एक जनगणना यानी एक बड़ी गिनती के बारे में पढ़ते हैं। परमेश्वर ने मूसा और एलीआजर याजक से कहा कि इस्राएल के सारे लोगों में से बीस वर्ष या उससे अधिक आयु के पुरुषों को गिना जाए, जो युद्ध करने के योग्य थे। यह गिनती मोआब के मैदान में हुई, यरदन नदी के पास, ठीक उस जगह जहाँ से इस्राएली कनान देश में प्रवेश करने वाले थे।

एक-एक करके हर गोत्र का नाम आता है, रूबेन, शिमोन, गाद, यहूदा, इस्साकार, जबूलून, मनश्शे, एप्रैम, बिन्यामीन, दान, आशेर, नप्ताली। हर गोत्र के परिवारों के नाम और उनकी गिनती लिखी गई है। कुल मिलाकर छह लाख एक हजार सात सौ तीस पुरुष गिने गए।

बीच में एक दुखद याद भी आती है। दातान और अबीराम का जिक्र होता है, जिन्होंने कोरह के साथ मिलकर मूसा और हारून के विरुद्ध झगड़ा किया था। पृथ्वी ने मुँह खोलकर उन्हें निगल लिया था। पाठ कहता है कि वे एक दृष्टांत ठहरे, यानी एक चेतावनी जो याद रखी जानी चाहिए।

अध्याय के अंत में परमेश्वर मूसा को बताते हैं कि यह गिनती इसलिए हुई ताकि कनान देश को गोत्रों के बीच बाँटा जाए, बड़े गोत्र को अधिक भाग और छोटे गोत्र को कम भाग, पर चिट्ठी डालकर, यानी परमेश्वर की इच्छा के अनुसार। और सबसे चौंकाने वाली बात अंत में आती है, इस नई गिनती में से एक भी व्यक्ति वैसा नहीं था जो सीनै के जंगल में पहली बार गिना गया था, सिवाय कालेब और यहोशू के। पूरी पुरानी पीढ़ी जंगल में मर चुकी थी, जैसा परमेश्वर ने पहले ही कहा था।

इसका क्या अर्थ है?

यह सिर्फ नामों और संख्याओं की सूची नहीं है। यह एक पूरी पीढ़ी के अंत और एक नई पीढ़ी की शुरुआत की कहानी है। वे लोग जो मिस्र से निकले थे, जिन्होंने लाल समुद्र पार किया, जिन्होंने परमेश्वर पर भरोसा करने से इनकार किया और शिकायत करते रहे, वे अब सब मर चुके हैं। अब उनके बच्चे, और उनके बच्चों के बच्चे, कनान देश में प्रवेश करने वाले हैं।

क्या यह उचित था कि एक पूरी पीढ़ी को यह सजा मिली? पाठ इसे सीधे नहीं समझाता, पर यह ज़रूर दिखाता है कि परमेश्वर जो कहते हैं वह सच होता है, चाहे वह वचन आशीष का हो या चेतावनी का। परमेश्वर ने कहा था वे जंगल में मर जाएँगे, और वे मर गए। यह पढ़ना आसान नहीं है, और शायद हमें भी इसे कठिन मानने का हक़ है।

पर इसी गिनती में आशा भी छिपी है। परमेश्वर अपने लोगों को भूले नहीं। हर परिवार गिना गया, हर नाम महत्वपूर्ण था। और देश बाँटने की योजना पहले से तैयार थी। परमेश्वर आगे की योजना बना रहे थे, भले ही पुरानी पीढ़ी गिर गई हो।

बड़ी कहानी से संबंध

यह गिनती उस बड़े वचन से जुड़ी है जो परमेश्वर ने अब्राहम को दिया था, कि उनके वंशज एक बड़ी जाति बनेंगे और उन्हें एक देश मिलेगा। छह लाख से अधिक पुरुष, यह उस वचन की पूर्ति की शुरुआत दिखाता है।

और सलोफाद की बेटियों का नाम याद रखने लायक है, महला, नोवा, होग्ला, मिल्का, और तिर्सा। उनके पिता के कोई बेटा नहीं था, फिर भी उनका नाम लिखा गया। परमेश्वर की नज़र में हर व्यक्ति गिनने लायक है, बेटे हों या बेटियाँ।

जैसे परमेश्वर ने तब अपने लोगों को गिना और उन्हें एक देश की ओर ले गए, वैसे ही बाद में यीशु मसीह ने कहा कि परमेश्वर के राज्य में भी हर एक का नाम लिखा हुआ है, स्वर्ग की किताब में। कोई भी भीड़ में खो नहीं जाता।

आपके लिए

कभी-कभी हमें लगता है कि हम सिर्फ एक संख्या हैं, भीड़ का हिस्सा। पर यह अध्याय दिखाता है कि परमेश्वर हर परिवार, हर नाम जानते हैं। आप भी उनके लिए एक नाम हैं, सिर्फ एक गिनती नहीं।

यह भी सोचने लायक है कि पुरानी पीढ़ी ने परमेश्वर पर भरोसा नहीं किया, और नई पीढ़ी को एक नया मौका मिला। हर नई पीढ़ी, हर नया दिन, एक नया मौका है भरोसा करने का। आप भी चुन सकते हैं कि आप कैसे परमेश्वर पर भरोसा करेंगे, भले ही आपके आस-पास के लोग शिकायत करें या डरें।

बात करें

अगर पूरी पुरानी पीढ़ी जंगल में मर गई, तो क्या आपको लगता है कि यह उचित था? इस बारे में आप क्या सोचते हैं?

सलोफाद की बेटियों का नाम गिना गया, हालाँकि उनके कोई भाई नहीं था। इससे हमें परमेश्वर के बारे में क्या पता चलता है?

संग साथ प्रार्थना

हे प्रभु, आप हर नाम जानते हैं, हर परिवार को याद रखते हैं। धन्यवाद कि हम आपके लिए सिर्फ एक संख्या नहीं हैं। हमें ऐसा भरोसा दीजिए जो पुरानी पीढ़ी के पास नहीं था, ताकि हम आपकी राह पर चल सकें। आमीन।

यह बाइबल कहानी साझा करें

अन्य माता पिता या शिक्षकों के लिए, जिन्हें यह उपयोगी लग सकता है।

WhatsApp Email Facebook X / Twitter

गिनती 26 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

गिनती 26 किस विषय में है?
गिनती अध्याय 26 में हम एक जनगणना यानी एक बड़ी गिनती के बारे में पढ़ते हैं। परमेश्वर ने मूसा और एलीआजर याजक से कहा कि इस्राएल के सारे लोगों में से बीस वर्ष या उससे अधिक आयु के पुरुषों को गिना जाए, जो युद्ध करने के योग्य थे। यह गिनती मोआब के मैदान में हुई, यरदन नदी के पास, ठीक उस जगह जहाँ से इस्राएली कनान देश में प्रवेश करने वाले थे।
गिनती 26 क्या कहता है?
अध्याय के अंत में परमेश्वर मूसा को बताते हैं कि यह गिनती इसलिए हुई ताकि कनान देश को गोत्रों के बीच बाँटा जाए, बड़े गोत्र को अधिक भाग और छोटे गोत्र को कम भाग, पर चिट्ठी डालकर, यानी परमेश्वर की इच्छा के अनुसार। और सबसे चौंकाने वाली बात अंत में आती है, इस नई गिनती में से एक भी व्यक्ति वैसा नहीं था जो सीनै के जंगल में पहली बार गिना गया था, सिवाय कालेब और यहोशू के। पूरी पुरानी पीढ़ी जंगल में मर चुकी थी, जैसा परमेश्वर ने पहले ही कहा था।
गिनती 26 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
पर इसी गिनती में आशा भी छिपी है। परमेश्वर अपने लोगों को भूले नहीं। हर परिवार गिना गया, हर नाम महत्वपूर्ण था। और देश बाँटने की योजना पहले से तैयार थी। परमेश्वर आगे की योजना बना रहे थे, भले ही पुरानी पीढ़ी गिर गई हो।
बच्चे गिनती 26 से क्या सीख सकते हैं?
जैसे परमेश्वर ने तब अपने लोगों को गिना और उन्हें एक देश की ओर ले गए, वैसे ही बाद में यीशु मसीह ने कहा कि परमेश्वर के राज्य में भी हर एक का नाम लिखा हुआ है, स्वर्ग की किताब में। कोई भी भीड़ में खो नहीं जाता।
गिनती 26 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
अगर पूरी पुरानी पीढ़ी जंगल में मर गई, तो क्या आपको लगता है कि यह उचित था? इस बारे में आप क्या सोचते हैं?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 8

गिनती की लंबी नामावली में एक छोटी सी पंक्ति, "पल्लू का पुत्र एलीआब।" बस इतना ही। पर अगली आयतों में उसी एलीआब के बेटे दातान और अबीराम खड़े होते हैं, जिन्होंने मूसा के विरुद्ध बलवा किया। एक पीढ़ी का चुनाव अगली पीढ़ी की कहानी बन जाता है। तेरा नाम भी किसी की सूची में दर्ज है। तेरे पीछे आने वाले तुझसे क्या सीख रहे हैं?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 2

इस्राएलियों की सारी मण्डली की उनके पितरों के घरानों के अनुसार गिनती करो, बीस वर्ष के और उससे अधिक आयु वाले जितने इस्राएली युद्ध करने के योग्य हैं।" यह दूसरी गिनती है। पहली पीढ़ी जंगल में गिर चुकी थी, फिर भी परमेश्वर ने गिनना नहीं छोड़ा। जहाँ तू सोचता है सब खत्म हो गया, वहीं वह नए सिरे से नाम लिखता है। तेरा नाम भी उसकी सूची में है।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 6

हेस्रोन से हेस्रोनियों का कुल; और कर्मी से कर्मियों का कुल।" पढ़ने में यह बस एक सूखी सूची लगती है। पर यह रूबेन का वंश है, वही गोत्र जिसमें दातान और अबीराम धरती में समा गए थे। फिर भी कुल बने रहे, गिने गए, और उन्हें भूमि में हिस्सा मिला। परमेश्वर एक आदमी के विद्रोह से पूरे घराने को नहीं मिटा देता। तेरा नाम भी अब तक उसकी सूची में लिखा है।

किसी अन्य आयु वर्ग की तलाश है?

हमारे पास नन्हे बच्चों (3-5 वर्ष) और किशोरों (13 वर्ष और उससे ऊपर) के लिए अलग संस्करण भी हैं।

बच्चों की बाइबल टूल में खोलें