प्रकाशितवाक्य 10
प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
The Explanation
यूहन्ना ने आकाश की ओर देखा। वहाँ से एक विशाल स्वर्गदूत उतर रहा था। उसने बादल का वस्त्र पहना था। उसके सिर पर मेघधनुष चमक रहा था। उसका मुँह सूर्य के समान चमकीला था। उसके पाँव आग के खम्भों जैसे थे। कितना बड़ा और शक्तिशाली दृश्य रहा होगा!
उस स्वर्गदूत के हाथ में एक छोटी सी खुली पुस्तक थी। उसने अपना दाहिना पाँव समुद्र पर रखा, और बायाँ पाँव पृथ्वी पर। मानो वह कह रहा हो, “मैं पूरी सृष्टि पर खड़ा हूँ।” फिर वह ऐसे ज़ोर से चिल्लाया जैसे सिंह गरजता है। उसकी पुकार के साथ सात गर्जन की आवाज़ें सुनाई दीं।
यूहन्ना ने वह सुना, और वह उसे लिखने ही वाला था। पर तभी स्वर्ग से आवाज़ आई, “जो बातें सात गर्जनों से सुनी हैं, उन्हें गुप्त रख, और मत लिख।” कुछ रहस्य परमेश्वर अपने पास रखते हैं। सब कुछ हमें जानना ज़रूरी नहीं है।
फिर उस स्वर्गदूत ने अपना दाहिना हाथ स्वर्ग की ओर उठाया। उसने उस परमेश्वर की शपथ खाई, जो सदा से जीवित हैं, जिन्होंने स्वर्ग, पृथ्वी और समुद्र, और उनमें जो कुछ है, सब बनाया। उसने कहा, “अब और देर न होगी।” जब सातवाँ स्वर्गदूत तुरही फूँकेगा, तब परमेश्वर का रहस्य पूरा हो जाएगा, जिसकी खबर उन्होंने अपने भविष्यद्वक्ताओं को पहले ही दे दी थी।
फिर वही आवाज़ यूहन्ना से बोली, “जा, उस स्वर्गदूत के हाथ से खुली हुई पुस्तक ले ले।” यूहन्ना स्वर्गदूत के पास गया और कहा, “यह छोटी पुस्तक मुझे दे।” स्वर्गदूत ने कहा, “ले, इसे खा ले। यह तेरे मुँह में मधु जैसी मीठी लगेगी, पर तेरा पेट कड़वा कर देगी।”
यूहन्ना ने वह पुस्तक ले ली और खा गया। सचमुच वह मुँह में मीठी लगी, पर पेट में कड़वी हो गई। फिर उससे कहा गया, “तुझे बहुत से लोगों, जातियों, भाषाओं और राजाओं के विषय में फिर भविष्यद्वाणी करनी होगी।”
What Does This Mean?
यह स्वर्गदूत इतना शक्तिशाली है कि समुद्र और पृथ्वी दोनों उसके पाँवों तले हैं। इसका मतलब है, परमेश्वर की सत्ता पूरी दुनिया पर है, कहीं कोई जगह उनसे बाहर नहीं। कुछ बातें परमेश्वर गुप्त रखते हैं, यूहन्ना को भी सब कुछ जानने नहीं दिया गया। यह हमें सिखाता है कि परमेश्वर पर भरोसा रखना, तब भी जब हम सब कुछ नहीं समझते।
वह छोटी पुस्तक मीठी और कड़वी दोनों थी। परमेश्वर का वचन ऐसा ही है। यह मीठा लगता है क्योंकि यह जीवन और आशा देता है। पर यह कड़वा भी लगता है क्योंकि इसमें दुःख की, न्याय की और कठिन बातों की भी खबर है। यूहन्ना को यह वचन अपने भीतर ले जाना पड़ा, इसे केवल पढ़ना काफ़ी नहीं था।
The Common Thread
स्वर्गदूत ने शपथ खाई उस परमेश्वर की, जिन्होंने सब कुछ बनाया, और जो सदा जीवित हैं। यही परमेश्वर अपनी बात पूरी करते हैं। यीशु मसीह इसी परमेश्वर के वचन का सबसे बड़ा प्रमाण हैं। उन्होंने आकर दिखाया कि परमेश्वर की योजना कभी खाली नहीं जाती। जैसे यूहन्ना को वचन खाना पड़ा, वैसे ही हमें भी परमेश्वर के वचन को अपने जीवन का हिस्सा बनाना है, न केवल पढ़ना।
For You
तुम भी परमेश्वर का वचन पढ़ सकते हो, और यह भी मीठा और कभी-कभी कठिन लगेगा। जब बाइबल की कोई कहानी अच्छी लगे, आनंद मनाओ। जब कोई बात कठिन या डरावनी लगे, उस पर सोचो, और परमेश्वर से पूछो। आज किसी एक व्यक्ति को बताओ जो तुमने बाइबल में सीखा।
Talk About It
तुम्हें क्या लगता है, वह पुस्तक मीठी और कड़वी दोनों क्यों थी?
परमेश्वर के वचन में कोई बात है जो तुम्हें कठिन लगती है, पर फिर भी अच्छी है?
Praying Together
हे परमेश्वर, आप पूरी पृथ्वी और समुद्र के मालिक हैं। धन्यवाद कि आपका वचन हमें मीठा लगता है। जब कोई बात कठिन लगे, हमें भरोसा दीजिए कि आप अच्छे हैं। हमें अपना वचन प्रेम से पढ़ने और मानने में मदद कीजिए। यीशु मसीह के नाम में, आमीन।
प्रकाशितवाक्य 10 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
प्रकाशितवाक्य 10 किस विषय में है?
प्रकाशितवाक्य 10 क्या कहता है?
प्रकाशितवाक्य 10 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
बच्चे प्रकाशितवाक्य 10 से क्या सीख सकते हैं?
प्रकाशितवाक्य 10 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
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