रूत 3
प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
व्याख्या
नाओमी और रूत के जीवन में एक कठिन समय था। दोनों विधवा थीं, और उनके पास ज़मीन-जायदाद कुछ नहीं था। पर नाओमी को याद आया कि बोअज़ उनका कुटुम्बी था, यानी उनके परिवार से जुड़ा हुआ एक करीबी रिश्तेदार। उस ज़माने में एक रिवाज़ था, जिसे "छुड़ाने वाला कुटुम्बी" कहा जाता था। इसका मतलब था कि अगर किसी परिवार की ज़मीन बिक गई हो या परिवार का नाम मिटने का खतरा हो, तो सबसे करीबी रिश्तेदार आगे आकर उस परिवार की मदद करे, यहाँ तक कि विधवा से विवाह करके भी।
नाओमी ने रूत को सिखाया कि खलिहान में जाकर बोअज़ के पाँवों के पास लेट जाए। यह सुनने में हमें अजीब लग सकता है, पर उस समय के रिवाज़ के अनुसार यह रूत का बोअज़ से यह कहने का तरीका था, "आप मेरे कुटुम्बी हैं, कृपया मेरी और नाओमी की ज़िम्मेदारी लीजिए।" जब रूत ने कहा, "अपनी दासी को अपनी चद्दर ओढ़ा दे," तो वह असल में विवाह के प्रस्ताव जैसी बात कह रही थी, यह माँग रही थी कि बोअज़ उसे अपनी सुरक्षा में ले ले।
बोअज़ का उत्तर बहुत सुंदर है। वह रूत को डाँटता नहीं, बल्कि उसे आशीष देता है और कहता है कि पूरा नगर जानता है कि रूत एक भली स्त्री है। लेकिन वह ईमानदार भी है, वह बताता है कि उससे भी पहले एक और कुटुम्बी है, जिसका अधिकार पहले बनता है। इसलिए बोअज़ तुरंत कुछ नहीं करता, वह सही तरीके से मामला सुलझाना चाहता है। सुबह होने से पहले वह रूत को छः नपुए जौ देकर विदा करता है, ताकि नाओमी के पास खाली हाथ न जाए।
इसका क्या अर्थ है?
यह कहानी हमें दिखाती है कि परमेश्वर के लोग कठिन समय में भी एक-दूसरे का ध्यान रखते हैं। नाओमी अपनी बहू की चिंता करती है, रूत अपनी सास की आज्ञा मानती है, और बोअज़ अपने कुटुम्बी होने की ज़िम्मेदारी निभाना चाहता है। कोई भी अपने बारे में ही नहीं सोच रहा।
पर यह भी सच है कि यह कहानी सीधी-सादी नहीं है। रूत का खलिहान में रात में जाना जोखिम भरा था। बोअज़ चौंक जाता है जब उसे कोई अपने पाँवों के पास मिलता है। यह पाठ हमें यह नहीं बताता कि उस रात कुछ गलत हुआ, बल्कि यह दिखाता है कि बोअज़ ने सम्मान के साथ काम लिया। वह जल्दबाज़ी नहीं करता, वह नियमों का पालन करना चाहता है, भले ही इसका मतलब हो कि उसे इंतज़ार करना पड़े।
एक बड़ी कड़ी
यह कहानी परमेश्वर की एक बड़ी योजना का हिस्सा है। बोअज़ एक "छुड़ाने वाला" बनना चाहता है, कोई जो अपनी कीमत पर दूसरों को बचाता है। बाइबल में आगे चलकर हम पढ़ते हैं कि यीशु मसीह भी हमारे लिए ठीक यही करते हैं। वे हमें बचाने के लिए आगे आए, तब भी जब हमारे पास देने के लिए कुछ नहीं था। रूत एक विदेशी स्त्री थी, फिर भी परमेश्वर ने उसे अपनी कहानी में जगह दी। यह हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर का प्रेम केवल एक ही तरह के लोगों के लिए सीमित नहीं है।
आपके लिए
तुम शायद कभी खलिहान में नहीं जाओगे, पर तुम्हारे जीवन में भी ऐसे पल आएँगे जब तुम्हें किसी पर भरोसा करना होगा, जैसे रूत ने नाओमी पर भरोसा किया। या तुम बोअज़ की तरह किसी की मदद करने का मौका पाओगे, भले ही इसमें थोड़ा इंतज़ार या मेहनत लगे। सच्चाई और सही काम करने की राह हमेशा सबसे आसान नहीं होती, पर यह सबसे भरोसेमंद होती है।
बात करें
अगर तुम रूत की जगह होते, तो क्या तुम्हें नाओमी की बात मानना आसान लगता या मुश्किल? क्यों?
बोअज़ ने जल्दबाज़ी न करके सही तरीका चुना। क्या तुम्हें याद है कि कब तुमने भी सही काम के लिए इंतज़ार करना पड़ा हो?
साथ में प्रार्थना
हे प्रभु, धन्यवाद कि आप हमारी परिस्थितियों को जानते हैं, चाहे वे कितनी भी कठिन क्यों न हों। जैसे बोअज़ ने रूत और नाओमी का ध्यान रखा, वैसे ही हमें भी एक-दूसरे की परवाह करना सिखाइए। हमें धीरज और ईमानदारी से सही काम करना सिखाइए। यीशु मसीह के नाम में, आमीन।
रूत 3 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
रूत 3 किस विषय में है?
रूत 3 क्या कहता है?
रूत 3 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
बच्चे रूत 3 से क्या सीख सकते हैं?
रूत 3 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
नाओमी ने बेतलेहेम लौटते समय कहा था, "मैं भरी पूरी चली गई थी, परन्तु यहोवा ने मुझे खाली हाथ लौटा दिया है।" और अब बोअज़ रूत से कहता है, "अपनी सास के पास खाली हाथ न जा।" जो शब्द उसके दुःख का था, वही शब्द अब उसकी आशा बन गया। परमेश्वर तुम्हारी शिकायत को याद रखता है, और चुपचाप उसी जगह भरना शुरू करता है।
नाओमी की सलाह में एक बात चुभती है: रूत को खुद कुछ माँगना नहीं था, बस बोअज़ के पाँवों के पास लेट जाना था. "तब वह आप ही तुझे बता देगा कि तुझे क्या करना है." यह भरोसा है, बेबसी भी. तू भी कभी अपनी ज़रूरत किसी के पाँवों में रखकर चुप रहा है? हमारा छुड़ानेवाला ऐसे ही चुप पड़े दिल को पहचान लेता है.
रूत मोआब की थी, विधवा थी, दूसरों के खेतों में बचे हुए सिले बीनती थी। फिर भी बोअज कहता है, "मेरे नगर के फाटक में रहनेवाले सब जानते हैं कि तू भली स्त्री है।" उसने अपने बारे में कोई सफाई नहीं दी थी। नाओमी के प्रति उसकी वफादारी ही पूरे नगर में उसका परिचय बन गई। तेरे चुपचाप किए हुए काम भी बोलते हैं। लोग जो तेरे बारे में जानते हैं, वह तेरी बातों से नहीं, तेरे रोज़ के व्यवहार से बना है।
नाओमी रूत से कहती है, "हे मेरी बेटी, जब तक तू न जान ले कि इस बात का कैसा फल निकलेगा, तब तक चुपचाप बैठी रह।" रूत ने अपना काम कर दिया था, अब बैठ जाना ही उसका काम था। और कारण यह था कि बोअज चैन से नहीं बैठेगा जब तक बात निपट न जाए।
तेरा चुपचाप बैठना आलस नहीं, भरोसा है। कोई और तेरे लिए बेचैन है।
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