श्रेष्ठगीत 4
प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
व्याख्या
श्रेष्ठगीत की यह पुस्तक थोड़ी अलग है। यह एक प्रेम गीत है, दूल्हे और दुल्हन के बीच का। इस अध्याय में दूल्हा अपनी दुल्हन से बात कर रहा है और बताता है कि वह उसकी दृष्टि में कितनी सुन्दर है।
वह उसकी आँखों की तुलना कबूतरों से करता है, उसके बालों की तुलना पहाड़ पर लेटी हुई बकरियों के झुण्ड से करता है। ये तुलनाएँ हमें अजीब लग सकती हैं। पर सोचो, उस समय के लोग हर दिन पहाड़ों, भेड़ों और बगीचों को देखते थे। जब दूल्हा कहता है कि उसके दाँत नहाई हुई भेड़ों जैसे सफेद हैं, तो उसका मतलब है, "तुम्हारे दाँत बहुत साफ और सुन्दर हैं।" जब वह कहता है कि उसका गला दाऊद की मीनार जैसा है, तो वह कहना चाहता है, "तुम गरिमा से भरी हो, राजसी हो।"
फिर पद 7 में एक बहुत खास बात आती है: "तू सर्वांग सुन्दरी है; तुझ में कोई दोष नहीं।" दूल्हा अपनी दुल्हन में कोई कमी नहीं देखता।
आगे वह उसे बुलाता है: "मेरे संग चली आ।" वह उसे लबानोन के पहाड़ों से, यहाँ तक कि सिंहों और चीतों की गुफाओं से भी बुलाता है। मानो वह कह रहा हो, "जहाँ भी तुम हो, आओ, मेरे पास आ जाओ।"
दुल्हन की तुलना एक बन्द बगीचे से की गई है, एक ऐसे बगीचे से जिसमें सुगन्धित फूल, फल और मसाले हैं। और अन्त में दुल्हन खुद बोलती है: "हे हवा, बह जा, ताकि मेरे बगीचे की सुगन्ध फैले, और मेरा प्रेमी अन्दर आकर उसके फल खाए।"
इसका क्या अर्थ है?
यह पुस्तक पवित्रशास्त्र में क्यों है? यह तो एक प्रेम गीत है!
परमेश्वर ने प्रेम बनाया है। पति और पत्नी के बीच का प्रेम कोई गन्दी या शर्म की बात नहीं है, यह परमेश्वर की एक सुन्दर देन है। इसलिए बाइबल में इसके लिए एक पूरी पुस्तक है।
पर इसमें कुछ और भी है। जब दूल्हा कहता है, "तुझ में कोई दोष नहीं," तब हम कुछ गहरा सुनते हैं। कोई इंसान सच में बिल्कुल दोषरहित नहीं है। हम सब गलतियाँ करते हैं। तो फिर दूल्हा यह कैसे कह सकता है? क्योंकि जब कोई किसी से सच्चा प्रेम करता है, तो वह उसे उसकी कमजोरियों के पार जाकर देखता है।
मुख्य सूत्र
बाइबल में कई बार परमेश्वर और उनके लोगों के रिश्ते की तुलना दूल्हे और दुल्हन के रिश्ते से की गई है। नए नियम में यीशु मसीह को दूल्हा कहा गया है, और उनकी कलीसिया को दुल्हन।
इफिसियों 5:27 इसी पद 7 की ओर इशारा करता है। पौलुस लिखता है कि मसीह अपनी कलीसिया को ऐसा बनाना चाहते हैं जिसमें कोई दोष न हो। सोचो, जब यीशु मसीह हम पर दृष्टि डालते हैं, तो वे हमारी सारी गलतियाँ जानते हुए भी कहते हैं, "तुम सुन्दर हो। तुम मेरे हो।" यह इसलिए हो पाता है क्योंकि उन्होंने क्रूस पर हमारे पापों को अपने ऊपर ले लिया।
और वह बुलाहट, "मेरे संग चली आ," क्या तुम्हें यीशु मसीह की आवाज़ नहीं सुनाई देती? वे हमें हर उस जगह से बुलाते हैं जहाँ हम खोए हुए हैं, यहाँ तक कि "सिंहों की गुफाओं" जैसी डरावनी जगहों से भी।
तुम्हारे लिए
शायद तुम कभी-कभी सोचते हो, "क्या मैं काफी अच्छा हूँ? क्या परमेश्वर सच में मुझे पसन्द करते हैं, जबकि मैं इतनी गलतियाँ करता हूँ?"
यह अध्याय एक जवाब है। परमेश्वर तुम्हें ऐसे देखते हैं जैसे दूल्हा अपनी दुल्हन को देखता है, प्रेम से भरी दृष्टि से। वे तुम्हारी कमियाँ जानते हैं, फिर भी वे तुम्हें चाहते हैं।
और एक बात। यह पुस्तक हमें बताती है कि प्रेम, शादी, शरीर, ये सब परमेश्वर की देन हैं। तुम बड़े हो रहे हो और शायद इन बातों पर सोचने लगे हो। शर्माने की ज़रूरत नहीं। अपने माता-पिता से, या किसी बड़े मसीही से खुलकर पूछो। परमेश्वर इन सवालों से डरते नहीं।
आज तुम्हारे लिए एक बुलाहट है: "मेरे संग चली आ।" यीशु मसीह तुम्हें बुला रहे हैं। क्या तुम उनके पास आओगे?
इस पर बात करो
१. यीशु मसीह अपनी कलीसिया को "बिना दोष" कैसे बनाते हैं, जबकि हम सब गलतियाँ करते हैं?
२. अगर यीशु मसीह आज तुमसे कहें "मेरे संग चली आ," तो तुम्हें किस जगह से या किस बात से निकलकर उनके पास आना पड़ेगा?
एक साथ प्रार्थना
प्रभु यीशु, धन्यवाद कि आप हमें ऐसे देखते हैं जैसे दूल्हा अपनी दुल्हन को देखता है। हम जानते हैं कि हम में बहुत कमियाँ हैं, फिर भी आप हमें प्रेम करते हैं। हमें अपनी आवाज़ पहचानना सिखाइए जब आप कहते हैं, "मेरे संग चली आ।" और हमें आपके पास आने का साहस दीजिए। आमीन।
श्रेष्ठगीत 4 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
श्रेष्ठगीत 4 किस विषय में है?
श्रेष्ठगीत 4 क्या कहता है?
श्रेष्ठगीत 4 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
बच्चे श्रेष्ठगीत 4 से क्या सीख सकते हैं?
श्रेष्ठगीत 4 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
दूल्हा कहता है, "तेरी दोनों छातियाँ दो बच्चों के समान हैं, जो हिरनी के जुड़वाँ बच्चे हैं, और सोसन फूलों के बीच चरते हैं।" ध्यान दो, यह शिकार का दृश्य नहीं, चरागाह का है। हिरनी के बच्चे वहीं चरते हैं जहाँ उन्हें डर न लगे। सच्चा प्रेम छीनता नहीं, वह एक सुरक्षित जगह बनाता है। जिस घर में तुम हो, क्या वहाँ कोई बिना डरे साँस ले पाता है?
तेरी कनपटियाँ तेरे घूँघट के पीछे अनार के टुकड़ों के समान हैं।" दूल्हा उस हिस्से की तारीफ करता है जो घूँघट के पीछे छिपा है, जिसे भीड़ नहीं देखती। सोच, जो तुझमें ढका हुआ है, तेरी चुप लड़ाइयाँ, तेरे भीतर के आँसू, वही उसकी आँखों में सुंदर हैं। तू दिखावे से नहीं, प्रेम से देखा जाता है।
तेरा गला दाऊद के उस गुम्मट के समान है जो शस्त्रशाला के लिये बना है, जिसमें हजार ढालें टंगी हैं।" दूल्हा अपनी दुल्हन की कोमलता नहीं, उसकी गरिमा गिन रहा है। गुम्मट पर टँगी ढालें जीती हुई लड़ाइयों की निशानी थीं। सोच, जिन संघर्षों को तू छिपाना चाहता है, वही तेरे प्रेमी की आँखों में तेरा गहना हैं।
दूल्हा दुल्हन के दाँतों तक की तारीफ करता है: "तेरे दाँत उन ऊन कतरी हुई भेड़ों के झुंड के समान हैं जो नहलाई गई हों; उनमें से हर एक के जुड़वाँ बच्चे होते हैं और उनमें से कोई भी निर्वंश नहीं।" कुछ भी टूटा नहीं, कुछ भी खाली नहीं। प्रेम इतनी बारीकी से देखता है। सोचो, परमेश्वर तुम्हें भी उसी नज़र से देखता है, जहाँ तुम्हें कमी दिखती है, वहाँ वह सुंदरता गिन रहा है।
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