3 से 5 वर्ष के बच्चे के लिए

2 राजाओं 22

छोटे बच्चे और प्री स्कूल (3 से 5 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

समझाई

एक छोटा लड़का था। उसका नाम योशिय्याह था। जब वह राजा बना, तब वह सिर्फ आठ साल का था। इतना छोटा, जितने तुम हो।

योशिय्याह बड़ा हुआ। वह परमेश्वर से प्रेम करता था। वह हमेशा सही काम करना चाहता था।

एक दिन योशिय्याह ने अपने आदमियों को भेजा। उसने कहा, जाओ, परमेश्वर के भवन की मरम्मत करो। लकड़ी लाओ। पत्थर लाओ। घर को फिर से सुंदर बनाओ।

आदमी काम करने गए। और तब कुछ अनोखा हुआ। हिल्किय्याह नाम के याजक को एक पुरानी किताब मिली। बहुत पुरानी। धूल भरी। वह परमेश्वर की व्यवस्था की किताब थी।

हिल्किय्याह ने कहा, देखो, मुझे यह किताब मिली है। शापान नाम का आदमी वह किताब राजा के पास ले गया। और वह उसे पढ़कर सुनाने लगा। धीरे धीरे, एक एक शब्द।

राजा योशिय्याह सुनता रहा। सुनता रहा। और फिर… उसने अपने कपड़े फाड़ दिए। क्योंकि वह बहुत दुखी हो गया था।

इसका क्या अर्थ है?

योशिय्याह क्यों रोया? क्योंकि उसने सुना कि परमेश्वर के लोग उनकी बातें नहीं मानते थे। बहुत समय से नहीं मानते थे। योशिय्याह को यह सुनकर दुख हुआ। उसका दिल नरम था, पत्थर जैसा नहीं।

उसने कहा, जाओ, परमेश्वर से पूछो। एक स्त्री थी, उसका नाम हुल्दा था। वह परमेश्वर की बात सुनती और बताती थी। हिल्किय्याह और बाकी लोग उसके पास गए।

हुल्दा ने कहा, परमेश्वर ने देखा है कि राजा का दिल नरम हुआ। राजा रोया। राजा ने अपना सिर झुकाया। इसलिए परमेश्वर ने कहा, मैंने तुम्हारी सुन ली है।

समान सूत्र

परमेश्वर हमेशा उन लोगों को देखते हैं जिनका दिल नरम होता है। जो सुनते हैं और मानते हैं। बहुत बाद में, यीशु भी आए। और यीशु ने भी कहा, जो अपना दिल झुकाते हैं, परमेश्वर उनकी सुनते हैं।

तुम्हारे लिए

जब तुम कोई गलत बात सुनते हो, क्या तुम्हारा दिल भी नरम होता है? योशिय्याह ने परमेश्वर की बात सुनी, और उसने उसे गंभीरता से लिया। तुम भी परमेश्वर की बात सुन सकते हो। हर दिन, थोड़ा थोड़ा।

बात करें

क्या तुम्हें लगता है योशिय्याह क्यों रोया?

जब तुम परमेश्वर की बात सुनते हो, तुम्हें कैसा लगता है?

साथ में प्रार्थना

प्रिय परमेश्वर, योशिय्याह का दिल नरम था। मेरा दिल भी नरम कर दीजिए। मुझे आपकी बात सुननी है। धन्यवाद कि आप मेरी सुनते हैं। आमीन।

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2 राजाओं 22 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

2 राजाओं 22 किस विषय में है?
एक छोटा लड़का था। उसका नाम योशिय्याह था। जब वह राजा बना, तब वह सिर्फ आठ साल का था। इतना छोटा, जितने तुम हो।
2 राजाओं 22 क्या कहता है?
एक दिन योशिय्याह ने अपने आदमियों को भेजा। उसने कहा, जाओ, परमेश्वर के भवन की मरम्मत करो। लकड़ी लाओ। पत्थर लाओ। घर को फिर से सुंदर बनाओ।
2 राजाओं 22 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
हिल्किय्याह ने कहा, देखो, मुझे यह किताब मिली है। शापान नाम का आदमी वह किताब राजा के पास ले गया। और वह उसे पढ़कर सुनाने लगा। धीरे धीरे, एक एक शब्द।
नन्हे बच्चे 2 राजाओं 22 से क्या सीख सकते हैं?
योशिय्याह क्यों रोया? क्योंकि उसने सुना कि परमेश्वर के लोग उनकी बातें नहीं मानते थे। बहुत समय से नहीं मानते थे। योशिय्याह को यह सुनकर दुख हुआ। उसका दिल नरम था, पत्थर जैसा नहीं।
2 राजाओं 22 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
हुल्दा ने कहा, परमेश्वर ने देखा है कि राजा का दिल नरम हुआ। राजा रोया। राजा ने अपना सिर झुकाया। इसलिए परमेश्वर ने कहा, मैंने तुम्हारी सुन ली है।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 18

योशिय्याह ने व्यवस्था की पुस्तक सुनी, अपने वस्त्र फाड़े और पूछने भेजा। हुल्दा का उत्तर पहले पूरे देश के लिये था, फिर एक आदमी के लिये: "यहूदा का राजा जिसने तुम्हें यहोवा से पूछने को भेजा है, उससे यह कहो।" परमेश्वर भीड़ में भी तुझे अलग से संबोधित करता है। जो उसके वचन पर सचमुच कांपता है, उसे वह नाम लेकर उत्तर देता है।

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