3 से 5 वर्ष के बच्चे के लिए

2 शमूएल 15

छोटे बच्चे और प्री स्कूल (3 से 5 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

एक बार एक राजकुमार था। उसका नाम अबशालोम था। वह दाऊद का बेटा था।

अबशालोम के पास एक रथ था। उसके पास घोड़े थे। बहुत सारे घोड़े।

हर सुबह अबशालोम फाटक के पास जाकर खड़ा हो जाता था। जब भी कोई दुखी आदमी आता, अबशालोम उससे प्यार से बात करता था। वह उसे पकड़ता था। वह उसे चूमता था।

धीरे धीरे लोग अबशालोम से बहुत प्यार करने लगे। बहुत सारे लोग।

फिर एक दिन अबशालोम हेब्रोन गया। वहाँ उसने नरसिंगा बजाया। तुरही की तेज आवाज़। और चिल्लाकर कहा, "अबशालोम राजा बना है!"

इसका क्या अर्थ है?

दाऊद को दुखद समाचार मिला। बहुत से लोगों के मन उसके बेटे की ओर हो गए थे। दाऊद डर गया। बहुत डर गया।

दाऊद ने कहा, "आओ, हम भाग चलें।" और वह अपने महल से निकल गया। नंगे पाँव। सिर ढाँके। रोता हुआ।

उसके पीछे सब लोग रोते हुए चले। एक आदमी था, इत्तै। दाऊद ने उससे कहा, "तू लौट जा।" पर इत्तै ने कहा, "जहाँ भी आप जायेंगे, मैं भी वहीं जाऊँगा।" इत्तै दाऊद को बहुत प्यार करता था।

समान सूत्र

दाऊद रोते हुए पहाड़ पर चढ़ रहा था। बहुत दुखी राजा। पर परमेश्वर को नहीं भूला।

जब दाऊद को पता चला कि एक बुरा सलाहकार अबशालोम के साथ है, तब उसने क्या किया? उसने आँखें बंद की। उसने कहा, "हे यहोवा, उसकी सम्मति को मूर्खता बना दे।" दाऊद ने परमेश्वर से बात की।

बहुत साल बाद, एक और राजा भी दुखी होकर एक पहाड़ पर गया था। उसका नाम यीशु था। वह भी रोया। वह भी परमेश्वर से बात करता रहा। जब सब कठिन था, तब भी परमेश्वर पास ही रहे।

आपके लिए

जब तुम बहुत डरो, तब तुम क्या करोगे? दाऊद ने परमेश्वर से बात की। तुम भी परमेश्वर से बात कर सकते हो। सुबह भी, रात भी।

परमेश्वर उन लोगों की सुनते हैं जो रोते हुए उनसे बात करते हैं। दाऊद उदास था, पर अकेला नहीं था।

बात करें

अगर तुम बहुत डर जाओ, तो तुम किससे बात करोगे?

इत्तै दाऊद के साथ रहा। तुम्हारा सबसे अच्छा दोस्त कौन है?

साथ में प्रार्थना

प्रिय परमेश्वर, जब मैं डरूँ, तब मेरे पास आइए। जब मैं रोऊँ, तब मुझे थामिए। दाऊद के साथ आप रहे। मेरे साथ भी रहिए। आमीन।

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2 शमूएल 15 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

2 शमूएल 15 किस विषय में है?
एक बार एक राजकुमार था। उसका नाम अबशालोम था। वह दाऊद का बेटा था।
2 शमूएल 15 क्या कहता है?
धीरे धीरे लोग अबशालोम से बहुत प्यार करने लगे। बहुत सारे लोग।
2 शमूएल 15 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
दाऊद ने कहा, "आओ, हम भाग चलें।" और वह अपने महल से निकल गया। नंगे पाँव। सिर ढाँके। रोता हुआ।
नन्हे बच्चे 2 शमूएल 15 से क्या सीख सकते हैं?
जब दाऊद को पता चला कि एक बुरा सलाहकार अबशालोम के साथ है, तब उसने क्या किया? उसने आँखें बंद की। उसने कहा, "हे यहोवा, उसकी सम्मति को मूर्खता बना दे।" दाऊद ने परमेश्वर से बात की।
2 शमूएल 15 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
परमेश्वर उन लोगों की सुनते हैं जो रोते हुए उनसे बात करते हैं। दाऊद उदास था, पर अकेला नहीं था।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 5

अबशालोम किसी को झुकने नहीं देता था, "वह हाथ बढ़ाकर उसे पकड़ लेता, और चूम लेता था।" कितना अपनापन लगता है। पर यह गले लगाना राज्य चुराने का तरीका था। सोचने की बात है: मेरी गर्मजोशी किसके लिए है, उस इंसान के लिए, या उस चीज़ के लिए जो मुझे उससे चाहिए? प्यार जब औज़ार बन जाए, तो वह सबसे मीठा धोखा है।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 19

दाऊद भाग रहा है, राज्य हाथ से निकल रहा है, और ऐसे में वह इत्तै से कहता है, "मेरे संग तू भी क्यों चलता है?" जिसके पास कुछ नहीं बचा, वह भी दूसरे का बोझ सोच रहा है। वह अपने साथी को जाने की खुली छूट देता है। सच्चा साथ वहीं परखा जाता है जहाँ लौट जाने का दरवाज़ा खुला हो। तू किसके साथ तब भी खड़ा रहेगा, जब जाने की पूरी आज़ादी हो?

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