3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

2 शमूएल 21

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

बहुत दिनों तक बारिश नहीं हुई। ज़मीन सूखी थी। रोटी नहीं थी। बच्चे भूखे थे। यह तीन साल तक चला।

दाऊद राजा थे। दाऊद उदास थे। उन्होंने परमेश्वर से बात की। परमेश्वर ने उन्हें बताया, कुछ बहुत बुरा हुआ था। शाऊल ने पहले गिबोनी लोगों को मार डाला था। यह ठीक नहीं था।

दाऊद ने गिबोनियों से पूछा, “मैं क्या करूँ?” उन्होंने कहा, शाऊल के सात लोग हमें दे दो। दाऊद ने वैसा ही किया। यह बहुत दुःख की बात थी। सात लोग मर गए।

इसका अर्थ क्या है?

उनमें से दो, अर्मोनी और मपीबोशेत, रिस्पा के बेटे थे। रिस्पा एक माँ थी। रिस्पा बहुत रोई। पर रिस्पा वहाँ से गई नहीं।

रिस्पा ने एक टाट का कपड़ा लिया। वह चट्टान पर बैठ गई। दिन में सूरज गरम था। रात में हवा ठंडी थी। रिस्पा वहीं बैठी रही। उसने पंछियों को दूर रखा। उसने जंगली जानवरों को दूर रखा। वह अपने बेटों के पास बैठी रही। बहुत दिनों तक, जब तक आकाश से बारिश नहीं हुई।

दाऊद ने यह सुना। रिस्पा का प्यार सुना। तब दाऊद ने कुछ अच्छा किया। उसने शाऊल और योनातान की हड्डियाँ लीं। उसने उन्हें प्यार से एक कब्र में रखा, उनके अपने घर में। सब कुछ ठीक से किया गया।

उसके बाद, परमेश्वर ने देश के लिए दुआ सुन ली। बारिश आई। ज़मीन फिर से भीगी। रोटी फिर से मिली।

समान सूत्र

परमेश्वर उदासी में भी सुनते हैं। जब दाऊद ने प्रार्थना की, परमेश्वर ने सुना। जब रिस्पा रोई, परमेश्वर ने देखा। परमेश्वर हमें भी सुनते हैं, जब हम रोते हैं। वे हमसे बहुत प्यार करते हैं, यीशु मसीह के द्वारा। यीशु भी हमारे पास बैठे रहते हैं, जब हम उदास होते हैं।

तुम्हारे लिए

जब तुम उदास होते हो, तुम किससे बात करते हो? रिस्पा अपने बेटों के पास बैठी रही। परमेश्वर भी तुम्हारे पास बैठे रहते हैं। तुम उन्हें बता सकते हो, “मैं उदास हूँ।” वे सुनते हैं।

बात करें

रिस्पा चट्टान पर क्यों बैठी रही?

जब तुम उदास होते हो, परमेश्वर से क्या कहते हो?

साथ में प्रार्थना करें

प्रभु परमेश्वर, आप सब सुनते हैं। जब मैं रोता हूँ, आप सुनते हैं। जब मैं उदास होता हूँ, आप मेरे पास रहते हैं। धन्यवाद, प्रभु। आमीन।

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2 शमूएल 21 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

2 शमूएल 21 किस विषय में है?
बहुत दिनों तक बारिश नहीं हुई। ज़मीन सूखी थी। रोटी नहीं थी। बच्चे भूखे थे। यह तीन साल तक चला।
2 शमूएल 21 क्या कहता है?
दाऊद ने गिबोनियों से पूछा, “मैं क्या करूँ?” उन्होंने कहा, शाऊल के सात लोग हमें दे दो। दाऊद ने वैसा ही किया। यह बहुत दुःख की बात थी। सात लोग मर गए।
2 शमूएल 21 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
रिस्पा ने एक टाट का कपड़ा लिया। वह चट्टान पर बैठ गई। दिन में सूरज गरम था। रात में हवा ठंडी थी। रिस्पा वहीं बैठी रही। उसने पंछियों को दूर रखा। उसने जंगली जानवरों को दूर रखा। वह अपने बेटों के पास बैठी रही। बहुत दिनों तक, जब तक आकाश से बारिश नहीं हुई।
नन्हे बच्चे 2 शमूएल 21 से क्या सीख सकते हैं?
उसके बाद, परमेश्वर ने देश के लिए दुआ सुन ली। बारिश आई। ज़मीन फिर से भीगी। रोटी फिर से मिली।
2 शमूएल 21 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
जब तुम उदास होते हो, तुम किससे बात करते हो? रिस्पा अपने बेटों के पास बैठी रही। परमेश्वर भी तुम्हारे पास बैठे रहते हैं। तुम उन्हें बता सकते हो, “मैं उदास हूँ।” वे सुनते हैं।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 15

और दाऊद थक गया।" यह वही दाऊद है जिसने कभी गोलियत को पत्थर से गिराया था। अब वही हाथ थक जाते हैं। परमेश्वर ने उसकी थकान पर शर्मिंदा नहीं किया, अबीशै को भेज दिया। तेरी ताकत हमेशा एक जैसी नहीं रहेगी, और यह पाप नहीं है। क्या तू किसी को अपने पास आने देगा, या अकेले लड़ते रहना ही तुझे बहादुरी लगती है?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 20

गोलियत तो कब का मर चुका था, फिर भी गत में एक और खड़ा हो गया, "जिसके हाथ-पाँव में छः छः उँगलियाँ" थीं, वही खानदान, वही ललकार। कुछ लड़ाइयाँ एक बार जीतकर खत्म नहीं होतीं। जो पाप तूने बरसों पहले हराया था, वह नए चेहरे में लौट सकता है। पर देख, इस बार दाऊद नहीं, योनातान लड़ा। परमेश्वर हर पीढ़ी के लिए अपना जन तैयार रखता है।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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