3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

1 पतरस 1

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

बाइबल क्या कहती है?

बहुत समय पहले, एक आदमी था। उसका नाम पतरस था। पतरस, यीशु का दोस्त था। एक दिन पतरस ने कलम उठाई। उसने एक चिट्ठी लिखी। यह चिट्ठी दूर देश के लोगों के लिए थी। वे लोग अपने घर से बहुत दूर रहते थे। कहीं और, अजनबी जगह में। शायद वे उदास थे। शायद वे अकेले महसूस करते थे। पतरस ने लिखा, सुनो! परमेश्वर तुम्हें प्यार करते हैं। परमेश्वर ने तुम्हें चुना है। तुम्हें बड़ी कृपा और शान्ति मिले।

फिर पतरस ने कुछ अचरज की बात लिखी। उसने लिखा, यीशु मसीह मर गए थे। पूरी तरह मर गए थे। पर फिर, तीसरे दिन, वे फिर से जी उठे! सोचो, कैसा अचरज! आँखें खोलीं, फिर से साँस ली, फिर से चले। इससे हमें एक नई आशा मिलती है। एक जीवित आशा, जो कभी नहीं मरती।

इसका मतलब क्या है?

पतरस ने लिखा, परमेश्वर ने तुम्हारे लिए स्वर्ग में कुछ रखा है। एक खजाना। वह खजाना कभी खराब नहीं होगा। कभी सड़ेगा नहीं, कभी मुरझाएगा नहीं, कभी चोरी नहीं होगा। वह हमेशा वहीं रहेगा, चमकता हुआ, सुरक्षित। भले ही अभी दुःख के दिन हों, कठिन दिन हों, फिर भी वह खजाना बना रहता है। परमेश्वर खुद उसकी रखवाली करते हैं। इसलिए, बीच में दुःख में भी, हम खुश हो सकते हैं।

एक ही कहानी की कड़ी

यह सब यीशु मसीह के कारण हुआ। पतरस लिखता है, यीशु एक मेमने के समान थे। बिना दाग़, बिना दोष के मेमना। उनका खून बहुमूल्य था, बहुत बहुत बहुमूल्य। उस खून से हमारा छुटकारा हुआ, चाँदी-सोने से नहीं। यीशु को दुनिया बनने से पहले ही चुना गया था। और अब वे प्रगट हुए हैं, हमारे लिए, इस समय में। सोचो, इतने पहले से परमेश्वर की योजना यीशु के बारे में थी!

तुम्हारे लिए

पतरस कहता है, तुमने यीशु को कभी अपनी आँखों से देखा नहीं। फिर भी तुम उनसे प्यार करते हो। क्या तुम भी यीशु से प्यार करते हो, बिना देखे? तुम उनसे बात कर सकते हो, हर दिन। तुम उनसे प्रार्थना कर सकते हो, सुबह और रात में। पतरस यह भी कहता है, एक दूसरे से प्यार करो। अपने भाई से प्यार करो। अपनी बहन से भी। जैसे परमेश्वर पवित्र हैं, वैसे तुम भी हो सको। पतरस कहता है, घास सूख जाती है। फूल गिर जाता है, धीरे धीरे। पर परमेश्वर का वचन कभी नहीं मिटता। यह सदा और सदा रहता है।

बातचीत करें

तुम यीशु को देख नहीं सकते, फिर भी क्या तुम उनसे प्यार करते हो?

परमेश्वर ने तुम्हारे लिए स्वर्ग में क्या रखा है?

साथ में प्रार्थना करें

प्रिय परमेश्वर, धन्यवाद कि आपने यीशु को फिर से जिलाया। धन्यवाद कि आपने मेरे लिए एक खजाना रखा है। मैं आपसे प्यार करता हूं, भले ही मैं आपको देख नहीं सकता। आमीन।

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1 पतरस 1 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

1 पतरस 1 किस विषय में है?
बहुत समय पहले, एक आदमी था। उसका नाम पतरस था। पतरस, यीशु का दोस्त था। एक दिन पतरस ने कलम उठाई। उसने एक चिट्ठी लिखी। यह चिट्ठी दूर देश के लोगों के लिए थी। वे लोग अपने घर से बहुत दूर रहते थे। कहीं और, अजनबी जगह में। शायद वे उदास थे। शायद वे अकेले महसूस करते थे। पतरस ने लिखा, सुनो! परमेश्वर तुम्हें प्यार करते हैं। परमेश्वर ने तुम्हें चुना है। तुम्हें बड़ी कृपा और शान्ति मिले।
1 पतरस 1 क्या कहता है?
फिर पतरस ने कुछ अचरज की बात लिखी। उसने लिखा, यीशु मसीह मर गए थे। पूरी तरह मर गए थे। पर फिर, तीसरे दिन, वे फिर से जी उठे! सोचो, कैसा अचरज! आँखें खोलीं, फिर से साँस ली, फिर से चले। इससे हमें एक नई आशा मिलती है। एक जीवित आशा, जो कभी नहीं मरती।
1 पतरस 1 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
पतरस ने लिखा, परमेश्वर ने तुम्हारे लिए स्वर्ग में कुछ रखा है। एक खजाना। वह खजाना कभी खराब नहीं होगा। कभी सड़ेगा नहीं, कभी मुरझाएगा नहीं, कभी चोरी नहीं होगा। वह हमेशा वहीं रहेगा, चमकता हुआ, सुरक्षित। भले ही अभी दुःख के दिन हों, कठिन दिन हों, फिर भी वह खजाना बना रहता है। परमेश्वर खुद उसकी रखवाली करते हैं। इसलिए, बीच में दुःख में भी, हम खुश हो सकते हैं।
नन्हे बच्चे 1 पतरस 1 से क्या सीख सकते हैं?
यह सब यीशु मसीह के कारण हुआ। पतरस लिखता है, यीशु एक मेमने के समान थे। बिना दाग़, बिना दोष के मेमना। उनका खून बहुमूल्य था, बहुत बहुत बहुमूल्य। उस खून से हमारा छुटकारा हुआ, चाँदी-सोने से नहीं। यीशु को दुनिया बनने से पहले ही चुना गया था। और अब वे प्रगट हुए हैं, हमारे लिए, इस समय में। सोचो, इतने पहले से परमेश्वर की योजना यीशु के बारे में थी!
1 पतरस 1 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
पतरस कहता है, तुमने यीशु को कभी अपनी आँखों से देखा नहीं। फिर भी तुम उनसे प्यार करते हो। क्या तुम भी यीशु से प्यार करते हो, बिना देखे? तुम उनसे बात कर सकते हो, हर दिन। तुम उनसे प्रार्थना कर सकते हो, सुबह और रात में। पतरस यह भी कहता है, एक दूसरे से प्यार करो। अपने भाई से प्यार करो। अपनी बहन से भी। जैसे परमेश्वर पवित्र हैं, वैसे तुम भी हो सको। पतरस कहता है, घास सूख जाती है। फूल गिर जाता है, धीरे धीरे। पर परमेश्वर का वचन कभी नहीं मिटता। यह सदा और सदा रहता है।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 9

पतरस उन लोगों को लिख रहा था जो घर से उजड़े, बिखरे और सताए हुए थे। उनसे वह कहता है, "और अपने विश्वास का प्रतिफल अर्थात् आत्माओं का उद्धार प्राप्त करते हो।" ध्यान दे, "प्राप्त करते हो", आगे कभी नहीं, अभी। जिस मसीह को तूने कभी आँखों से नहीं देखा, उस पर भरोसा करना बेकार नहीं जा रहा। तेरे आँसुओं के बीच भी कुछ मिल रहा है।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 8

पतरस ने यीशु को अपनी आँखों से देखा था, उनके साथ खाया, उनके पैरों पर गिरा। फिर भी वह उन बिखरे, सताए हुए विश्वासियों से कहता है, "उससे तुम बिन देखे प्रेम रखते हो।" वह उनके प्रेम को अपने से कम नहीं समझता। तेरा वह प्रेम, जो अंधेरे में भी टिका रहा, स्वर्ग की नज़र में छोटा नहीं है।

तू भी बिन देखे प्रेम रखता है क्या?

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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