2 शमूएल 4
नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
व्याख्या
एक दिन था, बहुत गरम दिन। सूरज आसमान में तेज़ चमक रहा था। हवा भी गरम थी। सब लोग आराम कर रहे थे।
ईशबोशेत नाम का एक राजा था, शाऊल का बेटा। वह अपने घर में लेटा था। दोपहर की नींद में था। घर में बहुत शांत था, कोई आवाज़ नहीं।
बहुत पहले, एक छोटा बालक था। उसका नाम मपीबोशेत था। उसके दादा और उसके पिता मर गए थे। उसकी दाई बहुत डर गई। वह उसे गोद में लेकर भागी। बहुत तेज़ भागी। वह गिर पड़ा। उसका पैर टूट गया। अब वह लँगड़ा चलता था। यह बहुत दुखद दिन था।
उसी दोपहर में, दो आदमी ईशबोशेत के घर आए। एक का नाम रेकाब था, दूसरे का नाम बानाह था। उन्होंने दरवाज़े पर कहा, "हम गेहूँ लाए हैं।" पर यह सच नहीं था। वे चुपचाप भीतर गए। ईशबोशेत सो रहा था। उसे पता भी नहीं चला। उन्होंने उसे बहुत दुःख दिया। ईशबोशेत मर गया।
फिर वे भागे। रात भर चलते रहे। बहुत दूर तक, जल्दी जल्दी। वे दाऊद के पास गए। दाऊद भी एक राजा था, अच्छा राजा। उन्होंने सोचा, "दाऊद खुश होगा। क्योंकि ईशबोशेत उसका दुश्मन था।" पर दाऊद खुश नहीं हुआ। दाऊद बहुत दुखी हुआ। दाऊद का चेहरा गुस्से से भर गया।
इसका क्या अर्थ है?
दाऊद ने कहा, "तुमने एक आदमी को दुःख दिया। वह सो रहा था। यह बहुत गलत है।" दाऊद जानता था, परमेश्वर सब कुछ देखते हैं। बंद घर में भी। अंधेरे कमरे में भी। सोते समय भी।
दाऊद ने उन दो आदमियों को सज़ा दी। उसने दिखाया। जो गलत है, वह गलत ही रहता है। चाहे वह दुश्मन के घर में हो। चाहे कोई देख न रहा हो। फिर दाऊद ने ईशबोशेत को आदर से दफनाया। उसे अब्नेर की कब्र के पास रखा।
समान सूत्र
दाऊद एक सच्चा राजा था। वह गलत काम से कभी खुश नहीं होता था। एक दिन एक और राजा आएगा। उसका नाम यीशु है। यीशु भी कभी गलत काम से खुश नहीं होते।
यीशु कमज़ोर लोगों से प्यार करते हैं। छोटे बच्चों से भी। लँगड़े बालकों से भी। यीशु हर जगह देखते हैं। हर समय। अंधेरे कमरे में भी। बंद दरवाज़े के पीछे भी।
आपके लिए
तुम भी याद रखो, परमेश्वर तुम्हें हमेशा देखते हैं। जब तुम खेलते हो, परमेश्वर वहाँ होते हैं। जब तुम सोते हो, परमेश्वर वहाँ होते हैं।
तुम किसी को दुःख नहीं दो। छोटे को भी नहीं। बड़े को भी नहीं। तुम भले बनो, जब कोई देख रहा हो। तुम भले बनो, जब कोई न देख रहा हो।
चर्चा करें
क्या तुम्हें पता है, परमेश्वर तुम्हें हर समय देखते हैं?
जब कोई तुम्हें न देख रहा हो, तब भी तुम भला करोगे?
आइए प्रार्थना करें
प्रिय परमेश्वर, आप हमें हर समय देखते हैं। दिन में भी, रात में भी। धन्यवाद, आप हमारी रखवाली करते हैं। हमें भला बनने में मदद करें, चाहे कोई देखे या न देखे। आमीन।
2 शमूएल 4 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
2 शमूएल 4 किस विषय में है?
2 शमूएल 4 क्या कहता है?
2 शमूएल 4 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
नन्हे बच्चे 2 शमूएल 4 से क्या सीख सकते हैं?
2 शमूएल 4 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
गेहूँ लेने के बहाने वे भीतर घुसे। कोई हथियार लहराता हुआ दरवाज़ा नहीं तोड़ता, बस रोज़ का काम, जाना पहचाना चेहरा, और ईश्बोशेत दोपहर में चैन से सो रहा था।
धोखा अक्सर ऐसे ही आता है, साधारण कपड़ों में। सोच, तेरे मन के किस कमरे में कोई "गेहूँ लेने" के नाम पर बैठा है, और तू निश्चिंत सो रहा है?
थोड़े बड़े बच्चों के लिए कुछ ढूँढ रहे हैं?
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