3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

कुलुस्सियों 1

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

एक आदमी था। नाम था पौलुस।

पौलुस एक पत्र लिख रहा था। एक प्यारा सा पत्र। किसके लिए? कुलुस्से के लोगों के लिए।

पौलुस उनको जानता था। वह उनसे प्रेम करता था। वह हर दिन उनके लिए प्रार्थना करता था।

पौलुस ने लिखा, "मैं परमेश्वर का धन्यवाद करता हूँ।" क्यों? क्योंकि कुलुस्से के लोग यीशु से प्रेम करते थे। और वे एक दूसरे से भी प्रेम करते थे।

यह सुनकर पौलुस बहुत खुश हुआ। बहुत, बहुत खुश।

इसका क्या मतलब है?

पौलुस ने एक और बात लिखी। सबसे सुंदर बात।

उसने लिखा, यीशु कौन हैं

यीशु परमेश्वर को दिखाते हैं। जैसे तस्वीर में चेहरा दिखता है। वैसे ही यीशु में परमेश्वर दिखते हैं।

सूरज को यीशु ने बनाया। चाँद को यीशु ने बनाया। पेड़ों को, पानी को, हर चीज़ को यीशु ने बनाया।

सोचो, कितने बड़े हैं यीशु!

समान सूत्र

पर एक दुख की बात भी थी। लोग परमेश्वर से दूर चले गए थे। बहुत दूर। जैसे कोई अँधेरे कमरे में खो जाए।

पर यीशु आए। उन्होंने अपना खून बहाया। क्रूस पर।

इससे क्या हुआ? परमेश्वर ने लोगों को फिर से पास बुला लिया। जैसे कोई खोए हुए बच्चे को घर ले आए।

पौलुस ने लिखा, परमेश्वर ने हमें अँधेरे से निकाला। उन्होंने हमें अपने प्यारे पुत्र के राज्य में ले आए।

वहाँ रोशनी है। वहाँ आनंद है।

तुम्हारे लिए

क्या तुमने कभी अँधेरे कमरे में डर महसूस किया है?

फिर किसी ने बत्ती जलाई। और तुम्हें अच्छा लगा।

यीशु ऐसे ही हैं। वे रोशनी लाते हैं। वे तुम्हारा हाथ पकड़ते हैं। वे तुम्हें घर ले जाते हैं।

तुम भी यीशु से प्रेम कर सकते हो। जैसे कुलुस्से के लोग करते थे।

तुम भी परमेश्वर को धन्यवाद दे सकते हो। आज, अभी।

आपस में बात करें

तुम्हें अँधेरे में सबसे ज़्यादा किस बात से डर लगता है?

यीशु ने कौन सी चीज़ें बनाईं? तुम कितनी गिन सकते हो?

साथ में प्रार्थना

प्यारे परमेश्वर,

धन्यवाद कि यीशु ने सूरज बनाया।

धन्यवाद कि यीशु ने चाँद बनाया।

धन्यवाद कि यीशु हमें अँधेरे से रोशनी में लाते हैं।

हम भी आपसे प्रेम करना चाहते हैं।

आमीन।

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कुलुस्सियों 1 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

कुलुस्सियों 1 किस विषय में है?
पौलुस एक पत्र लिख रहा था। एक प्यारा सा पत्र। किसके लिए? कुलुस्से के लोगों के लिए।
कुलुस्सियों 1 क्या कहता है?
पौलुस ने लिखा, "मैं परमेश्वर का धन्यवाद करता हूँ।" क्यों? क्योंकि कुलुस्से के लोग यीशु से प्रेम करते थे। और वे एक दूसरे से भी प्रेम करते थे।
कुलुस्सियों 1 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
सूरज को यीशु ने बनाया। चाँद को यीशु ने बनाया। पेड़ों को, पानी को, हर चीज़ को यीशु ने बनाया।
नन्हे बच्चे कुलुस्सियों 1 से क्या सीख सकते हैं?
इससे क्या हुआ? परमेश्वर ने लोगों को फिर से पास बुला लिया। जैसे कोई खोए हुए बच्चे को घर ले आए।
कुलुस्सियों 1 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
यीशु ऐसे ही हैं। वे रोशनी लाते हैं। वे तुम्हारा हाथ पकड़ते हैं। वे तुम्हें घर ले जाते हैं।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 1

पौलुस की ओर से, जो परमेश्वर की इच्छा से मसीह यीशु का प्रेरित है, और भाई तीमुथियुस की ओर से।"

पौलुस अपने नाम के आगे अपनी मेहनत नहीं, परमेश्वर की इच्छा रखता है। उसकी पहचान उसकी कमाई हुई नहीं, दी हुई है। और साथ में एक नाम और है, तीमुथियुस, बिना किसी बड़ी उपाधि के, बस "भाई"।

तू अपने नाम के आगे क्या लिखता है? और तेरे साथ खड़ा भाई कौन है?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 21

तुम जो पहले दूर थे, और बुरे कामों के कारण मन से बैरी थे।" ध्यान दे, दूरी सिर्फ हालात की नहीं थी। बैर मन में था, सोच में था। परमेश्वर हमें उस समय भी जानता था जब हम उसके बारे में गलत सोचते थे। और उसी हाल में उसने पहल की। तेरे मन के जिस कोने को तू छिपाता है, वहीं से मेल शुरू होता है।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 6

सुसमाचार के बारे में पौलुस कहता है, "जो तुम्हारे पास पहुँचा है और जैसा जगत में फल लाता और बढ़ता जाता है, वैसा ही तुम में भी।" ध्यान दे, यह बढ़ता है, चुपचाप, बीज की तरह। जिस दिन तूने परमेश्वर का अनुग्रह सुना और सच में पहचाना, उसी दिन से यह काम तुझमें शुरू हुआ। शायद तुझे फल दिखाई न दे, पर वचन बाँझ नहीं होता। धीरज रख।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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