3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

कुलुस्सियों 4

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

एक कोठरी थी। छोटी, अँधेरी, ठंडी कोठरी। खिड़की बहुत ऊँची थी। वहाँ से थोड़ी-सी धूप अंदर आती थी।

उस कोठरी में एक आदमी बैठा था। उसका नाम था पौलुस।

पौलुस के हाथों में जंजीरें थीं। भारी, लोहे की जंजीरें। जब वह हिलता, जंजीरें खनकती थीं। खन… खन… खन।

पौलुस कैद में था। पर पौलुस उदास नहीं था।

जानते हो क्यों? क्योंकि पौलुस के पास कागज़ था। और एक कलम भी।

पौलुस चिट्ठी लिख रहा था। दूर के एक शहर के अपने दोस्तों के लिए।

धीरे-धीरे उसने लिखा: "प्रार्थना में लगे रहो। और परमेश्वर को धन्यवाद देते रहो।"

फिर उसने लिखा: "मेरे लिए भी प्रार्थना करते रहो।"

इसका क्या अर्थ है?

पौलुस अकेला नहीं था। उसके बहुत सारे दोस्त थे।

तुखिकुस था। वह चिट्ठी लेकर लंबा रास्ता चलेगा। लूका था। लूका डॉक्टर था। जब कोई बीमार होता, लूका मदद करता।

और एक दोस्त था इपफ्रास। इपफ्रास हर दिन प्रार्थना करता था। दूर के दोस्तों के लिए। रोज़। रोज़। रोज़।

पौलुस ने लिखा: "मीठे शब्द बोलो। सबसे अच्छे से बात करो।"

फिर पौलुस ने कलम ली। और अपने ही हाथ से, बड़े-बड़े अक्षरों में, उसने आखिरी बात लिखी:

"मेरी जंजीरों को स्मरण रखना।"

मतलब: मुझे भूल न जाना।

जोड़ने वाला धागा

पौलुस कैद में क्यों था? क्योंकि वह सबको यीशु के बारे में बताता था।

वह कहता था: यीशु आए। यीशु हमें बहुत प्यार करते हैं।

कुछ लोगों को यह पसंद नहीं आया। उन्होंने पौलुस को कोठरी में बंद कर दिया।

पर परमेश्वर ने पौलुस को नहीं भुलाया। कभी नहीं।

अँधेरी कोठरी में भी परमेश्वर पौलुस को सुनते थे। जब पौलुस फुसफुसाकर प्रार्थना करता, परमेश्वर सुनते थे।

चिट्ठी के आखिर में पौलुस ने लिखा: "तुम पर अनुग्रह होता रहे।"

इसका मतलब है: परमेश्वर तुम पर भला होते रहें। हमेशा।

तुम्हारे लिए

क्या तुम किसी को जानते हो जो अकेला है? या बीमार है?

तुम इपफ्रास जैसे बन सकते हो।

तुम आँखें बंद कर सकते हो। और परमेश्वर से कह सकते हो: "उनका ध्यान रखिए।"

परमेश्वर सुनते हैं। हर बार।

और तुम मीठे शब्द भी बोल सकते हो। जैसे: "आओ, साथ खेलें।" या: "धन्यवाद।"

मीठे शब्द किसी के मन को गरम कर देते हैं। जैसे धूप।

इस पर बात करें

तुम आज किसके लिए प्रार्थना करना चाहते हो?

कौन-सा मीठा शब्द तुम आज किसी से कहोगे?

मिलकर प्रार्थना करें

प्रिय परमेश्वर,

आप सुनते हैं। हमेशा।

पौलुस को आपने नहीं भुलाया। मुझे भी नहीं।

मेरे मुँह से मीठे शब्द निकलें।

और जो अकेला है, उसका ध्यान रखिए।

धन्यवाद, परमेश्वर।

आमीन।

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कुलुस्सियों 4 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

कुलुस्सियों 4 किस विषय में है?
एक कोठरी थी। छोटी, अँधेरी, ठंडी कोठरी। खिड़की बहुत ऊँची थी। वहाँ से थोड़ी-सी धूप अंदर आती थी।
कुलुस्सियों 4 क्या कहता है?
पौलुस चिट्ठी लिख रहा था। दूर के एक शहर के अपने दोस्तों के लिए।
कुलुस्सियों 4 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
और एक दोस्त था इपफ्रास। इपफ्रास हर दिन प्रार्थना करता था। दूर के दोस्तों के लिए। रोज़। रोज़। रोज़।
नन्हे बच्चे कुलुस्सियों 4 से क्या सीख सकते हैं?
पौलुस कैद में क्यों था? क्योंकि वह सबको यीशु के बारे में बताता था।
कुलुस्सियों 4 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
चिट्ठी के आखिर में पौलुस ने लिखा: "तुम पर अनुग्रह होता रहे।"

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 5

बाहरवालों के साथ बुद्धिमानी से बर्ताव करो, और समय को बहुमूल्य समझो।" पौलुस यह बात जेल से लिख रहा है, जहाँ उसका अपना समय छिन चुका था। फिर भी वह कहता है, हर मुलाकात कीमती है। जो पड़ोसी अभी मसीह को नहीं जानता, वह तुम्हारे लहजे से, तुम्हारे धीरज से मसीह को पढ़ता है। आज किसके सामने तुम खुली किताब हो?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 10

मरकुस जो बरनबास का चचेरा भाई है... यदि वह तुम्हारे पास आए, तो उसका स्वागत करना।" यही वह मरकुस है जिसे कभी पौलुस साथ ले जाने को तैयार न था। सालों बाद वही नाम, अब सिफ़ारिश के साथ। एक असफलता ने उसकी कहानी का अंत तय नहीं किया। तुम्हारे मन में जिसका नाम अब भी पुरानी चोट के साथ जुड़ा है, क्या मसीह उसे नया लिख रहा है?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 18

पत्र के अंत में पौलुस कलम अपने हाथ में लेता है: "मुझ पौलुस का अपने हाथ से लिखा हुआ नमस्कार। मेरी जंजीरों की सुधि रखना। तुम पर अनुग्रह होता रहे।" वह छुटकारे की माँग नहीं करता, बस इतना कि कोई उसे भूल न जाए। जंजीरों में बँधा आदमी दूसरों को अनुग्रह की आशीष देता है। आज किसकी जंजीरों की सुधि तुम्हें रखनी है?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 14

प्रिय वैद्य लूका और देमास का तुम्हें नमस्कार।" एक ही पंक्ति में दो नाम, पर अंत अलग। लूका आखिर तक पौलुस के साथ रहा, और देमास के बारे में बाद में लिखा गया कि उसने इस संसार को प्रिय जानकर उसे छोड़ दिया। आज तुम्हारा नाम भी किसी सूची में है, विश्वासयोग्य लोगों के बीच। सवाल यह है कि दस साल बाद तुम्हारे नाम के आगे क्या लिखा जाएगा।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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