3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

सभोपदेशक 9

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

एक बार एक बुद्धिमान दादा जी थे। उनका नाम सुलैमान था। सुलैमान बहुत सोचते थे। वे सूरज के नीचे बैठते थे और सोचते थे।

एक दिन उन्होंने एक छोटा सा नगर देखा। बहुत छोटा नगर। उसमें बहुत कम लोग रहते थे।

तब एक बड़ा राजा आया। वह अपने सैनिकों के साथ आया। उन्होंने नगर को घेर लिया। लोग डर गए। बहुत डर गए।

पर उस नगर में एक आदमी था। वह गरीब था। उसके पास पैसे नहीं थे। पर उसके पास बुद्धि थी। उसने सोचा, और सोचा। और उसने नगर को बचा लिया।

सुलैमान ने यह देखा और आश्चर्य हुआ।

इसका क्या अर्थ है?

सुनो, यह बड़ी बात है। वह गरीब आदमी अमीर नहीं था। वह ताकतवर नहीं था। पर उसने पूरा नगर बचा लिया।

पर एक दुःख की बात भी हुई। नगर के लोग बच गए। पर वे उस गरीब आदमी को भूल गए। कोई भी उसका धन्यवाद नहीं करता था।

सुलैमान को यह बात अच्छी नहीं लगी। उन्होंने कहा, "बुद्धि तो तलवार से बेहतर है।" यह सच है। पर लोग कभी बुद्धिमान को याद नहीं रखते।

समान सूत्र

सुलैमान ने एक और बात कही। उन्होंने कहा, "परमेश्वर तेरे कामों से प्रसन्न हो चुका है।" सुनो, यह कैसी अच्छी बात है।

बहुत बाद में, एक और आदमी आया। वे भी बुद्धिमान थे। उनका नाम था यीशु। पर लोगों ने उन्हें भी नहीं पहचाना। बहुत लोगों ने उन्हें भूला दिया।

पर परमेश्वर ने उन्हें नहीं भूला। परमेश्वर उन्हें बहुत प्यार करते थे। और आज भी परमेश्वर हमें देखते हैं। वे हमारे काम देखते हैं। वे हमसे प्रसन्न होते हैं।

तुम्हारे लिए

क्या तुम कभी छोटे महसूस करते हो? जैसे वह गरीब आदमी था?

सुनो, तुम छोटे हो सकते हो। पर परमेश्वर तुम्हें देखते हैं। वे तुम्हें भूलते नहीं। सुलैमान ने कहा, "अपनी रोटी आनन्द से खाया कर।" यानी, आज खुश रहो। आज परमेश्वर ने जो दिया, उसे खाओ, और मुस्कुराओ।

तुम कोई भी काम करो, छोटा या बड़ा, परमेश्वर तुम्हें देख रहे हैं। यह याद रखो।

आपस में बात करें

उस गरीब आदमी को लोग क्यों भूल गए, तुम्हें क्या लगता है?

परमेश्वर तुम्हारे कौन से काम को देखकर खुश होते हैं?

साथ में प्रार्थना

प्रिय परमेश्वर,

धन्यवाद कि आप हमें देखते हैं। धन्यवाद कि आप हमें भूलते नहीं। आज हमें रोटी दीजिए। आज हमें खुशी दीजिए। आमीन।

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सभोपदेशक 9 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

सभोपदेशक 9 किस विषय में है?
एक बार एक बुद्धिमान दादा जी थे। उनका नाम सुलैमान था। सुलैमान बहुत सोचते थे। वे सूरज के नीचे बैठते थे और सोचते थे।
सभोपदेशक 9 क्या कहता है?
पर उस नगर में एक आदमी था। वह गरीब था। उसके पास पैसे नहीं थे। पर उसके पास बुद्धि थी। उसने सोचा, और सोचा। और उसने नगर को बचा लिया।
सभोपदेशक 9 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
सुलैमान को यह बात अच्छी नहीं लगी। उन्होंने कहा, "बुद्धि तो तलवार से बेहतर है।" यह सच है। पर लोग कभी बुद्धिमान को याद नहीं रखते।
नन्हे बच्चे सभोपदेशक 9 से क्या सीख सकते हैं?
पर परमेश्वर ने उन्हें नहीं भूला। परमेश्वर उन्हें बहुत प्यार करते थे। और आज भी परमेश्वर हमें देखते हैं। वे हमारे काम देखते हैं। वे हमसे प्रसन्न होते हैं।
सभोपदेशक 9 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
परमेश्वर तुम्हारे कौन से काम को देखकर खुश होते हैं?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 3

सभोपदेशक चापलूसी नहीं करता। वह कहता है, "मनुष्यों के मन बुराई से भरे हुए हैं, और जब तक वे जीवित रहते हैं उनके मन में बावलापन रहता है।" यह किसी और के बारे में नहीं, तेरे और मेरे बारे में है। जब तक हम अपने भीतर की यह सच्चाई मानने से डरते रहेंगे, तब तक मसीह का दिया हुआ नया मन हमें कीमती नहीं लगेगा। पहले घाव को देख, फिर वैद्य को।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 14

एक छोटा नगर था, जिसमें थोड़े ही लोग थे; और उस पर चढ़ाई करके एक बड़े राजा ने उसे घेर लिया।" ताकत का सारा तमाशा एक तरफ, और भीतर कुछ डरे हुए लोग दूसरी तरफ। पर बचाव किलों से नहीं, एक गरीब बुद्धिमान आदमी से आया, जिसका नाम किसी को याद न रहा। तेरे जीवन का वह मोर्चा, जहाँ कोई तालियाँ नहीं बजातीं, वहीं परमेश्वर तुझे खड़ा कर सकता है।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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