3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

याकूब 5

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

एक किसान था। उसने अपने खेत में बीज बोए। छोटे छोटे बीज, मिट्टी में दबे हुए। सूरज मिट्टी को गरम करता था। हवा धीरे धीरे बहती थी। फिर किसान रुक गया। वह हर दिन आसमान की ओर देखता था। बारिश कब आएगी? वह जानता था, कि इंतज़ार करना पड़ेगा। बीज को बढ़ने में समय लगता है। किसान ने धीरे धीरे इंतज़ार किया। वह उदास नहीं हुआ। वह जानता था, फल एक दिन ज़रूर आएगा।

दूर एक घर में, एक आदमी बीमार पड़ गया था। वह बिस्तर पर लेटा था। उसका सिर तप रहा था। वह बहुत दुखी था। तब उसके दोस्त उसके पास आए। बड़े प्यार से आए। उन्होंने उसके सिर पर तेल लगाया। तेल की खुशबू कमरे में फैल गई। और उन्होंने प्रार्थना की। वे बोले, "प्रभु, इसे उठा दीजिए।" वे विश्वास से प्रार्थना कर रहे थे। और प्रभु ने उनकी सुनी।

इसका मतलब क्या है?

जब हम दुखी होते हैं, तो हम प्रार्थना कर सकते हैं। जब हम खुश होते हैं, तो हम गीत गा सकते हैं। और जब हम किसी से कुछ गलत कर बैठते हैं, तो हम सॉरी बोल सकते हैं। जब हम माफ़ी मांगते हैं, दिल हल्का हो जाता है। एलिय्याह नाम का एक आदमी था। उसने प्रार्थना की, "बारिश मत बरसे।" और बहुत लंबे समय तक, एक भी बूँद बारिश नहीं गिरी। खेत सूखे रह गए। फिर एलिय्याह ने फिर प्रार्थना की। और आकाश से बारिश बरसने लगी। ज़ोर से बरसी। सूखी मिट्टी फिर से हरी हो गई। परमेश्वर ने उसकी प्रार्थना सुनी थी।

मुख्य सूत्र

प्रभु यीशु एक दिन फिर आने वाले हैं। जैसे किसान बारिश का इंतज़ार करता है, वैसे ही हम प्रभु यीशु का इंतज़ार करते हैं। हम जानते हैं, वे ज़रूर आएँगे। और अगर कोई हमसे दूर चला जाए, तो हम प्यार से उसे वापस बुला सकते हैं। परमेश्वर को यह बहुत अच्छा लगता है, जब हम एक दूसरे की मदद करते हैं और एक दूसरे के लिए प्रार्थना करते हैं।

तुम्हारे लिए

जब तुम्हारा पेट दुखता है, तुम क्या कर सकते हो? तुम प्रभु से बात कर सकते हो। तुम कह सकते हो, "प्रभु, मुझे ठीक कर दीजिए।" जब तुम खुश हो, तुम एक गीत गा सकते हो। और जब तुम्हारा दोस्त दुखी हो, तुम उसके लिए भी प्रार्थना कर सकते हो, जैसे किसान इंतज़ार करता है, धीरे धीरे और भरोसे के साथ।

बात करें

जब तुम्हें दर्द होता है, तुम किससे बात करते हो?

किसान बारिश का इंतज़ार धीरज से करता है। तुम किस चीज़ का इंतज़ार करते हो?

आओ प्रार्थना करें

प्रभु यीशु, धन्यवाद कि आप मेरी सुनते हैं। जब मैं दुखी होऊं, मुझे याद दिलाइए कि आपसे बात करूं। जब मेरा दोस्त दुखी हो, मुझे उसके लिए प्रार्थना करना सिखाइए। मुझे धीरज रखना सिखाइए, जैसे किसान इंतज़ार करता है। आमेन।

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याकूब 5 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

याकूब 5 किस विषय में है?
एक किसान था। उसने अपने खेत में बीज बोए। छोटे छोटे बीज, मिट्टी में दबे हुए। सूरज मिट्टी को गरम करता था। हवा धीरे धीरे बहती थी। फिर किसान रुक गया। वह हर दिन आसमान की ओर देखता था। बारिश कब आएगी? वह जानता था, कि इंतज़ार करना पड़ेगा। बीज को बढ़ने में समय लगता है। किसान ने धीरे धीरे इंतज़ार किया। वह उदास नहीं हुआ। वह जानता था, फल एक दिन ज़रूर आएगा।
याकूब 5 क्या कहता है?
दूर एक घर में, एक आदमी बीमार पड़ गया था। वह बिस्तर पर लेटा था। उसका सिर तप रहा था। वह बहुत दुखी था। तब उसके दोस्त उसके पास आए। बड़े प्यार से आए। उन्होंने उसके सिर पर तेल लगाया। तेल की खुशबू कमरे में फैल गई। और उन्होंने प्रार्थना की। वे बोले, "प्रभु, इसे उठा दीजिए।" वे विश्वास से प्रार्थना कर रहे थे। और प्रभु ने उनकी सुनी।
याकूब 5 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
जब हम दुखी होते हैं, तो हम प्रार्थना कर सकते हैं। जब हम खुश होते हैं, तो हम गीत गा सकते हैं। और जब हम किसी से कुछ गलत कर बैठते हैं, तो हम सॉरी बोल सकते हैं। जब हम माफ़ी मांगते हैं, दिल हल्का हो जाता है। एलिय्याह नाम का एक आदमी था। उसने प्रार्थना की, "बारिश मत बरसे।" और बहुत लंबे समय तक, एक भी बूँद बारिश नहीं गिरी। खेत सूखे रह गए। फिर एलिय्याह ने फिर प्रार्थना की। और आकाश से बारिश बरसने लगी। ज़ोर से बरसी। सूखी मिट्टी फिर से हरी हो गई। परमेश्वर ने उसकी प्रार्थना सुनी थी।
नन्हे बच्चे याकूब 5 से क्या सीख सकते हैं?
प्रभु यीशु एक दिन फिर आने वाले हैं। जैसे किसान बारिश का इंतज़ार करता है, वैसे ही हम प्रभु यीशु का इंतज़ार करते हैं। हम जानते हैं, वे ज़रूर आएँगे। और अगर कोई हमसे दूर चला जाए, तो हम प्यार से उसे वापस बुला सकते हैं। परमेश्वर को यह बहुत अच्छा लगता है, जब हम एक दूसरे की मदद करते हैं और एक दूसरे के लिए प्रार्थना करते हैं।
याकूब 5 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
जब तुम्हारा पेट दुखता है, तुम क्या कर सकते हो? तुम प्रभु से बात कर सकते हो। तुम कह सकते हो, "प्रभु, मुझे ठीक कर दीजिए।" जब तुम खुश हो, तुम एक गीत गा सकते हो। और जब तुम्हारा दोस्त दुखी हो, तुम उसके लिए भी प्रार्थना कर सकते हो, जैसे किसान इंतज़ार करता है, धीरे धीरे और भरोसे के साथ।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 1

हे धनवानों, सुन लो; तुम अपने आनेवाले क्लेशों पर चिल्ला चिल्लाकर रोओ।"

ध्यान दे, याकूब उन्हें रोने को कहता है, उस दुःख के लिए जो अभी आया ही नहीं। जो कुछ उन्होंने जोड़कर रखा था, वह उन्हें एक दिन भी नहीं बचा पाएगा।

तेरी सुरक्षा किसमें टिकी है? जो चीज़ कल काम नहीं आएगी, उस पर आज अपना दिल लगाना सबसे महँगा सौदा है।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 15

विश्वास की प्रार्थना के द्वारा रोगी बच जाएगा और प्रभु उसको उठाकर खड़ा करेगा।" ध्यान दो, बीमार आदमी खुद प्रार्थना नहीं कर पा रहा, वह सिर्फ बुलाता है और दूसरे उसके लिए प्रार्थना करते हैं। कभी कभी तुम्हारे पास विश्वास करने की ताकत नहीं बचती। तब किसी को बुला लेना शर्म नहीं, यही आज्ञाकारिता है। तुम अकेले उठने के लिए नहीं बने हो।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 18

फिर उसने प्रार्थना की, तो आकाश से वर्षा हुई, और भूमि फली।" ध्यान दे, एलिय्याह कोई स्वर्गदूत नहीं था, वह हमारे जैसा ही दुःख-सुख भोगने वाला इंसान था। बारिश आसमान से आई, पर शुरुआत घुटनों पर हुई। तेरे जीवन की जो ज़मीन सालों से सूखी पड़ी है, वह भी फिर से फल दे सकती है। क्या तू प्रार्थना करना छोड़ तो नहीं बैठा?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 7

देखो, किसान पृथ्वी के बहुमूल्य फल की आशा रखता हुआ, प्रथम और अन्तिम वर्षा होने तक धीरज धरता है।"

किसान बीज बो तो सकता है, पर बारिश नहीं करा सकता। उसका धीरज इसी बात में है कि वह आकाश की ओर देखता रहता है। तेरे हाथ में भी सब कुछ नहीं है। जो तू नहीं कर सकता, उसे परमेश्वर के हाथ में छोड़ना ही धीरज है, हार नहीं।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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