3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

अय्यूब 36

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

एक आदमी था। उसका नाम था एलीहू।

एलीहू ने कहा, “सुनो, मैं तुम्हें परमेश्वर के बारे में बताता हूँ।”

आसमान में बादल थे। बड़े-बड़े, गहरे बादल।

एलीहू ने ऊपर देखा। बादलों की ओर देखा।

उसने कहा, “देखो, परमेश्वर पानी की बूँदें ऊपर खींच लेते हैं।”

छोटी-छोटी बूँदें। हवा में उड़ती हुई बूँदें।

फिर बादल भर जाते हैं। भारी हो जाते हैं।

और फिर वे बूँदें नीचे गिरती हैं। टप, टप, टप।

धरती पर बारिश होती है। ठंडी, गीली बारिश।

खेतों पर, पेड़ों पर, घरों की छतों पर।

इसका मतलब क्या है?

एलीहू ने सुना। कड़ाक की आवाज़ आई।

बहुत तेज़ आवाज़। कान बंद करने वाली आवाज़।

वह बिजली थी। चमकती हुई, तेज़ रोशनी।

एलीहू डरा नहीं। उसने कहा, “यह परमेश्वर की आवाज़ है।”

परमेश्वर बिजली को अपने हाथ में पकड़ते हैं। वे उसे कहते हैं, “वहाँ जाओ।”

और बिजली वहीं जाती है, जहाँ परमेश्वर कहते हैं।

बादल गरजते हैं। जानवर भी सुनते हैं।

गाय अपने कान हिलाती है। पक्षी छुप जाता है।

सब जानते हैं, तूफ़ान आ रहा है।

परमेश्वर बहुत बड़े हैं। इतने बड़े कि कोई उन्हें समझ नहीं पाता।

पर वे भूखे लोगों को भी देखते हैं। दुखी लोगों को भी सुनते हैं।

वे उनके कान खोलते हैं, ताकि वे सीखें। वे उनको दुःख से निकालते हैं।

और मेज़ पर अच्छा खाना रखते हैं।

समान सूत्र

परमेश्वर बारिश भेजते हैं, सबके लिए। धूप भी भेजते हैं, सबके लिए।

वे किसी को छोटा नहीं समझते। न राजा को, न गरीब को।

बहुत बाद में, यीशु आए। यीशु ने भी लोगों को देखा।

यीशु ने भूखे लोगों को खाना दिया। दुखी लोगों को गले लगाया।

जैसे परमेश्वर बादलों को आज्ञा देते हैं, वैसे ही यीशु ने समुद्र को शांत होने को कहा।

और समुद्र शांत हो गया। क्योंकि यीशु में भी वही सामर्थ्य है।

तुम्हारे लिए

क्या तुमने कभी बिजली की तेज़ आवाज़ सुनी है?

शायद तुम थोड़े डरे हो। यह ठीक है।

पर याद रखो, परमेश्वर बिजली को अपने हाथ में पकड़ते हैं।

वे तूफ़ान को भी जानते हैं। वे बारिश को भी भेजते हैं।

जब बादल गरजें, तो तुम कह सकते हो, “यह मेरे परमेश्वर की आवाज़ है।”

तुम्हें कब बिजली की आवाज़ सबसे तेज़ लगी थी?

क्या तुम्हें लगता है परमेश्वर बारिश की बूँदों को गिनते हैं?

आराधना

प्रिय परमेश्वर,

आप बादल भेजते हैं। आप बारिश भेजते हैं।

आप बिजली को भी थामते हैं।

जब तेज़ आवाज़ आए, तो मुझे याद दिलाइए।

आप मेरे पास हैं। आप मुझे प्यार करते हैं।

धन्यवाद, परमेश्वर।

आमीन।

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अय्यूब 36 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

अय्यूब 36 किस विषय में है?
एलीहू ने कहा, “सुनो, मैं तुम्हें परमेश्वर के बारे में बताता हूँ।”
अय्यूब 36 क्या कहता है?
पर वे भूखे लोगों को भी देखते हैं। दुखी लोगों को भी सुनते हैं।
अय्यूब 36 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
परमेश्वर बारिश भेजते हैं, सबके लिए। धूप भी भेजते हैं, सबके लिए।
नन्हे बच्चे अय्यूब 36 से क्या सीख सकते हैं?
जैसे परमेश्वर बादलों को आज्ञा देते हैं, वैसे ही यीशु ने समुद्र को शांत होने को कहा।
अय्यूब 36 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
जब बादल गरजें, तो तुम कह सकते हो, “यह मेरे परमेश्वर की आवाज़ है।”

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 32

एलीहू तूफ़ान की ओर इशारा करके कहता है, "वह बिजली को अपनी मुट्ठी में भर लेता है, और उसे आज्ञा देता है कि वह निशाने पर गिरे।" बिजली हमें बेतरतीब लगती है, पर उसका भी एक निशाना है। तेरे जीवन में जो गिरा, वह परमेश्वर के हाथ से छूटा नहीं था। क्या तू उस हाथ पर भरोसा कर सकता है जो निशाना चूकता नहीं?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 14

एलीहू ने इससे पहले कहा था कि भक्तिहीन लोग बँधे होने पर भी दोहाई नहीं देते। और फिर यह: "वे जवानी में ही मर जाते हैं।" असली त्रासदी जंजीर नहीं, वह चुप्पी है जो जंजीर में भी पुकारना नहीं चाहती। आज तेरे जीवन में कौन सा दर्द है जिसे तू परमेश्वर से छिपाकर अकेले सह रहा है? पुकार ले। चुप रहना ही सबसे बड़ा खतरा है।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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