यूहन्ना 4
नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
व्याख्या
दोपहर का समय था। सूरज बहुत तेज़ था। यीशु चलते चलते थक गए थे। वे एक कुएँ के पास बैठ गए। कुएँ का नाम था याकूब का कुआँ।
तभी एक स्त्री पानी भरने आई। उसके पास एक बड़ा घड़ा था। यीशु ने उससे कहा, "मुझे पानी पिला।" स्त्री चौंक गई। वह बोली, "तू यहूदी है, मैं सामरी हूँ। तू मुझसे पानी क्यों माँगता है?"
यीशु मुस्कुराए। उन्होंने कहा, "मैं तुझे ऐसा जल दे सकता हूँ, जो पीने से फिर कभी प्यास नहीं लगेगी।" स्त्री को अचरज हुआ। उसने कहा, "वह जल मुझे दे दो!"
इसका मतलब क्या है?
फिर यीशु ने उससे उसके बारे में सब कुछ बता दिया। उसकी बातें, उसका जीवन, सब कुछ। स्त्री डर गई नहीं। वह चकित हो गई। उसने कहा, "आप तो भविष्यद्वक्ता हैं!"
यीशु ने उससे कहा, "परमेश्वर की आराधना सच्चे मन से होनी चाहिए।" स्त्री ने कहा, "मैं जानती हूँ मसीह आने वाला है।" यीशु ने धीरे से कहा, "मैं जो तुझसे बोल रहा हूँ, वही हूँ।"
स्त्री का घड़ा वहीं छूट गया। वह भागी। वह नगर में गई और सबको बताया, "आओ, एक मनुष्य को देखो!" बहुत से लोग यीशु के पास आए। वे भी यीशु पर विश्वास करने लगे।
सामरी धागा (मुख्य सूत्र)
यीशु सिर्फ एक स्त्री के लिए नहीं थके थे। वे सबके लिए आए थे, यहूदी और सामरी दोनों के लिए। यीशु कहते हैं, वे जीवन का जल देते हैं। यह जल पीने से प्यास कभी नहीं लगती। यही यीशु मसीह हैं, जो हर एक के पास आते हैं और बोलते हैं।
बाद में एक और आदमी आया। उसका बेटा बहुत बीमार था। वह यीशु के पास दौड़ा आया। यीशु ने कहा, "जा, तेरा पुत्र जीवित है।" वह आदमी विश्वास करके चला गया। और उसका बेटा ठीक हो गया, ठीक उसी घड़ी!
तुम्हारे लिए
यीशु उस स्त्री के पास आए, जब वह अकेली थी। यीशु उस बीमार बच्चे के पिता के पास भी आए, जब वह डरा हुआ था। यीशु तुम्हारे पास भी आते हैं। जब तुम प्यासे हो, जब तुम डरे हुए हो, यीशु तुमसे बात करना चाहते हैं। तुम उनसे बात कर सकते हो, जैसे वह स्त्री कुएँ पर करती थी।
बातचीत के लिए:
उस स्त्री को कुएँ पर सबसे पहले किसने पानी माँगा था?
यीशु ने बीमार बच्चे के पिता से क्या कहा, जिससे उसका बेटा ठीक हो गया?
संगति में प्रार्थना
प्रिय यीशु, आप मेरे पास भी आते हैं। आप मुझसे बात करना चाहते हैं। मुझे भी आपका जल दे दीजिए, जिससे मेरी प्यास कभी न बुझे। आमीन।
यूहन्ना 4 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
यूहन्ना 4 किस विषय में है?
यूहन्ना 4 क्या कहता है?
यूहन्ना 4 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
नन्हे बच्चे यूहन्ना 4 से क्या सीख सकते हैं?
यूहन्ना 4 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
यीशु मार्ग चलने से थक गया था, और इसलिए उस कुएँ पर बैठ गया।" जो थकों को बल देता है, वही धूल भरे रास्ते पर थककर बैठ गया। और ठीक उसी थकान की घड़ी में एक स्त्री का जीवन बदल गया। तेरी कमजोरी परमेश्वर के काम में रुकावट नहीं है। कई बार वही जगह होती है जहाँ वह किसी से मिलने बैठता है।
स्त्री कहती है, "हमारे पूर्वजों ने इसी पहाड़ पर आराधना की, और तुम कहते हो कि वह स्थान जहाँ आराधना करना चाहिए यरूशलेम में है।" अभी-अभी यीशु ने उसके पतियों की बात छेड़ी थी, और वह तुरंत धर्म की बहस पर मुड़ गई। हम भी यही करते हैं। जब बात दिल के करीब आती है, हम सिद्धांत की ओट में छिप जाते हैं। पर यीशु उसे छोड़ते नहीं। वह बहस से होते हुए भी उसके भीतर तक पहुँच जाते हैं।
सामरिया के अजनबियों ने दो ही दिन में कह दिया, "यह सचमुच जगत का उद्धारकर्ता है", और उसी समय यीशु जानते थे, "भविष्यद्वक्ता का अपने देश में आदर नहीं होता।" जो सबसे पास रहते हैं, वही अकसर सबसे देर से पहचानते हैं। तेरे घर में, तेरी कलीसिया में कोई ऐसा तो नहीं, जिसे तू बचपन से जानने के कारण हल्का समझ बैठा है?
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