3 से 5 वर्ष के बच्चे के लिए

यूहन्ना 7

छोटे बच्चे और प्री स्कूल (3 से 5 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

एक बड़ा पर्व था। यरूशलेम शहर में बहुत लोग आए थे। सब ने तम्बू बनाए थे, छोटे-छोटे झोपड़े, पत्तों से बने हुए। चारों तरफ शोर था, हँसी थी, खाने की खुशबू थी।

यीशु के भाइयों ने कहा, "चलो, पर्व में चलें। सब को दिखाओ कि आप कौन हैं।" पर यीशु ने कहा, "मेरा समय अभी नहीं आया।" वे गलील में ही रुक गए।

फिर जब उनके भाई चले गए, यीशु भी वहाँ गए। पर वे चुपचाप गए। किसी को पता नहीं चला। लोग उन्हें ढूँढ़ रहे थे। "वे कहाँ हैं? वे कहाँ हैं?" लोग फुसफुसाते थे। कुछ कहते थे, "वे भले हैं।" कुछ कहते थे, "नहीं, वे लोगों को भरमाते हैं।"

फिर एक दिन यीशु मन्दिर में गए। वहाँ उन्होंने सिखाना शुरू किया। उनकी आवाज़ साफ थी, और उनकी बातें गहरी थीं। लोग चकित रह गए। "इसने कभी पढ़ाई नहीं की, फिर इसे इतना ज्ञान कहाँ से मिला?" यीशु ने कहा, "मेरी शिक्षा मेरी नहीं, परमेश्वर की है, जिसने मुझे भेजा है।"

कुछ लोग कहते थे, "यही वह है!" कुछ कहते थे, "नहीं, यह नहीं हो सकता।" लोगों में झगड़ा हो गया। कुछ उन्हें पकड़ना चाहते थे, पर किसी ने हाथ नहीं डाला।

What Does This Mean?

पर्व का आखिरी दिन आया। सबसे बड़ा दिन। धूप तेज थी। लोग प्यासे थे, पसीने से तर। तभी यीशु खड़े हो गए। उन्होंने ज़ोर से पुकारा, इतनी ज़ोर से कि सब सुन सकें: "यदि कोई प्यासा हो तो मेरे पास आए और पीए।" सब लोग अचानक चुप हो गए। हर किसी ने सुना।

सोचो, कितनी अच्छी बात। जब तुम दौड़ते हो, खेलते हो, और गला सूख जाता है, तब पानी कितना अच्छा लगता है, ठंडा पानी, मीठा पानी। यीशु ने कहा, जो मुझ पर भरोसा करेगा, उसके भीतर से जीवन के पानी की नदियाँ बहेंगी। जैसे झरना, जो कभी नहीं सूखता।

The Common Thread

यीशु को परमेश्वर ने भेजा था। उन्होंने खुद कहा, "मैं उसकी ओर से हूँ, उसी ने मुझे भेजा।" कुछ लोग सैनिकों को भेजकर उन्हें पकड़ना चाहते थे। पर सैनिक वापस आए और बोले, "किसी मनुष्य ने कभी ऐसी बातें नहीं कीं।" एक आदमी, नीकुदेमुस, बोला, "क्या हम किसी को बिना सुने दोषी ठहरा सकते हैं?" पर किसी ने उसकी बात नहीं मानी। कोई उन्हें पकड़ नहीं सका, क्योंकि अभी उनका समय नहीं आया था। परमेश्वर की योजना ठीक समय पर चलती थी।

For You

तुम भी कभी प्यासे होते हो न, बाहर से। पर कभी-कभी भीतर से भी, जब तुम उदास होते हो, या डरते हो। यीशु कहते हैं, "मेरे पास आओ।" तुम उनसे बात कर सकते हो, अभी, इसी पल। वे सुनते हैं।

Talk About It

जब तुम बहुत प्यासे होते हो, तो पानी पीना कैसा लगता है?

यीशु ने क्या कहा, कौन उनके पास आ सकता है?

Praying Together

प्रभु यीशु, आप भले हैं। जब मैं प्यासा होता हूँ, मुझे याद दिलाइए कि मैं आपके पास आ सकता हूँ। धन्यवाद कि आप मुझे सुनते हैं। आमीन।

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यूहन्ना 7 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

यूहन्ना 7 किस विषय में है?
एक बड़ा पर्व था। यरूशलेम शहर में बहुत लोग आए थे। सब ने तम्बू बनाए थे, छोटे-छोटे झोपड़े, पत्तों से बने हुए। चारों तरफ शोर था, हँसी थी, खाने की खुशबू थी।
यूहन्ना 7 क्या कहता है?
फिर जब उनके भाई चले गए, यीशु भी वहाँ गए। पर वे चुपचाप गए। किसी को पता नहीं चला। लोग उन्हें ढूँढ़ रहे थे। "वे कहाँ हैं? वे कहाँ हैं?" लोग फुसफुसाते थे। कुछ कहते थे, "वे भले हैं।" कुछ कहते थे, "नहीं, वे लोगों को भरमाते हैं।"
यूहन्ना 7 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
कुछ लोग कहते थे, "यही वह है!" कुछ कहते थे, "नहीं, यह नहीं हो सकता।" लोगों में झगड़ा हो गया। कुछ उन्हें पकड़ना चाहते थे, पर किसी ने हाथ नहीं डाला।
नन्हे बच्चे यूहन्ना 7 से क्या सीख सकते हैं?
सोचो, कितनी अच्छी बात। जब तुम दौड़ते हो, खेलते हो, और गला सूख जाता है, तब पानी कितना अच्छा लगता है, ठंडा पानी, मीठा पानी। यीशु ने कहा, जो मुझ पर भरोसा करेगा, उसके भीतर से जीवन के पानी की नदियाँ बहेंगी। जैसे झरना, जो कभी नहीं सूखता।
यूहन्ना 7 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
तुम भी कभी प्यासे होते हो न, बाहर से। पर कभी-कभी भीतर से भी, जब तुम उदास होते हो, या डरते हो। यीशु कहते हैं, "मेरे पास आओ।" तुम उनसे बात कर सकते हो, अभी, इसी पल। वे सुनते हैं।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 5

क्योंकि उसके भाई भी उस पर विश्वास नहीं करते थे।" जिन्होंने उसे बचपन से देखा, उसी घर में पले, वही उसे नहीं पहचान पाए। सोचो, यीशु भी अपने ही लोगों के बीच अकेला रहा। अगर तुम्हारा परिवार आज तुम्हारे विश्वास पर हँसता है, तो तुम अजीब नहीं हो। तुम उसी रास्ते पर हो जिस पर वह पहले चल चुका है। और याद रखो, बाद में यही याकूब कलीसिया का खम्भा बना।

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