3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

यहोशू 18

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

एक बड़ा तम्बू था। बहुत सुंदर तम्बू।

उसका नाम था मिलापवाला तम्बू। यहाँ परमेश्वर अपने लोगों से मिलते थे।

इस्राएली लोग शीलो नाम की जगह पर आए। सब लोग, एक साथ। और वहाँ उन्होंने वह तम्बू खड़ा किया।

देश अब उनका था। परमेश्वर ने उन्हें दिया था।

पर कुछ कमी थी। सात परिवार अभी भी अपनी जगह की राह देख रहे थे। उनके पास अपना कोई घर नहीं था। कोई खेत नहीं था।

यहोशू ने लोगों को देखा। और उसने पूछा, "तुम कब तक रुके रहोगे?"

देश तो तैयार था। मिलने की बारी थी।

यहोशू ने कहा, हर परिवार से तीन आदमी चुनो। वे जाएँगे। पूरे देश में घूमेंगे। और लिख लेंगे, कहाँ क्या है।

वे आदमी चल दिए। वे पहाड़ों पर चढ़े। वे नदियों के पास गए। वे नगरों को गिनते गए। दिन बीते।

फिर वे लौट आए। उनके हाथ में एक किताब थी। उसमें देश के सात भाग लिखे थे।

यहोशू शीलो में खड़ा हुआ। परमेश्वर के सामने। और उसने चिट्ठी डाली, एक-एक भाग के लिए।

बिन्यामीन के परिवार की चिट्ठी निकली। उनका भाग यहूदा और यूसुफ के बीच में था।

उसमें पहाड़ थे। नदियाँ थीं। और नगर भी थे, जैसे यरीहो, गिबोन, और यबूस, जो यरूशलेम भी कहलाता है।

चौदह नगर, फिर बारह नगर। छोटे गाँव भी उनके साथ मिले।

बिन्यामीन के लोग खुश हुए। अब उनका अपना घर था।

इसका मतलब क्या है?

परमेश्वर ने हर परिवार को उसकी जगह दी। किसी को भूला नहीं। एक-एक परिवार को अपना भाग मिला।

यहोशू ने चिट्ठी डाली, पर परमेश्वर ने चुना। हर नगर, हर पहाड़, हर नदी परमेश्वर की योजना में था।

सीधी रेखा

परमेश्वर हर एक को याद रखते हैं। बिन्यामीन के छोटे परिवार को भी।

बहुत बाद में, यीशु मसीह भी इस देश में चले। इसी धरती पर, इन्हीं पहाड़ों के पास।

परमेश्वर अपने लोगों को कभी भूलते नहीं। तब भी नहीं, अब भी नहीं।

तेरे लिए

तेरा भी एक घर है। तेरा एक कमरा है, तेरा एक बिस्तर है।

परमेश्वर ने वह तुझे दिया। वे तुझे भी याद रखते हैं।

बातचीत के लिए:

बिन्यामीन के लोगों को अपना भाग मिलने पर कैसा लगा होगा?

परमेश्वर तुझे भी क्या-क्या देते हैं?

साथ में प्रार्थना

प्रभु, धन्यवाद कि आप मुझे याद रखते हैं।

आपने मुझे घर दिया है, परिवार दिया है।

मुझे कभी मत भूलिए। आमीन।

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यहोशू 18 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

यहोशू 18 किस विषय में है?
उसका नाम था मिलापवाला तम्बू। यहाँ परमेश्वर अपने लोगों से मिलते थे।
यहोशू 18 क्या कहता है?
यहोशू ने लोगों को देखा। और उसने पूछा, "तुम कब तक रुके रहोगे?"
यहोशू 18 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
फिर वे लौट आए। उनके हाथ में एक किताब थी। उसमें देश के सात भाग लिखे थे।
नन्हे बच्चे यहोशू 18 से क्या सीख सकते हैं?
उसमें पहाड़ थे। नदियाँ थीं। और नगर भी थे, जैसे यरीहो, गिबोन, और यबूस, जो यरूशलेम भी कहलाता है।
यहोशू 18 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
परमेश्वर हर एक को याद रखते हैं। बिन्यामीन के छोटे परिवार को भी।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 12

बिन्यामीन के हिस्से की सीमा यरीहो के पास से होकर जाती है, उसी यरीहो के पास जहाँ कभी दीवारें गिरी थीं। जो कल युद्ध का मैदान था, वह आज घर की बाड़ बन गया। और सीमा का अंत? "बेतावेन के जंगल में निकली।" तेरे हिस्से में भी शायद कुछ जंगल हो। पर वह भी परमेश्वर का नापा हुआ है, भूल से मिला नहीं।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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