3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

लूका 5

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

सुबह का समय था। झील का पानी नीला और शांत था। शमौन नाम का एक मछुआरा अपनी नाव धो रहा था। वह बहुत थक गया था। रातभर मछली पकड़ी, पर एक भी नहीं मिली।

तभी वहाँ यीशु आए। बहुत सारे लोग उनके पीछे थे। वे सब उनकी बात सुनना चाहते थे। यीशु शमौन की नाव पर चढ़े। वे नाव में बैठकर लोगों को सिखाने लगे।

बात खत्म करने के बाद यीशु ने शमौन से कहा, "गहरे पानी में जाओ। जाल डालो।" शमौन ने कहा, "हमने रातभर कोशिश की, कुछ नहीं मिला। पर आपके कहने से डालूँगा।"

और जब जाल डाला, तो देखो क्या हुआ! बहुत सारी मछलियाँ आ गईं। इतनी सारी कि जाल फटने लगा। शमौन ने दूसरी नाव वालों को बुलाया। दोनों नावें मछलियों से भर गईं। वे डूबने लगीं।

इसका क्या अर्थ है?

शमौन यह देखकर डर गया। वह यीशु के पाँवों पर गिर पड़ा। उसने कहा, "प्रभु, मेरे पास से चले जाइए। मैं पापी हूँ।" पर यीशु ने उससे कहा, "डरो मत।" यीशु डाँटने नहीं आए थे। वे प्यार से बोले। यह सुनकर शमौन का डर चला गया।

साझा सूत्र

यीशु सिर्फ मछलियाँ नहीं पकड़वाना चाहते थे। उन्होंने शमौन से कहा, "अब से तुम लोगों को पकड़ोगे।" शमौन, याकूब और यूहन्ना सब कुछ छोड़कर यीशु के पीछे चल दिए।

फिर एक दिन एक बीमार आदमी आया। उसके शरीर पर कोढ़ था। कोई उसे छूता नहीं था। पर यीशु ने हाथ बढ़ाया और उसे छुआ। तुरंत वह आदमी ठीक हो गया।

एक और दिन, कुछ लोग एक बीमार आदमी को खाट पर लाए। वह चल नहीं सकता था। भीड़ बहुत थी, वे भीतर नहीं जा सके। तो उन्होंने छत खोली और खाट नीचे उतारी, सीधे यीशु के सामने। यीशु ने कहा, "तेरे पाप माफ हुए। उठ और चल।" वह आदमी उठ गया और चलने लगा!

यीशु बीमारों को ठीक करते हैं। यीशु पापों को माफ करते हैं। यीशु प्यार से बुलाते हैं। यह सब यीशु ही कर सकते हैं, क्योंकि वे परमेश्वर के पुत्र हैं।

यीशु ने लेवी नाम के एक आदमी को भी बुलाया, जो चुंगी लेता था। लोग उसे पसंद नहीं करते थे। पर यीशु ने कहा, "मेरे पीछे चलो।" और लेवी चल दिया।

यीशु ने कहा, "मैं बीमारों के लिए आया हूँ, पापियों को बुलाने आया हूँ।"

तुम्हारे लिए

क्या तुम्हें पता है, यीशु तुम्हें भी बुलाते हैं? वे कहते हैं, "मेरे पीछे चलो।" जैसे शमौन ने अपनी नाव छोड़ी, वैसे ही तुम भी यीशु के पास आ सकते हो। यीशु डाँटते नहीं, वे प्यार से बुलाते हैं।

बात करें

अगर तुम शमौन की नाव में होते और इतनी सारी मछलियाँ देखते, तो तुम्हें कैसा लगता?

यीशु ने बीमार आदमी को छुआ और ठीक कर दिया। तुम्हें क्या लगता है, यीशु और क्या कर सकते हैं?

साथ में प्रार्थना

प्रिय प्रभु यीशु, आप शमौन को बुलाया। आप बीमारों को ठीक किया। आप मुझे भी प्यार करते हैं। मुझे अपने पास बुलाइए। आमीन।

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लूका 5 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

लूका 5 किस विषय में है?
सुबह का समय था। झील का पानी नीला और शांत था। शमौन नाम का एक मछुआरा अपनी नाव धो रहा था। वह बहुत थक गया था। रातभर मछली पकड़ी, पर एक भी नहीं मिली।
लूका 5 क्या कहता है?
और जब जाल डाला, तो देखो क्या हुआ! बहुत सारी मछलियाँ आ गईं। इतनी सारी कि जाल फटने लगा। शमौन ने दूसरी नाव वालों को बुलाया। दोनों नावें मछलियों से भर गईं। वे डूबने लगीं।
लूका 5 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
फिर एक दिन एक बीमार आदमी आया। उसके शरीर पर कोढ़ था। कोई उसे छूता नहीं था। पर यीशु ने हाथ बढ़ाया और उसे छुआ। तुरंत वह आदमी ठीक हो गया।
नन्हे बच्चे लूका 5 से क्या सीख सकते हैं?
यीशु ने लेवी नाम के एक आदमी को भी बुलाया, जो चुंगी लेता था। लोग उसे पसंद नहीं करते थे। पर यीशु ने कहा, "मेरे पीछे चलो।" और लेवी चल दिया।
लूका 5 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
अगर तुम शमौन की नाव में होते और इतनी सारी मछलियाँ देखते, तो तुम्हें कैसा लगता?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 25

जो खाट सालों तक उसे उठाए फिरती थी, अब वह उसे उठाकर चल पड़ा। "वह तुरन्त उनके सामने उठा, और जिस पर वह पड़ा था उसे उठाकर, परमेश्वर की बड़ाई करता हुआ अपने घर चला गया।" यीशु ने पहले पाप क्षमा किए, फिर पाँव मजबूत किए। तेरी वह कमज़ोरी जो तुझे दबाए रखती है, क्या तू उसे मसीह के सामने रखेगा? और घर लौटते हुए क्या तेरे होंठों पर उसकी बड़ाई होगी?

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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