3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

मत्ती 9

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

एक छोटी लड़की थी। वह बहुत बीमार थी। फिर वह मर गई।

उसके पापा बहुत रोए। वे दौड़ते हुए यीशु के पास गए। उन्होंने कहा, "आइए, मेरी बिटिया को छू दीजिए।"

यीशु उठे। वे चल दिए। उनके पीछे चेले भी चले।

रास्ते में एक स्त्री थी। वह बहुत साल से बीमार थी। बारह साल से। वह चुपचाप पीछे से आई। उसने यीशु के कपड़े को छुआ। बस इतना ही।

और वह ठीक हो गई।

यीशु मुड़े। उन्होंने उसे देखा। उन्होंने कहा, "पुत्री, डर मत। तेरे विश्वास ने तुझे चंगा किया है।"

फिर यीशु उस छोटी लड़की के घर पहुँचे। वहाँ बहुत शोर था। लोग रो रहे थे। यीशु ने कहा, "लड़की मरी नहीं, सोती है।" लोग हँसे। उन्होंने यीशु की बात पर विश्वास नहीं किया।

पर यीशु अंदर गए। उन्होंने लड़की का हाथ पकड़ा।

और वह उठ गई।

इससे क्या समझ मिलती है?

देखो, यीशु को किसी ने नहीं बताया कि क्या करना है। वे खुद चले आए। वे रुके नहीं। वे डरे नहीं, जब लोग हँसे।

यीशु के पास ताकत थी। मरे हुओं के लिए भी। बीमारों के लिए भी। उस स्त्री ने सिर्फ कपड़ा छुआ, और वह ठीक हो गई। यीशु ऐसे ही हैं। उनके पास बहुत ताकत है।

सीधा जुड़ाव

इस अध्याय में यीशु और भी बहुत कुछ करते हैं। एक लकवे वाले आदमी को वे कहते हैं, "उठ, चल फिर।" और वह उठकर चल पड़ता है। दो अंधे लोग आते हैं। यीशु उनकी आँखें छूते हैं। वे देखने लगते हैं।

यीशु जहाँ भी जाते हैं, वे लोगों को ठीक करते हैं। वे उनसे प्यार से बात करते हैं। एक बार यीशु ने भीड़ को देखा। उनको लोगों पर बहुत तरस आया। वे भेड़ों जैसे थे, जिनका कोई चरवाहा नहीं होता। यीशु उनका चरवाहा बनना चाहते थे।

तेरे लिए

जब तू डरता है, तू यीशु को बुला सकता है। जैसे उस पापा ने बुलाया। जैसे उस स्त्री ने छुआ।

यीशु के पास आने से डरना नहीं चाहिए। वे किसी को दूर नहीं करते। वे हाथ पकड़ते हैं। वे उठाते हैं।

बात करें

तुझे क्या लगता है, यीशु ने उस लड़की का हाथ पकड़कर कैसा महसूस किया होगा?

अगर तू बीमार होता, तो तू यीशु से क्या कहता?

साथ में प्रार्थना

प्रिय यीशु, आप बहुत ताकतवर हैं। आप बीमारों को ठीक करते हैं। मुझे भी आपके पास आना अच्छा लगता है। धन्यवाद कि आप मुझसे प्यार करते हैं। आमीन।

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मत्ती 9 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

मत्ती 9 किस विषय में है?
उसके पापा बहुत रोए। वे दौड़ते हुए यीशु के पास गए। उन्होंने कहा, "आइए, मेरी बिटिया को छू दीजिए।"
मत्ती 9 क्या कहता है?
यीशु मुड़े। उन्होंने उसे देखा। उन्होंने कहा, "पुत्री, डर मत। तेरे विश्वास ने तुझे चंगा किया है।"
मत्ती 9 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
देखो, यीशु को किसी ने नहीं बताया कि क्या करना है। वे खुद चले आए। वे रुके नहीं। वे डरे नहीं, जब लोग हँसे।
नन्हे बच्चे मत्ती 9 से क्या सीख सकते हैं?
इस अध्याय में यीशु और भी बहुत कुछ करते हैं। एक लकवे वाले आदमी को वे कहते हैं, "उठ, चल फिर।" और वह उठकर चल पड़ता है। दो अंधे लोग आते हैं। यीशु उनकी आँखें छूते हैं। वे देखने लगते हैं।
मत्ती 9 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
जब तू डरता है, तू यीशु को बुला सकता है। जैसे उस पापा ने बुलाया। जैसे उस स्त्री ने छुआ।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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