मलाकी 3
नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
व्याख्या
एक बहुत पुरानी दुकान की सोचो। अंदर आग जल रही है। आग गरम है, बहुत गरम। लाल और पीली लपटें ऊपर उठती हैं।
वहाँ एक सुनार बैठा है। उसके हाथ में चाँदी का एक टुकड़ा है। वह टुकड़ा गंदा है, काला-काला।
सुनार उसे आग में रखता है। और वह इंतज़ार करता है। और इंतज़ार करता है। धीरे-धीरे सारी गंदगी निकल जाती है।
और फिर? चाँदी चमकने लगती है! इतनी चमकती है कि सुनार अपना चेहरा उसमें देख सकता है।
बाहर एक धोबी कपड़े धो रहा है। पानी छपछप करता है। साबुन के झाग सफेद और मुलायम हैं। गंदा कपड़ा साफ हो जाता है।
परमेश्वर ने कहा, "देखो, मैं आ रहा हूँ। मैं अपने लोगों को ऐसे ही साफ करूँगा। ऐसे ही चमकाऊँगा।"
इसका क्या अर्थ है?
पर परमेश्वर के लोग भूल गए थे। वे थके हुए थे और उनके मुँह उतरे हुए थे।
वे कहते थे, "परमेश्वर की सेवा करने से क्या फायदा?" वे अपनी भेंट अपने पास रख लेते थे। परमेश्वर के घर में कुछ नहीं आता था।
तब परमेश्वर ने बहुत प्यार से कहा, "तुम मेरी ओर फिरो, तब मैं भी तुम्हारी ओर फिरूँगा।"
और उन्होंने कहा, "अपनी भेंट मेरे घर में ले आओ। और फिर देखो! मैं आकाश की खिड़कियाँ खोल दूँगा। और आशीष की बरसात करूँगा। इतनी बरसात कि जगह ही न बचेगी!"
खेत भर जाएँगे। अंगूर की डालियाँ फल से भरी होंगी।
जुड़ी हुई डोर
कुछ लोग थे जो परमेश्वर से प्यार करते थे। वे मिलकर बैठे। और वे परमेश्वर के बारे में बातें करने लगे। धीरे-धीरे, आपस में।
और जानते हो क्या हुआ? परमेश्वर ने कान लगाकर सुना। हर एक शब्द।
और उन्होंने एक बड़ी किताब में उनके नाम लिख लिए। एक-एक नाम।
परमेश्वर ने कहा, "ये लोग मेरे हैं। ये मेरा खज़ाना हैं। मैं इनसे बहुत कोमलता से पेश आऊँगा। जैसे एक पिता अपने बेटे से।"
और परमेश्वर ने अपनी बात रखी। बहुत सालों बाद उन्होंने अपना दूत भेजा। वह दूत रास्ता तैयार करने आया।
और फिर प्रभु यीशु आए। वही हमें साफ करते हैं, अंदर से बिलकुल साफ। चमकती चाँदी जैसा।
तुम्हारे लिए
तुम भी परमेश्वर के बारे में बात कर सकते हो। आज ही। पापा से, मम्मी से, दादी से।
और परमेश्वर सुनते हैं। वे झुककर सुनते हैं। तुम्हारा एक-एक शब्द।
तुम्हारा नाम भी उनकी किताब में है। और वे कहते हैं, "यह बच्चा मेरा है। मेरा खज़ाना।"
क्या तुम्हारे पास कुछ है जो तुम परमेश्वर को दे सकते हो? एक सिक्का? एक गाना? एक फूल? परमेश्वर बहुत खुश होते हैं।
बातचीत करो
आग में चाँदी चमकने लगी। परमेश्वर तुम्हें भी चमकाना चाहते हैं। क्या यह अच्छा लगता है?
तुम आज परमेश्वर को क्या देना चाहोगे?
मिलकर प्रार्थना
प्रिय परमेश्वर, आप मुझे सुनते हैं। मेरा नाम आपकी किताब में है। मैं आपका हूँ। मुझे साफ कीजिए, चमकती चाँदी जैसा। धन्यवाद। आमीन।
मलाकी 3 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
मलाकी 3 किस विषय में है?
मलाकी 3 क्या कहता है?
मलाकी 3 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
नन्हे बच्चे मलाकी 3 से क्या सीख सकते हैं?
मलाकी 3 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
जिस समय चारों ओर लोग कह रहे थे कि परमेश्वर की सेवा करना व्यर्थ है, कुछ लोग चुपचाप आपस में बातें कर रहे थे। और लिखा है, "यहोवा ध्यान धरकर उनकी सुनता था।" उनकी फुसफुसाहट स्वर्ग में दर्ज हो गई। तेरी वे प्रार्थनाएँ जो किसी ने नहीं सुनीं, तेरा वह विश्वास जो किसी को दिखा नहीं, परमेश्वर की पुस्तक में लिखा जा चुका है।
परमेश्वर ने टिड्डी को डाँटने और आकाश के झरोखे खोलने का वादा किया, और उसके बाद कहा, "तब सब जातियाँ तुमको धन्य कहेंगी।" गौर कर, आशीष वहाँ रुकती नहीं जहाँ तू है। तेरा भरा हुआ घर, तेरा चंगा मन, तेरी थमी हुई चिंता, ये पड़ोसियों के सामने परमेश्वर की गवाही बन जाते हैं। तो जो तुझे मिला है, वह छिपाने के लिए है या दिखाने के लिए?
तुम्हारी शिकायत नई नहीं है: "अब से हम अहंकारियों को धन्य कहते हैं; क्योंकि दुष्टता के काम करनेवाले तो सफल हो जाते हैं।" ईमानदारी महँगी पड़ती है और बेईमानी चमकती दिखती है। पर ध्यान दो, ठीक अगली आयत में यहोवा का भय माननेवाले आपस में बातें करने लगे, और परमेश्वर ने उनके नाम एक पुस्तक में लिख लिए। तुम्हारी थकी हुई वफादारी उसकी नज़र से छूटी नहीं।
सुनार चाँदी को आग पर रखकर चला नहीं जाता। वह बैठा रहता है, आँख गड़ाए, क्योंकि एक पल की देर चाँदी को बिगाड़ सकती है। मलाकी कहता है, "वह चाँदी का तानेवाला और शुद्ध करनेवाला बनकर बैठेगा।" तेरी आग में भी वह बैठा है, दूर खड़ा तमाशा नहीं देख रहा। जब तक उसे तुझमें अपना चेहरा न दिखे, वह उठेगा नहीं।
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