मलाकी 2
नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
The Explanation
सुनो, मैं तुम्हें एक कहानी सुनाती हूँ। बहुत साल पहले की बात है। परमेश्वर के पास कुछ खास मददगार थे। उनको याजक कहते थे।
याजक क्या करते थे? वे परमेश्वर के घर में काम करते थे। वे लोगों को परमेश्वर की बातें सिखाते थे। वे लोगों को बताते थे, "देखो, परमेश्वर आपसे प्यार करते हैं।"
पर एक दिन कुछ बहुत उदास हुआ। याजक भूल गए। वे परमेश्वर की बातें भूल गए। वे लोगों को गलत बातें सिखाने लगे। वे परमेश्वर का आदर नहीं करते थे।
परमेश्वर दुखी हुए। बहुत दुखी। उन्होंने कहा, "मेरे याजकों, तुम क्या कर रहे हो? तुम्हें मेरा नाम बड़ा करना था। तुम्हें लोगों को सच बताना था।"
फिर परमेश्वर ने और भी देखा। लोग एक-दूसरे को दुख दे रहे थे। पति अपनी पत्नी को छोड़ रहे थे। पत्नियाँ रो रही थीं। उनके आँसू परमेश्वर की वेदी पर गिर रहे थे।
परमेश्वर ने कहा, "मैंने देखा। मैंने उसके आँसू देखे।"
What Does This Mean?
परमेश्वर सब कुछ देखते हैं। वे देखते हैं जब कोई अच्छा करता है। वे देखते हैं जब कोई किसी को दुख देता है।
परमेश्वर बड़े हैं। और परमेश्वर अच्छे हैं। वे चाहते हैं कि हम भी अच्छे बनें। वे चाहते हैं कि हम एक-दूसरे से प्यार करें।
जब कोई रोता है, परमेश्वर सुनते हैं। हर एक आँसू। कोई भी आँसू परमेश्वर से नहीं छिपा।
The Common Thread
परमेश्वर ने एक बहुत खास मददगार भेजा। जानते हो कौन? प्रभु यीशु!
प्रभु यीशु सबसे अच्छे याजक हैं। वे कभी नहीं भूलते। वे हमेशा सच बोलते हैं। वे लोगों से बहुत प्यार करते हैं।
प्रभु यीशु ने रोनेवालों के आँसू पोंछे। वे बच्चों को अपनी गोद में लेते थे। वे कहते थे, "आओ, मेरे पास आओ।"
परमेश्वर ने अपना वादा निभाया। उन्होंने प्रभु यीशु को भेजा।
For You
तुम्हारे पास भी एक जीभ है। छोटी सी जीभ। उससे क्या निकलता है?
क्या तुम माँ से मीठी बात करते हो? क्या तुम अपने भाई या बहन से प्यार से बोलते हो?
अच्छे शब्द बोलना परमेश्वर को खुश करता है। "धन्यवाद।" "मुझे माफ़ करो।" "मैं तुमसे प्यार करता हूँ।"
और अगर कोई रो रहा है, तो जाओ। उसके पास बैठो। परमेश्वर की तरह उसे प्यार दो।
Talk About It
आज तुमने किसे प्यार भरी बात कही?
क्या तुम्हें पता है कि परमेश्वर तुम्हारे आँसू भी देखते हैं?
Praying Together
प्रिय परमेश्वर,
आप बहुत अच्छे हैं। आप मेरी बातें सुनते हैं। आप मेरे आँसू देखते हैं।
मुझे मीठी बातें बोलना सिखाइए। मुझे दूसरों से प्यार करना सिखाइए।
प्रभु यीशु के नाम में, आमीन।
मलाकी 2 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
मलाकी 2 किस विषय में है?
मलाकी 2 क्या कहता है?
मलाकी 2 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
नन्हे बच्चे मलाकी 2 से क्या सीख सकते हैं?
मलाकी 2 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
मलाकी की यह बात सिर्फ तलाक के कागज़ के बारे में नहीं है। परमेश्वर कहता है कि वह उससे भी घृणा करता है "जो अपने वस्त्र को उपद्रव से ढाँपता है।" यानी बाहर से भला दिखना, और भीतर घर में किसी का दिल तोड़ते रहना। जिसके साथ तू जवानी में बँधा था, वह आज तेरे व्यवहार में सुरक्षित महसूस करती है या नहीं? इसीलिए लिखा है, "अपनी आत्मा के विषय में चौकस रहो।
इसलिए तुम अपनी आत्मा के विषय में चौकस रहो, और अपनी जवानी की पत्नी से विश्वासघात न करो।" मलाकी के दिनों में लोग बलिदान तो चढ़ाते रहे, पर घर में उस स्त्री को छोड़ रहे थे जिसके साथ उन्होंने संघर्ष के दिन काटे थे। परमेश्वर वेदी से पहले तुम्हारा घर देखता है। जिससे तुमने वादा किया, आज उसके साथ तुम्हारा बर्ताव कैसा है?
याजक तब भी वेदी पर खड़े थे, बलि भी चढ़ रही थी, पर परमेश्वर कहता है, "यदि तुम इसे न सुनोगे, और मन लगाकर मेरे नाम का आदर न करोगे।" समस्या काम की नहीं, मन की थी। और सज़ा देखिए, "मैं तुम्हारे आशीर्वादों पर भी श्राप दूँगा।" आशीष तो मिलती रहेगी, बस उसमें मिठास न रहेगी। कहीं तेरी प्रार्थना भी आदत तो नहीं बन गई?
वेदी पर आँसू बह रहे थे, पर परमेश्वर चुप था। कारण? "यहोवा तेरे और तेरी उस जवानी की स्त्री के बीच साक्षी हुआ था, जिसका तूने विश्वासघात किया है।" जो वादा तूने जवानी में किया, वह भूला नहीं। घर में जिससे तू रूखा बोलता है, वह तेरी "संगिनी" है, और परमेश्वर उस रिश्ते का गवाह है। आराधना से पहले, घर का हिसाब देख।
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