मलाकी 4
प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
The Explanation
मलाकी नबी की यह आखिरी भविष्यवाणी है, और यह पुराने नियम की भी आखिरी किताब है। परमेश्वर एक दिन की बात करते हैं जो धधकते भट्ठे जैसा होगा, यानी बहुत तेज आग वाले तंदूर जैसा। उस दिन घमंडी और दुष्ट लोग सूखी घास के डंठल जैसे जल जाएँगे, उनकी न जड़ बचेगी न शाखा। यह पढ़ने में डरावना लगता है, और सच में है भी। परमेश्वर बुराई को हल्के में नहीं लेते।
पर फिर परमेश्वर एक बिलकुल अलग तस्वीर दिखाते हैं। जो लोग उनके नाम का भय मानते हैं, यानी उन्हें सच्चे दिल से आदर देते हैं, उनके लिए धार्मिकता का सूर्य उदय होगा। यह सूरज सिर्फ रोशनी नहीं देगा, बल्कि अपनी किरणों से चंगाई भी लाएगा। सोचो, जैसे कोई बछड़ा पूरी सर्दी बाड़े में बंद रहने के बाद पहली बार बाहर निकलता है और खुशी से उछलने-कूदने लगता है, वैसे ही ये लोग खुशी से भर जाएँगे।
फिर परमेश्वर याद दिलाते हैं कि इस्राएल के लोग मूसा की व्यवस्था को न भूलें, जो होरेब पर्वत पर दी गई थी। और सबसे दिलचस्प बात आखिर में आती है, वह बड़ा दिन आने से पहले परमेश्वर एलिय्याह नबी को भेजेंगे। उसका काम होगा माता-पिता के दिल को बच्चों की ओर, और बच्चों के दिल को माता-पिता की ओर फेरना, ताकि परमेश्वर आकर पृथ्वी को नाश न करें।
What Does This Mean?
यह अध्याय दो सच्चाइयों को एक साथ रखता है, जो पहली नज़र में एक-दूसरे से टकराती लगती हैं। एक तरफ परमेश्वर न्यायी हैं, बुराई हमेशा के लिए नहीं चलेगी। दूसरी तरफ परमेश्वर चंगा करने वाले और भला करने वाले हैं। यह न्याय और यह उपचार दोनों एक ही परमेश्वर से आते हैं, और यह हमें सोचने पर मजबूर करता है, क्या ये दोनों बातें साथ हो सकती हैं?
शायद जवाब यह है, परमेश्वर बुराई से इसलिए नफरत करते हैं क्योंकि वे अपने लोगों से प्यार करते हैं। जो लोग परमेश्वर का भय मानते हैं, यानी उन्हें गंभीरता से लेते हैं, उनके लिए वही आग डरावनी नहीं बल्कि सूरज जैसी गर्मी और रोशनी बन जाती है। यह बात हर बार समझ में नहीं आती, और यह ठीक भी है कि हम इस पर सवाल पूछें।
एलिय्याह के आने की बात भी खास है। परिवारों में दिलों का फिर से जुड़ना, यह कोई छोटी बात नहीं। परमेश्वर चाहते हैं कि पीढ़ियाँ एक-दूसरे से कटी न रहें।
The Common Thread
नए नियम में हमें पता चलता है कि यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाला उसी एलिय्याह की आत्मा और सामर्थ्य में आया, जिसने लोगों को यीशु मसीह के लिए तैयार किया। यानी मलाकी का यह वादा सैकड़ों साल बाद पूरा हुआ, ठीक उसी तरीके से जैसा लिखा था, दिलों को मोड़ने के काम से।
और वह धार्मिकता का सूर्य, जो चंगाई की किरणों के साथ उदय होता है, यह यीशु मसीह की ओर इशारा करता है। वे ही सच्चे उजाले हैं जो अंधकार में आए। वे न्याय भी करेंगे, और वे ही चंगा भी करते हैं, क्रूस पर उन्होंने वह आग अपने ऊपर सह ली जो हमारे लिए थी। इस तरह मलाकी की किताब, पुराने नियम की आखिरी किताब, हमें आगे यीशु की ओर देखने के लिए तैयार करती है।
For You
तुम शायद कभी सोचते होगे, परमेश्वर मुझसे नाराज़ होंगे या मुझसे प्यार करते हैं? यह अध्याय कहता है, दोनों बातें एक साथ सच हो सकती हैं। परमेश्वर बुराई से नफरत करते हैं, पर तुमसे नहीं। जब तुम उनका भय मानते हो, यानी उन्हें गंभीरता से लेते हो और उनकी बात सुनते हो, तो वही आग तुम्हारे लिए चंगाई का सूरज बन जाती है।
और परिवारों की बात भी तुम्हारे लिए है। कभी माता-पिता और बच्चों के बीच बातें अटक जाती हैं, गलतफहमियाँ हो जाती हैं। परमेश्वर चाहते हैं कि दिल एक-दूसरे की ओर मुड़ें, न कि दूर हों। शायद आज ही तुम अपने घर में इसकी शुरुआत कर सको, एक छोटी बात से, एक माफी से, या बस थोड़ा ज्यादा सुनकर।
Talk About It
क्या तुम्हें लगता है परमेश्वर का न्यायी होना और प्यार करने वाला होना, दोनों बातें साथ हो सकती हैं? क्यों?
तुम्हारे परिवार में दिलों को एक-दूसरे की ओर मोड़ने के लिए तुम आज क्या कर सकते हो?
Praying Together
हे परमेश्वर, आप न्यायी हैं और आप ही हमें चंगा भी करते हैं। हमें अपने नाम का सच्चा भय मानना सिखाइए, ताकि हम आपसे डरें नहीं बल्कि आपसे प्रेम करें। हमारे परिवारों के दिलों को एक-दूसरे की ओर मोड़िए। हमें यीशु मसीह पर भरोसा करना सिखाइए, जो हमारे लिए धार्मिकता के सूर्य बनकर आए। आमीन।
मलाकी 4 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
मलाकी 4 किस विषय में है?
मलाकी 4 क्या कहता है?
मलाकी 4 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
बच्चे मलाकी 4 से क्या सीख सकते हैं?
मलाकी 4 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
भविष्यद्वक्ताओं की आवाज़ अब चुप होने वाली थी, चार सौ साल की शान्ति आने वाली थी। और परमेश्वर का अन्तिम वचन कोई नई बात नहीं, बल्कि यह था: "मेरे दास मूसा की व्यवस्था... उनको स्मरण रखो।"
कभी सोचा है? तुम्हें नए दर्शन की ज़रूरत नहीं, जो कहा गया है उसे याद रखने की ज़रूरत है। जो बात तुम भूल चुके हो, वही अकसर वह होती है जो परमेश्वर ने आज के दिन के लिए तुम्हें दी थी।
देखो, यहोवा के उस बड़े और भयानक दिन के आने से पहले, मैं तुम्हारे पास एलिय्याह नबी को भेजूँगा।" पुराने नियम का आखिरी पन्ना धमकी से नहीं, एक वादे से बंद होता है। न्याय का दिन आने से पहले परमेश्वर किसी को भेजता है, ताकि तू तैयार हो सके। सोच, आज तेरे जीवन में वह चेतावनी देनेवाली आवाज़ कौन है, जिसे तू अनसुना कर रहा है?
देखो, वह दिन आता है जो भट्ठे के समान धधकता होगा।" मलाकी के दिनों में लोग कुड़कुड़ा रहे थे कि घमंडी ही फल फूल रहे हैं। परमेश्वर उनकी असलियत एक शब्द में खोल देते हैं: भूसा। बाहर से लहलहाता पेड़, भीतर से सूखी भूसी, "न जड़ बचेगी और न शाखा।" जिन बातों पर तू आज इतराता है, ज़रा पूछ, उनकी जड़ कहाँ है?
परमेश्वर का आखिरी वचन मंदिर के बारे में नहीं, घर के बारे में है: "वह पिताओं के मन को बच्चों की ओर और बच्चों के मन को उनके पिताओं की ओर फेरेगा।" उसकी बड़ी योजना उसी मेज़ तक उतरती है जहाँ तू रोज़ बैठता है। जिस अपने से तूने चुपचाप मन हटा लिया है, क्या आज वह मन फिर मुड़ सकता है?
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