3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

मरकुस 16

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

अभी बहुत सवेरा था। आकाश धीरे-धीरे हल्का हो रहा था। सूरज बस-बस निकला था।

तीन औरतें रास्ते पर चल रही थीं। उनके नाम थे मरियम मगदलीनी, मरियम और सलोमी। उनके हाथों में छोटी-छोटी शीशियाँ थीं। उन शीशियों में मीठी खुशबू वाला तेल था।

वे बहुत उदास थीं। रोई हुई आँखें। क्योंकि यीशु मर गए थे। यीशु को एक कब्र में रखा गया था।

चलते-चलते वे बात कर रही थीं। "उस भारी पत्थर को कौन हटाएगा?" कब्र के सामने एक बहुत बड़ा पत्थर था। इतना भारी! वे उसे हिला भी नहीं सकती थीं।

फिर वे कब्र के पास पहुँचीं। उन्होंने आँखें उठाकर देखा। और… पत्थर हट गया था! वह लुढ़का हुआ पड़ा था।

औरतें धीरे-धीरे कब्र के भीतर गईं। वहाँ कोई बैठा था। एक जवान, सफेद चमकते कपड़ों में। औरतें चौंक गईं।

उसने कहा, "डरो मत। तुम यीशु को ढूँढ़ती हो। वह यहाँ नहीं है। वह जी उठा है! देखो, यहीं उन्होंने उसे रखा था।"

खाली। कब्र खाली थी।

औरतें दौड़कर बाहर भागीं। उनका दिल जोर-जोर से धड़क रहा था।

इसका क्या मतलब है?

और फिर कुछ और हुआ। और भी सुंदर।

यीशु खुद आए। मरियम ने उन्हें देखा! जीवित। खड़े हुए। बोलते हुए।

मरियम दौड़कर दोस्तों के पास गई। वे रो रहे थे। मरियम ने कहा, "यीशु जीवित हैं! मैंने उन्हें देखा!"

पर उन्होंने विश्वास नहीं किया। नहीं, नहीं।

तब यीशु खुद उनके पास आए। वे खाना खा रहे थे। और यीशु वहाँ खड़े थे। सचमुच। अब वे देख सकते थे।

यीशु मर गए थे। और अब यीशु जीवित हैं। यह सबसे बड़ी खुशखबरी है।

एक ही धागा

यीशु ने अपने दोस्तों से कहा, "जाओ। सारी दुनिया में जाओ। सब लोगों को यह खुशखबरी सुनाओ।"

फिर यीशु ऊपर उठा लिए गए। स्वर्ग में, परमेश्वर के पास।

और उनके दोस्त गए। हर जगह गए। वे सबको बताते रहे, "यीशु जीवित हैं!" और यीशु उनके साथ थे। हर दिन। हर कदम पर।

वे बता रहे थे, और फिर उनके बच्चे, और फिर उनके बच्चे। और आज कोई तुम्हें बता रहा है। अभी। यहीं।

तुम्हारे लिये

सोचो, तुम भी बता सकते हो!

तुम अपनी मम्मी को बता सकते हो। अपने भाई को। दादी को। खेल के साथी को।

तीन छोटे शब्द: "यीशु जीवित हैं!"

क्या तुम ये शब्द जोर से बोल सकते हो? एक बार और? बहुत अच्छा।

इस पर बात करें

औरतें कब्र के पास आईं और पत्थर हट गया था। तुम्हें कैसा लगता, अगर तुम वहाँ होते?

तुम किसको बताना चाहोगे कि यीशु जीवित हैं?

मिलकर प्रार्थना करें

प्रभु यीशु, आप जीवित हैं। कब्र खाली है। हुर्रे! मैं बहुत खुश हूँ। मैं भी बताना चाहता हूँ। आप मेरे साथ रहिए, हर दिन। आमीन।

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मरकुस 16 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

मरकुस 16 किस विषय में है?
अभी बहुत सवेरा था। आकाश धीरे-धीरे हल्का हो रहा था। सूरज बस-बस निकला था।
मरकुस 16 क्या कहता है?
फिर वे कब्र के पास पहुँचीं। उन्होंने आँखें उठाकर देखा। और... पत्थर हट गया था! वह लुढ़का हुआ पड़ा था।
मरकुस 16 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
यीशु खुद आए। मरियम ने उन्हें देखा! जीवित। खड़े हुए। बोलते हुए।
नन्हे बच्चे मरकुस 16 से क्या सीख सकते हैं?
और उनके दोस्त गए। हर जगह गए। वे सबको बताते रहे, "यीशु जीवित हैं!" और यीशु उनके साथ थे। हर दिन। हर कदम पर।
मरकुस 16 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
औरतें कब्र के पास आईं और पत्थर हट गया था। तुम्हें कैसा लगता, अगर तुम वहाँ होते?

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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