3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

प्रेरितों के काम 4

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

सुनो, एक बहुत ही खास कहानी। पतरस और यूहन्ना दो अच्छे दोस्त थे। वे यीशु से बहुत प्यार करते थे। वे लोगों को यीशु के बारे में बता रहे थे।

पर देखो, कुछ लोग गुस्सा हो गए। बहुत गुस्सा। वे कहने लगे, "चुप हो जाओ! यीशु के बारे में मत बोलो!"

उन्होंने पतरस और यूहन्ना को पकड़ लिया। और उन्हें एक बंद कमरे में डाल दिया। रात हो गई थी। कमरा अंधेरा था। पर पतरस और यूहन्ना डरे नहीं। परमेश्वर उनके साथ थे।

अगले दिन सुबह हुई। बड़े-बड़े लोग आ गए। सब पतरस और यूहन्ना के चारों तरफ खड़े हो गए। वे कड़ी आवाज़ में बोले, "तुमने यह कैसे किया?"

पतरस के दिल में पवित्र आत्मा थे। पतरस को डर नहीं लगा। पतरस बोला, "यीशु के नाम से! यीशु ही सब कुछ कर सकते हैं।"

बड़े लोग हैरान हो गए। वे बोले, "इनको धमकाओ! कहो कि यीशु का नाम फिर मत लेना।"

पर पतरस और यूहन्ना बोले, "नहीं। हम चुप नहीं रह सकते। हमने यीशु को देखा है। हम बोलेंगे।"

What Does This Mean?

फिर पतरस और यूहन्ना छूट गए। वे भागकर अपने दोस्तों के पास गए। सब दोस्त इकट्ठे थे। पतरस ने सब कुछ बताया।

और फिर पता है क्या हुआ? सब दोस्तों ने हाथ जोड़े। सब ने मिलकर परमेश्वर से बात की। सब ने कहा, "हे परमेश्वर, आप बड़े हैं। आपने आसमान बनाया। आपने समुद्र बनाया। आप सब कुछ कर सकते हैं। हमें हिम्मत दीजिए!"

और फिर, वाह! पूरा कमरा हिल गया। ज़मीन हिली। परमेश्वर ने सुन लिया! सब के दिल में पवित्र आत्मा भर गए। और सब फिर से यीशु के बारे में बताने लगे। बिना डर के।

The Common Thread

देखो, यीशु का नाम बहुत ताकतवर है। इतना ताकतवर कि पतरस डरता नहीं। इतना ताकतवर कि कमरा हिल जाता है।

यीशु ने कहा था, "मैं तुम्हारे साथ हूँ।" और यीशु सच में साथ थे। पतरस अकेला नहीं था। यूहन्ना अकेला नहीं था। परमेश्वर ने उनकी बात सुनी। परमेश्वर हमारी भी बात सुनते हैं।

For You

क्या तुम्हें कभी डर लगता है? रात में अंधेरे में? या जब कोई ज़ोर से बोलता है?

तुम भी परमेश्वर से बात कर सकते हो। बिल्कुल पतरस की तरह। परमेश्वर सुनते हैं। परमेश्वर तुम्हें हिम्मत देते हैं। तुम्हारा दिल शांत हो जाता है। क्योंकि यीशु तुम्हारे साथ हैं।

Talk About It

पतरस डर क्यों नहीं गया? कौन उसके साथ था?

तुम्हें कब हिम्मत चाहिए होती है?

Praying Together

प्रिय परमेश्वर, आप बहुत बड़े हैं। आपने आसमान बनाया। आप मेरी बात सुनते हैं। जब मुझे डर लगे, मुझे हिम्मत दीजिए। यीशु के नाम से। आमीन।

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प्रेरितों के काम 4 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

प्रेरितों के काम 4 किस विषय में है?
सुनो, एक बहुत ही खास कहानी। पतरस और यूहन्ना दो अच्छे दोस्त थे। वे यीशु से बहुत प्यार करते थे। वे लोगों को यीशु के बारे में बता रहे थे।
प्रेरितों के काम 4 क्या कहता है?
अगले दिन सुबह हुई। बड़े-बड़े लोग आ गए। सब पतरस और यूहन्ना के चारों तरफ खड़े हो गए। वे कड़ी आवाज़ में बोले, "तुमने यह कैसे किया?"
प्रेरितों के काम 4 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
पर पतरस और यूहन्ना बोले, "नहीं। हम चुप नहीं रह सकते। हमने यीशु को देखा है। हम बोलेंगे।"
नन्हे बच्चे प्रेरितों के काम 4 से क्या सीख सकते हैं?
और फिर, वाह! पूरा कमरा हिल गया। ज़मीन हिली। परमेश्वर ने सुन लिया! सब के दिल में पवित्र आत्मा भर गए। और सब फिर से यीशु के बारे में बताने लगे। बिना डर के।
प्रेरितों के काम 4 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
क्या तुम्हें कभी डर लगता है? रात में अंधेरे में? या जब कोई ज़ोर से बोलता है?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 3

और उन्होंने उन्हें पकड़कर दूसरे दिन तक हिरासत में रखा, क्योंकि संध्या हो गई थी।" पतरस और यूहन्ना का वह पहला दिन जेल में बीता। पर उसी शाम, जब वे सलाखों के पीछे थे, पाँच हज़ार लोगों ने वचन मान लिया। तुम्हें रोका जा सकता है, तुम्हारे वचन को नहीं। आज अगर कोई दरवाज़ा तुम पर बंद हुआ है, याद रखो, परमेश्वर का काम उस रात भी नहीं रुका।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 9

पतरस के शब्दों में एक गहरी विडंबना छिपी है: "यदि आज हम से इस दुर्बल मनुष्य के साथ किए गए उपकार के विषय में पूछा जाता है कि वह किस रीति से अच्छा हुआ।" एक भले काम के लिए कठघरे में खड़ा होना। कभी सोचा है, तेरी भलाई भी शायद सवालों के घेरे में आए? पतरस ने बचाव नहीं, बल्कि यीशु का नाम बोला।

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हमारे पास प्राथमिक आयु (7-12) और किशोरों (12 और उससे ऊपर) के लिए भी विशेष संस्करण हैं।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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