3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

मरकुस 5

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

समझ में आना

एक झील थी। बहुत बड़ी झील। यीशु और उनके दोस्त नाव में बैठे थे।

नाव किनारे पर लगी। तभी एक आदमी दौड़ता हुआ आया। बेचारा आदमी। वह कब्रों के पास रहता था। कोई भी उसे रोक नहीं पाता था। वह रात-दिन चिल्लाता रहता था।

पर वह आदमी यीशु को देखते ही दौड़ा। और उनके पाँवों पर गिर गया। यीशु ने उसे ठीक कर दिया। एकदम शांत हो गया वह आदमी। अब वह डरता नहीं था।

लोगों ने यह देखा। वे बहुत हैरान हुए।

फिर यीशु फिर से नाव में बैठे। पार गए। वहाँ बहुत सारे लोग इकट्ठे हो गए। एक आदमी दौड़ता आया। उसका नाम याईर था। वह यीशु के पाँवों पर गिर गया।

"मेरी छोटी बेटी मरने पर है," उसने कहा। "आइए, उसे छू दीजिए।"

यीशु उसके साथ चले। भीड़ भी पीछे-पीछे चली। धक्का-मुक्की हो रही थी।

रास्ते में एक स्त्री थी। बारह साल से बीमार थी। वह चुपचाप पीछे से आई। और यीशु के कपड़े को छू लिया। बस, इतना ही।

तुरंत वह ठीक हो गई। यीशु रुके। उन्होंने पूछा, "किसने मुझे छुआ?"

स्त्री डर गई। काँपते हुए आई। सब सच बता दिया।

यीशु ने प्यार से कहा, "बेटी, तेरे विश्वास ने तुझे चंगा किया है। कुशल से जा।"

इसका अर्थ क्या है?

पर तभी बुरी खबर आई। "तेरी बेटी मर गई," लोगों ने कहा।

यीशु ने कहा, "मत डर, केवल विश्वास रख।"

वे याईर के घर गए। बहुत लोग रो रहे थे। चिल्ला रहे थे।

यीशु भीतर गए। लड़की का हाथ पकड़ा। और बोले, "हे लड़की, मैं तुझ से कहता हूँ, उठ।"

समान सूत्र

लड़की तुरंत उठ गई! वह चलने लगी। खाना भी माँगने लगी।

यीशु के पास ऐसी शक्ति है जो कहीं और नहीं मिलती। बीमार आदमी को शांत किया। स्त्री को ठीक किया। और मरी हुई लड़की को भी जगा दिया। यीशु परमेश्वर के पुत्र हैं। इसलिए वे यह सब कर सकते हैं।

आपके लिए

तुम भी यीशु के पास आ सकते हो। जब तुम डरते हो, तब भी। यीशु कहते हैं, "मत डर।" वे तुम्हारे पास हैं, ठीक अभी।

बात करें

अगर तुम उस डरी हुई स्त्री की जगह होते, तो तुम्हें क्या लगता?

यीशु ने याईर से कहा "मत डर।" कब तुम्हें डर लगता है?

साथ में प्रार्थना

प्यारे यीशु, आप बहुत शक्तिशाली हैं। आप बीमारों को ठीक करते हैं। जब मुझे डर लगे, आप पास रहिए। मुझे भी आप पर विश्वास दीजिए। आमीन।

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मरकुस 5 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

मरकुस 5 किस विषय में है?
एक झील थी। बहुत बड़ी झील। यीशु और उनके दोस्त नाव में बैठे थे।
मरकुस 5 क्या कहता है?
फिर यीशु फिर से नाव में बैठे। पार गए। वहाँ बहुत सारे लोग इकट्ठे हो गए। एक आदमी दौड़ता आया। उसका नाम याईर था। वह यीशु के पाँवों पर गिर गया।
मरकुस 5 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
रास्ते में एक स्त्री थी। बारह साल से बीमार थी। वह चुपचाप पीछे से आई। और यीशु के कपड़े को छू लिया। बस, इतना ही।
नन्हे बच्चे मरकुस 5 से क्या सीख सकते हैं?
यीशु भीतर गए। लड़की का हाथ पकड़ा। और बोले, "हे लड़की, मैं तुझ से कहता हूँ, उठ।"
मरकुस 5 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
अगर तुम उस डरी हुई स्त्री की जगह होते, तो तुम्हें क्या लगता?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 1

वे झील के पार गिरासेनियों के देश में पहुँचे।" तूफान झेला, रात भर की नाव, और किनारे पर कौन खड़ा था? सिर्फ एक आदमी, जिसे सब ने कब्रों में छोड़ दिया था। यीशु ने पूरी झील इसलिए पार की कि एक टूटे हुए इंसान तक पहुँच सके। तुम्हें लगता है तुम्हारा कोना बहुत दूर है? वह वहाँ भी नाव मोड़ देता है।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 14

सूअर चराने वालों ने भागकर पूरे इलाके में खबर फैला दी, "और लोग यह देखने आए कि क्या हुआ है।" भीड़ दौड़ी चली आई, पर देखने के बाद उन्होंने यीशु से चले जाने को कहा। सोचो, खबर फैलाना और उत्सुकता से दौड़ना काफी नहीं था। तुम भी यीशु के पास आए हो, पर किसलिए? बस कुछ देखने, या उसे अपने बीच रखने?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 23

याईर आराधनालय का सरदार था, इज़्ज़तदार आदमी। पर बेटी की सांस टूटती देख वह भीड़ के बीच यीशु के पाँवों पर गिर पड़ा और गिड़गिड़ाकर कहा, "मेरी छोटी बेटी मरने पर है; तू आकर उस पर हाथ रख, कि वह चंगी होकर जीवित रहे।" पद नहीं, प्यार बोल रहा था। तेरी कौन सी चिंता है जिसे तू अब तक इज़्ज़त के डर से उसके सामने नहीं रख पाया?

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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