3 से 5 वर्ष के बच्चे के लिए

नहेम्याह 10

छोटे बच्चे और प्री स्कूल (3 से 5 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

एक दिन, बहुत सारे लोग इकट्ठा हुए। बड़े लोग, बच्चे, सब वहाँ खड़े थे। नहेम्याह भी वहाँ खड़ा था। याजक भी वहाँ थे, और लेवीय भी। सब चुपचाप खड़े थे, थोड़ा गंभीर। उनके सामने एक बड़ा कागज़ रखा था। उस कागज़ पर नाम लिखे थे। बहुत सारे नाम, एक के बाद एक। नहेम्याह का नाम सबसे पहले लिखा था। फिर याजकों के नाम। फिर लेवियों के नाम। फिर बाकी सब लोगों के नाम। हर कोई अपनी छाप लगा रहा था। छाप यानी अपना खास निशान। निशान लगाकर हर एक कह रहा था, "यह मेरा वादा है।"

इसका अर्थ क्या है?

लोगों ने परमेश्वर से एक वादा किया। उन्होंने कहा, "हम आपकी बात मानेंगे।" "हम आपके सब नियम मानेंगे।" यह छोटा वादा नहीं था। यह एक बड़ा, सच्चा वादा था। हर एक ने अपने मुँह से कहा हाँ। पापा ने कहा हाँ। माँ ने कहा हाँ। जो बच्चे समझ सकते थे, उन्होंने भी कहा हाँ। सारा शहर एक साथ परमेश्वर से बोल रहा था।

मुख्य सूत्र

लोगों ने एक और बात कही। उन्होंने कहा, "हम परमेश्वर के भवन का ध्यान रखेंगे।" वे रोटी लाएँगे, ताज़ी और नरम। वे तेल लाएँगे, चमकदार और साफ। वे फल लाएँगे, मीठे और रसीले। वे लकड़ी लाएँगे, आग जलाने के लिए। परमेश्वर का भवन कभी खाली नहीं रहेगा। वहाँ हमेशा कुछ न कुछ होगा, परमेश्वर के लिए। परमेश्वर अपने लोगों से बहुत प्यार करते हैं। इसलिए लोग भी अपना प्यार दिखाना चाहते थे। वे कुछ देना चाहते थे, परमेश्वर को।

तुम्हारे लिए

तुम भी परमेश्वर से प्यार कर सकते हो। तुम भी कह सकते हो, "मैं आपकी बात मानूँगा।" शायद तुम भी एक दिन कागज़ पर अपना नाम लिखोगे। अभी तुम कुछ और भी कर सकते हो। तुम परमेश्वर को धन्यवाद कह सकते हो। तुम अपना पसंदीदा खिलौना किसी दोस्त को दे सकते हो। यह भी एक छोटा वादा है, परमेश्वर के लिए।

बात करें

अगर तुम उस बड़े कागज़ पर अपना नाम लिखते, तो क्या लिखते?

तुम परमेश्वर के घर में क्या लाना चाहोगे, रोटी, फल, या कुछ और?

साथ मिलकर प्रार्थना करें

प्रिय परमेश्वर, वे सब लोग आपसे प्यार करते थे। मैं भी आपसे प्यार करना चाहता हूँ। मुझे सिखाइए, आपकी बात मानना। आमीन।

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नहेम्याह 10 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

नहेम्याह 10 किस विषय में है?
एक दिन, बहुत सारे लोग इकट्ठा हुए। बड़े लोग, बच्चे, सब वहाँ खड़े थे। नहेम्याह भी वहाँ खड़ा था। याजक भी वहाँ थे, और लेवीय भी। सब चुपचाप खड़े थे, थोड़ा गंभीर। उनके सामने एक बड़ा कागज़ रखा था। उस कागज़ पर नाम लिखे थे। बहुत सारे नाम, एक के बाद एक। नहेम्याह का नाम सबसे पहले लिखा था। फिर याजकों के नाम। फिर लेवियों के नाम। फिर बाकी सब लोगों के नाम। हर कोई अपनी छाप लगा रहा था। छाप यानी अपना खास निशान। निशान लगाकर हर एक कह रहा था, "यह मेरा वादा है।"
नहेम्याह 10 क्या कहता है?
लोगों ने परमेश्वर से एक वादा किया। उन्होंने कहा, "हम आपकी बात मानेंगे।" "हम आपके सब नियम मानेंगे।" यह छोटा वादा नहीं था। यह एक बड़ा, सच्चा वादा था। हर एक ने अपने मुँह से कहा हाँ। पापा ने कहा हाँ। माँ ने कहा हाँ। जो बच्चे समझ सकते थे, उन्होंने भी कहा हाँ। सारा शहर एक साथ परमेश्वर से बोल रहा था।
नहेम्याह 10 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
लोगों ने एक और बात कही। उन्होंने कहा, "हम परमेश्वर के भवन का ध्यान रखेंगे।" वे रोटी लाएँगे, ताज़ी और नरम। वे तेल लाएँगे, चमकदार और साफ। वे फल लाएँगे, मीठे और रसीले। वे लकड़ी लाएँगे, आग जलाने के लिए। परमेश्वर का भवन कभी खाली नहीं रहेगा। वहाँ हमेशा कुछ न कुछ होगा, परमेश्वर के लिए। परमेश्वर अपने लोगों से बहुत प्यार करते हैं। इसलिए लोग भी अपना प्यार दिखाना चाहते थे। वे कुछ देना चाहते थे, परमेश्वर को।
नन्हे बच्चे नहेम्याह 10 से क्या सीख सकते हैं?
तुम भी परमेश्वर से प्यार कर सकते हो। तुम भी कह सकते हो, "मैं आपकी बात मानूँगा।" शायद तुम भी एक दिन कागज़ पर अपना नाम लिखोगे। अभी तुम कुछ और भी कर सकते हो। तुम परमेश्वर को धन्यवाद कह सकते हो। तुम अपना पसंदीदा खिलौना किसी दोस्त को दे सकते हो। यह भी एक छोटा वादा है, परमेश्वर के लिए।
नहेम्याह 10 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
तुम परमेश्वर के घर में क्या लाना चाहोगे, रोटी, फल, या कुछ और?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 13

होदिय्याह, बानी, बनीनू।" बस तीन नाम, और कुछ नहीं। न कोई कहानी, न कोई चमत्कार। पर ये वे लोग हैं जिन्होंने वाचा पर मुहर लगाई, जिन्होंने कहा कि हम परमेश्वर के होकर जिएँगे। तेरा नाम भी शायद किसी को याद न रहे। पर जिस दिन तूने चुपचाप हाँ कहा, वह उसकी पुस्तक में लिखा गया।

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