3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

नहेम्याह 4

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

एक शहर था। उसका नाम था यरूशलेम। उसकी दीवार टूटी हुई थी। नहेम्याह और उसके साथी दीवार बना रहे थे। वे ईंट पर ईंट रखते थे। पत्थर पर पत्थर रखते थे।

पर कुछ लोग यह देखकर खुश नहीं थे। उनका नाम था सम्बल्लत और तोबियाह। वे गुस्सा हो गए। वे हँसने लगे। उन्होंने कहा, "ये कमज़ोर लोग दीवार नहीं बना सकते।" उनकी बातें चुभती थीं। बहुत चुभती थीं।

नहेम्याह ने क्या किया? वह परमेश्वर के पास गया। उसने कहा, "हे हमारे परमेश्वर सुन ले।" उसने ज़ोर से नहीं लड़ा। उसने पहले प्रार्थना की।

फिर क्या हुआ? दीवार और ऊँची हो गई। आधी ऊँचाई तक पहुँच गई। क्योंकि लोगों का मन काम में लगा रहा।

इसका अर्थ क्या है?

दुश्मन अब और गुस्सा हुए। उन्होंने कहा, "चलो, जाकर उन पर हमला करें।" यह सुनकर यहूदी डर गए। बहुत डर गए।

पर नहेम्याह ने फिर प्रार्थना की। और उसने एक काम किया। उसने पहरेदार बिठाए। दिन में भी, रात में भी। कुछ लोग दीवार बनाते थे। कुछ लोग तलवार और भाला पकड़े रहते थे।

नहेम्याह ने सबसे कहा, "उनसे मत डरो। प्रभु को स्मरण करो, वे महान हैं।" सुनो, कितनी अच्छी बात है। वह डरा नहीं। उसने परमेश्वर को याद किया।

समान सूत्र

परमेश्वर ने नहेम्याह की सुनी। उसने कहा, "हमारा परमेश्वर हमारी ओर से लड़ेगा।" और सच में, दुश्मन कुछ न कर सके।

यीशु मसीह भी ऐसे ही हैं। जब हम डरते हैं, वे हमारे साथ लड़ते हैं। हमें अकेले नहीं लड़ना पड़ता। परमेश्वर हमेशा सुनते हैं, जब हम उनसे बात करते हैं।

तुम्हारे लिए

कभी तुम भी डरते हो न? अंधेरे से, या किसी बड़ी आवाज़ से? नहेम्याह ने क्या किया, याद है? उसने परमेश्वर से बात की।

तुम भी कर सकते हो। जब डर लगे, परमेश्वर से कहो, "मुझे डर लग रहा है।" वे सुनेंगे। वे तुम्हारे साथ रहेंगे, जैसे वे नहेम्याह के साथ रहे।

काम भी करते रहो, हाथ में काम लिए, दिल में परमेश्वर को लिए।

आपस में बात करें

नहेम्याह ने डर लगने पर पहले क्या किया?

तुम्हें कब डर लगता है? तब तुम परमेश्वर से क्या कह सकते हो?

संग मिलकर प्रार्थना

हे परमेश्वर, धन्यवाद कि आप सुनते हैं। जब हमें डर लगे, हमें याद दिलाएँ, कि आप हमारे पास हैं। आप हमारी ओर से लड़ते हैं। यीशु के नाम में, आमीन।

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नहेम्याह 4 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

नहेम्याह 4 किस विषय में है?
एक शहर था। उसका नाम था यरूशलेम। उसकी दीवार टूटी हुई थी। नहेम्याह और उसके साथी दीवार बना रहे थे। वे ईंट पर ईंट रखते थे। पत्थर पर पत्थर रखते थे।
नहेम्याह 4 क्या कहता है?
फिर क्या हुआ? दीवार और ऊँची हो गई। आधी ऊँचाई तक पहुँच गई। क्योंकि लोगों का मन काम में लगा रहा।
नहेम्याह 4 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
नहेम्याह ने सबसे कहा, "उनसे मत डरो। प्रभु को स्मरण करो, वे महान हैं।" सुनो, कितनी अच्छी बात है। वह डरा नहीं। उसने परमेश्वर को याद किया।
नन्हे बच्चे नहेम्याह 4 से क्या सीख सकते हैं?
कभी तुम भी डरते हो न? अंधेरे से, या किसी बड़ी आवाज़ से? नहेम्याह ने क्या किया, याद है? उसने परमेश्वर से बात की।
नहेम्याह 4 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
हे परमेश्वर, धन्यवाद कि आप सुनते हैं। जब हमें डर लगे, हमें याद दिलाएँ, कि आप हमारे पास हैं। आप हमारी ओर से लड़ते हैं। यीशु के नाम में, आमीन।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 15

शत्रु की साज़िश टूट गई, और उसके बाद क्या हुआ? कोई जश्न नहीं, कोई युद्ध नहीं। "तब हम सब के सब शहरपनाह के पास लौटकर अपना-अपना काम करने लगे।" परमेश्वर ने बचाया, और वे फिर से ईंट उठाने लगे। कभी-कभी विश्वास की सबसे बड़ी जीत यही होती है कि डर के बाद तुम चुपचाप अपने अधूरे काम पर लौट आते हो।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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