3 से 5 वर्ष के बच्चे के लिए

गिनती 2

छोटे बच्चे और प्री स्कूल (3 से 5 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

बहुत बड़ा रेगिस्तान था। गरम, और सूखा, और बहुत बड़ा।

वहाँ इस्राएल के लोग अपने तंबुओं में रहते थे। एक, दो, तीन, बहुत सारे तंबू।

बीच में एक खास तंबू था। उसका नाम था मिलापवाला तंबू। वहाँ परमेश्वर रहते थे।

परमेश्वर ने मूसा से कहा, "सुनो, मूसा।" मूसा ने ध्यान से सुना।

परमेश्वर ने कहा, हर परिवार अपनी जगह पर डेरा डाले। कोई इधर-उधर नहीं। हर एक अपने झंडे के पास।

पूर्व दिशा में, जहाँ सूरज उगता है, वहाँ यहूदा के लोग रहें। उनके पास बड़ा झंडा था। हवा में फहराता हुआ।

दक्षिण में रूबेन के लोग। पश्चिम में एप्रैम के लोग। उत्तर में दान के लोग।

और बीच में, सबसे बीच में, मिलापवाला तंबू। परमेश्वर का घर।

इसका क्या मतलब है?

सोचो, कितने लोग थे। गिनो तो थक जाओ। छः लाख से भी ज्यादा पुरुष।

फिर भी हर एक का नाम था। हर एक का परिवार था। हर एक की अपनी जगह थी।

कोई खोया नहीं। कोई भूला नहीं।

परमेश्वर ने हर परिवार को कहा, "तुम यहाँ रहोगे। ठीक यहाँ।" कितना अच्छा लगता है, जब तुम्हें पता हो तुम्हारी जगह कहाँ है।

और जब वे चलते थे, तब भी एक साथ चलते थे। कोई पीछे नहीं रह जाता था। पहले यहूदा, फिर रूबेन, फिर एप्रैम, फिर दान। एक कतार में, जैसे बड़ी सी परेड।

एक ही कहानी की कड़ी

परमेश्वर का घर बीच में था। याद रखो, ठीक बीच में।

इसका मतलब था, परमेश्वर उनसे दूर नहीं थे। वे पास थे। बहुत पास।

बहुत बाद में, परमेश्वर और भी पास आए। वे यीशु में इंसान बनकर आए। और भी पास। बिलकुल हमारे पास।

जैसे इस्राएल के लोग अपने तंबुओं से परमेश्वर के घर को देख सकते थे, वैसे ही अब हम यीशु की ओर देख सकते हैं। वे हमेशा हमारे पास हैं।

तुम्हारे लिए

क्या तुम्हें पता है तुम्हारा घर कहाँ है? तुम्हारा कमरा, तुम्हारा बिस्तर?

इस्राएल के हर परिवार को अपनी जगह पता थी। परमेश्वर ने उन्हें बताई थी।

परमेश्वर तुम्हें भी जानते हैं। तुम्हारा नाम जानते हैं। वे जानते हैं तुम कहाँ रहते हो।

और जब तुम डरो, याद रखना, परमेश्वर दूर नहीं हैं। वे पास हैं।

बात करें

तुम्हारे घर में कौन-कौन रहता है?

क्या तुम्हें अच्छा लगता है जब तुम्हें पता हो कि तुम्हारी जगह कहाँ है?

साथ में प्रार्थना

प्रिय परमेश्वर,

धन्यवाद कि आप हमसे दूर नहीं रहते।

धन्यवाद कि आप हमारा नाम जानते हैं।

हमें अपने पास रखिए, जैसे आपने इस्राएल को रखा।

आमीन।

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गिनती 2 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

गिनती 2 किस विषय में है?
वहाँ इस्राएल के लोग अपने तंबुओं में रहते थे। एक, दो, तीन, बहुत सारे तंबू।
गिनती 2 क्या कहता है?
परमेश्वर ने कहा, हर परिवार अपनी जगह पर डेरा डाले। कोई इधर-उधर नहीं। हर एक अपने झंडे के पास।
गिनती 2 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
सोचो, कितने लोग थे। गिनो तो थक जाओ। छः लाख से भी ज्यादा पुरुष।
नन्हे बच्चे गिनती 2 से क्या सीख सकते हैं?
और जब वे चलते थे, तब भी एक साथ चलते थे। कोई पीछे नहीं रह जाता था। पहले यहूदा, फिर रूबेन, फिर एप्रैम, फिर दान। एक कतार में, जैसे बड़ी सी परेड।
गिनती 2 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
क्या तुम्हें पता है तुम्हारा घर कहाँ है? तुम्हारा कमरा, तुम्हारा बिस्तर?

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